आधी रात को नींद में ही जिंदा जल गया बुजुर्ग दंपत्ति! हाथरस में आग का वो खौफनाक तांडव जिसे देख कांप उठा पूरा मोहल्ला
उत्तर प्रदेश के हाथरस शहर के सादाबाद कस्बे में गुरुवार तड़के दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। मोहल्ला कहारान स्थित एक रिहायशी मकान में आधी रात के बाद करीब 1:30 बजे अचानक भीषण आग भड़क उठी। उस वक्त घर में 70 वर्षीय शहजाद बेग और उनकी 65 वर्षीय पत्नी सलमा बेग गहरी नींद में सो रहे थे। दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कमरे में ही जिंदा जलकर दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के वक्त बुजुर्ग दंपति घर पर पूरी तरह अकेले थे।
मकान से आग की ऊंची लपटें और धुंआ उठता देख पड़ोसियों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत शहजाद के भाई कासिम बेग को सूचना दी और घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। मोहल्ले के लोगों ने अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया। जब बचाव दल और लोग अंदर दाखिल हुए, तो कमरे में दोनों के शव बुरी तरह जली हुई हालत में पड़े मिले।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मथुरा के वृंदावन से राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 10 सदस्यीय रेस्क्यू टीम भी मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ टीम प्रभारी रजत कुमार के अनुसार, टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय दमकल कर्मियों ने आग बुझा ली थी। सादाबाद सीएचसी प्रभारी डॉ. नीरज शर्मा ने बताया कि दोनों शवों को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) सादाबाद योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि फॉरेंसिक टीम और पुलिस आग लगने के सही कारणों की गहन जांच कर रही है।
प्रदेश में आगजनी का ऐसा ही दूसरा मामला नोएडा से भी सामने आया, जहां सेक्टर-126 में 24 अक्टूबर को करीब आधा दर्जन दुकानों में अचानक आग लग गई थी। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया था। बचाव अभियान के दौरान मलबे के बीच एक व्यक्ति अचेत अवस्था में मिला था, जिसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। नोएडा के एडीसीपी अभय कुमार मिश्रा के अनुसार मामले में विधिक कार्रवाई चल रही है, जबकि मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि दुकानों के भीतर भारी तादाद में एलपीजी सिलेंडर मौजूद थे, जिसके चलते बड़ा धमाका टालने के लिए विशेष एहतियात के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था।