मोदी की अपील का दिखा असर? सोने की खरीद घटी, भारत का एक्सपोर्ट पहुंचा रिकॉर्ड स्तर पर
डॉलर बचाने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोना न खरीदने की हालिया अपील का असर अब धरातल पर आंकड़ों में साफ दिखने लगा है।
सरकार की ओर से जारी आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अगस्त महीने में भारत का स्वर्ण आयात गिरकर मात्र 2.3 अरब डॉलर रह गया। यदि पिछले साल के समान महीने यानी अगस्त की तुलना करें, तो उस समय देश ने 5.4 अरब डॉलर मूल्य का सोना आयात किया था। इस प्रकार चालू वित्त वर्ष के अगस्त में सोने के आयात बिल में 50 फीसदी से भी अधिक की भारी कमी दर्ज की गई है, जिससे विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत संभव हुई है।
वस्तु निर्यात 43.81 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर, 26.1% की रिकॉर्ड छलांग
गोल्ड इंपोर्ट में आई गिरावट के विपरीत भारत के निर्यात मोर्चे से ऐतिहासिक और बेहद उत्साहजनक आंकड़े सामने आए हैं। मंगलवार को वाणिज्य मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, अगस्त में देश का वस्तु निर्यात सालाना आधार पर 26.1 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाकर 43.81 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। यह भारतीय व्यापार इतिहास में किसी एक महीने के दौरान दर्ज किया गया वस्तु निर्यात का अब तक का सबसे उत्कृष्ट और मजबूत प्रदर्शन है। यह उछाल वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत के विनिर्माण और निर्यात सेक्टर की निरंतर मजबूती की पुष्टि करता है।
व्यापार घाटे में राहत, जानिए आयात और निर्यात का पूरा आंकड़ा
निर्यात की शानदार रफ्तार और सोने की खरीद में कमी के चलते देश के व्यापार घाटे (ट्रेड डेफिसिट) के मोर्चे पर भी राहत मिली है। अगस्त में व्यापार घाटा घटकर 26.86 अरब डॉलर रह गया, जो कि एक साल पहले समान अवधि में 27.22 अरब डॉलर था; वहीं चालू वर्ष के जुलाई माह में यह आंकड़ा 32 अरब डॉलर दर्ज किया गया था। अगस्त में कुल वस्तु आयात सालाना आधार पर 26 प्रतिशत बढ़कर 72.67 अरब डॉलर रहा, जो जुलाई के 76.22 अरब डॉलर के मुकाबले कम है। हालांकि, मासिक तुलना के लिहाज से अगस्त का निर्यात जुलाई के 44.24 अरब डॉलर के मुकाबले मामूली रूप से कम दर्ज किया गया।
इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम और केमिकल की दुनिया भर में बढ़ी मांग
वाणिज्य मंत्रालय के सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि निर्यात में आई इस जबर्दस्त तेजी के पीछे इंजीनियरिंग गुड्स, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, केमिकल्स और टेक्सटाइल सेक्टर का मुख्य योगदान रहा है। इन भारतीय उत्पादों की सबसे तगड़ी और व्यापक मांग संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ (EU) और ब्रिक्स (BRICS) देशों के बाजारों से दर्ज की गई, जिसके चलते भारतीय निर्यातकों को रिकॉर्ड ऑर्डर प्राप्त हुए।
चालू खाता घाटा (CAD) जीडीपी के 0.5% पर स्थिर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा चालू माह की शुरुआत में जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत का चालू खाता घाटा (CAD) 4.2 अरब डॉलर दर्ज किया गया। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, एलपीजी और फर्टिलाइजर की कीमतों में इजाफे के बावजूद यह घाटा नियंत्रित रहा और कुल जीडीपी का महज 0.5 प्रतिशत बना रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में सीएडी जीडीपी का 0.4 फीसदी आंका गया था।
रूस को पछाड़कर भारत बना चौथा सबसे बड़ा फॉरेक्स रिजर्व वाला देश
ब्लूमबर्ग के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक की 'फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक)' यानी एफसीएनआर (बी) डिपॉजिट स्कीम के जरिए अमेरिकी डॉलर के इनफ्लो में जबरदस्त उछाल दर्ज हुआ है। इस पूंजी प्रवाह के दम पर 4 सितंबर को समाप्त हुए हफ्ते में भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 44.9 अरब डॉलर की रिकॉर्ड साप्ताहिक बढ़त के साथ 785.7 अरब डॉलर के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया। इस ऐतिहासिक वृद्धि के साथ ही भारत ने रूस को पछाड़कर दुनिया में चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार रखने वाला देश बनने का गौरव हासिल कर लिया है। अब विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में भारत से आगे केवल चीन, जापान और स्विट्जरलैंड ही हैं।