रोज 4 अंडे खाना वरदान या खतरे की घंटी, कोलेस्ट्रॉल और दिल की सेहत पर डॉक्टर ने तोड़ा सबसे बड़ा भ्रम
सस्ता, सुलभ और बेहतरीन पोषण देने वाला अंडा फिटनेस प्रेमियों की पहली पसंद माना जाता है। एक सामान्य अंडे से लगभग 6 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला लीन प्रोटीन मिल जाता है, जिसकी वजह से जिम जाने वाले और वजन घटाने में जुटे लोग अक्सर रोजाना तीन से चार अंडे तक अपनी डाइट में शामिल कर लेते हैं। हालांकि, इसके साथ ही दिल और धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमने की चिंता भी खड़ी हो जाती है। इस आम दुविधा पर स्पष्ट राय देते हुए जाने-माने फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. सुनील जिंदल ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया है कि रोजाना चार अंडे खाना हर व्यक्ति के लिए एक जैसा परिणाम नहीं देता, बल्कि यह सीधे तौर पर आपकी मेडिकल हिस्ट्री, वर्तमान लिपिड प्रोफाइल, दैनिक कैलोरी इनटेक और शारीरिक सक्रियता पर निर्भर करता है।
डॉ. जिंदल के अनुसार, जो लोग पहले से ही बढ़े हुए बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL), टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी किसी विकार से जूझ रहे हैं, उन्हें चार पूरे अंडे खाने से पहले अपने फिजिशियन या डाइटिशियन से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
वहीं, अंडे के पीले भाग यानी एग योक को लेकर वर्षों से चले आ रहे मिथक को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भोजन में मौजूद डाइटरी कोलेस्ट्रॉल और रक्त में बनने वाला कोलेस्ट्रॉल दोनों बिल्कुल अलग चीजें हैं। हर व्यक्ति के लिवर और मेटाबॉलिज्म पर डाइटरी कोलेस्ट्रॉल का प्रभाव अलग-अलग पड़ता है। एग योक को केवल फैट मानकर छोड़ना सही नहीं है, क्योंकि इसमें ब्रेन फंक्शन और लिवर के लिए जरूरी कोलीन, विटामिन बी-12, विटामिन ए, सेलेनियम और आवश्यक फैटी एसिड्स का समृद्ध भंडार होता है।
पोषण के नजरिए से देखें तो अंडा सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड्स से भरपूर एक संपूर्ण प्रोटीन स्रोत है, जो मांसपेशियों की रिकवरी, ऊतकों के निर्माण और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। इसके बावजूद, डॉक्टर आगाह करते हैं कि पोषण के लिए केवल अंडों पर निर्भर रहना एक अधूरी रणनीति है। शरीर को प्रोटीन के अलावा फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की भी उतनी ही जरूरत होती है, जिसके लिए थाली में दालें, फलियां, मौसमी हरी सब्जियां और साबुत अनाज को भी बराबर जगह देनी चाहिए ताकि आंतों की सेहत और वजन का संतुलन दुरुस्त बना रहे।