बिहार के रेल यात्रियों की मौज! 120 km/h की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन, पटना में लेट-लतीफी का झंझट हमेशा के लिए खत्म
बिहार में रेल यात्रियों को लेट-लतीफी से निजात दिलाने और व्यस्त रेल रूटों को डीकंजेस्ट करने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी मिली है। पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के दानापुर मंडल के तहत आने वाली 20 किलोमीटर लंबी नेउरा-जतदमरी नई रेल लाइन को रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) से औपचारिक सुरक्षा मंजूरी मिल गई है। हाल ही में इस नवनिर्मित ट्रैक पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल पूरा किया गया था, जिसके बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने परिचालन की अंतिम मुहर लगा दी है। इस नए बाईपास रूट के शुरू होने से दानापुर-पटना-किऊल रेलखंड पर मालगाड़ियों के चलते पैसेंजर ट्रेनों के फंसने का पुराना झंझट खत्म होने की उम्मीद है।
इस नई रेल लाइन के चालू होने का सबसे सीधा और बड़ा फायदा पटना जंक्शन को मिलेगा, जहां दिन-रात ट्रेनों का भारी दबाव रहता है। अब मालगाड़ियों को पटना के मुख्य स्टेशन से गुजारे बिना सीधे इस वैकल्पिक बाईपास रूट से निकाला जा सकेगा। ट्रैक खाली रहने से एक्सप्रेस और लोकल यात्री ट्रेनों की पंक्चुअलिटी में जबरदस्त सुधार होगा, साथ ही रेलवे प्रशासन के पास भविष्य में राजधानी पटना से नई पैसेंजर व सुपरफास्ट ट्रेनें शुरू करने के लिए पर्याप्त ट्रैक क्षमता भी उपलब्ध हो जाएगी।
यह प्रस्तावित मालगाड़ी कॉरिडोर नेउरा से शुरू होकर जतदमरी, दनियावां, बिहारशरीफ, बरबीघा, शेखपुरा होते हुए सीधे किऊल जंक्शन को जोड़ेगा। इससे पटना के बाहरी इलाकों के अलावा नालंदा और शेखपुरा जिलों में माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स को नई रफ्तार मिलेगी। पूरे प्रोजेक्ट को दो चरणों में बांटा गया था, जिसमें पहले चरण के तहत जतदमरी-दनियावां सेक्शन पर ट्रेनों का आवागमन पहले ही शुरू किया जा चुका है और अब दूसरे चरण के नेउरा-जतदमरी हिस्से को मंजूरी मिलने के साथ ही पूरा लिंक तैयार हो गया है।
आधुनिक बुनियादी ढांचे के तहत इस 20 किलोमीटर के हिस्से में गोनपुर को पूर्ण स्टेशन के रूप में विकसित किया गया है, जबकि स्थानीय कनेक्टिविटी के लिए अधपा, चमचम और वाजिदपुर में नए हॉल्ट स्टेशन बनाए गए हैं। सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए ट्रैक पर बड़े और छोटे पुलों के साथ रोड ओवरब्रिज (ROB) और अंडरब्रिज (RUB) का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है। इस रूट के पूरी तरह सक्रिय होते ही बिहार के सबसे व्यस्त रेल नेटवर्क को बड़ी राहत मिलेगी और यात्रियों का सफर पहले से कहीं ज्यादा सुगम व समयबद्ध हो जाएगा।