पुरुषों के लिए साइलेंट किलर; जिसे आप समझ रहे हैं सिर्फ 'थकान', वो है इस जानलेवा बीमारी का पहला संकेत

पुरुषों के लिए साइलेंट किलर; जिसे आप समझ रहे हैं सिर्फ 'थकान', वो है इस जानलेवा बीमारी का पहला संकेत

आमतौर पर खून की कमी या एनीमिया को महिलाओं से जुड़ी समस्या समझा जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि पुरुष भी इसकी चपेट में बड़ी संख्या में आ रहे हैं। शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए आयरन एक अनिवार्य खनिज है, जो फेफड़ों से ऑक्सीजन खींचकर पूरे शरीर के अंगों और ऊतकों तक पहुंचाता है। जब शरीर में आयरन का स्तर गिरता है, तो हीमोग्लोबिन का उत्पादन धीमा पड़ जाता है, जिससे गंभीर एनीमिया की नौबत आ जाती है। फोर्टिस हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा में इंटरनल मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ. दिनेश कुमार के मुताबिक, पुरुषों में इसके लक्षणों को अक्सर भागदौड़ भरी जिंदगी की सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जो बाद में किसी गंभीर अंदरूनी बीमारी का रूप ले सकता है।

पुरुषों में आयरन की कमी का सबसे पहला और बड़ा संकेत बिना किसी भारी मेहनत के निरंतर थकान और सुस्ती महसूस होना है। पूरी नींद लेने के बाद भी अगर शरीर में ऊर्जा की कमी लगे, तो इसका साफ मतलब है कि अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पा रही है। इसके अलावा, थोड़ी सी सीढ़ियां चढ़ने या हल्की चहलकदमी पर सांस फूलना और दिल की धड़कनों का असामान्य रूप से तेज हो जाना भी अहम लक्षण है, क्योंकि घटते हीमोग्लोबिन के बीच अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए दिल को दोगुना जोर लगाना पड़ता है।

इसके कई शारीरिक संकेत भी चेहरे और त्वचा पर साफ झलकने लगते हैं। चेहरे का निस्तेज होना, आंखों की निचली पलकों के अंदरूनी हिस्से का सफेद पड़ना और नाखूनों में पीलापन आना खून की कमी की ओर इशारा करते हैं। दिमाग तक ऑक्सीजन का प्रवाह बाधित होने से निरंतर सिरदर्द, अचानक चक्कर आना और काम में फोकस न कर पाना जैसी मानसिक समस्याएं बढ़ जाती हैं। वहीं, कुछ पुरुषों में हाथ-पैर हमेशा ठंडे बने रहना, बाल तेजी से झड़ना और नाखूनों का पतला होकर टूटना भी इसी कमी के नतीजे होते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि पुरुषों में आयरन की कमी के पीछे केवल खराब खानपान ही नहीं, बल्कि कई गंभीर मेडिकल कारण भी हो सकते हैं। इनमें पेट या आंतों में अल्सर, पाचन तंत्र में सूजन, आंतरिक ब्लीडिंग या मल में बिना दिखे खून का रिसना शामिल है, जो शरीर के पूरे आयरन भंडार को सोख लेता है। ऐसी स्थिति में केवल लक्षण दबाने के बजाय तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

आयरन की कमी की सटीक पहचान के लिए डॉक्टर कम्प्लीट ब्लड काउंट (CBC), हीमोग्लोबिन, सीरम फेरिटिन और संपूर्ण आयरन प्रोफाइल जांच कराने की सलाह देते हैं। इस समस्या से बचने के लिए खानपान में हरी पत्तेदार सब्जियां, पालक, दालें, राजमा, भुना चना, सोयाबीन और तिल को शामिल करना बेहद जरूरी है। मांसाहारी लोग रेड मीट और मछली के जरिए इसे तेजी से पूरा कर सकते हैं। इसके साथ ही शरीर में आयरन के बेहतर अवशोषण के लिए डाइट में आंवला, नींबू, संतरा और अमरूद जैसे विटामिन-सी युक्त सुपरफूड्स को जोड़ना सबसे असरदार तरीका साबित होता है।