मधेपुरा में दिनदहाड़े सनसनी: पूर्व मंत्री चंद्रशेखर के भाई की गोली मारकर हत्या

मधेपुरा में दिनदहाड़े सनसनी: पूर्व मंत्री चंद्रशेखर के भाई की गोली मारकर हत्या

बिहार के मधेपुरा जिले में बेखौफ अपराधियों ने शुक्रवार दोपहर दिनदहाड़े खूनी वारदात को अंजाम देकर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी है। घैलाढ़ थाना क्षेत्र के इनरवा गांव (वार्ड 7) निवासी सुनील यादव के पुत्र प्रिंस रंजन की बाइक सवार हथियारबंद बदमाशों ने गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी। प्रिंस रंजन पूर्व शिक्षा मंत्री और राजद विधायक चंद्रशेखर के ममेरे भाई थे। हत्या की यह सनसनीखेज वारदात उस समय हुई जब प्रिंस अपनी पल्सर बाइक पर सवार होकर बीएन मंडल विश्वविद्यालय के लिए निकले थे। गोढ़ियारी चिमनी के पास नहर से पश्चिम दिशा में घात लगाए बैठे अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया और बिल्कुल करीब से उनकी पीठ में गोली उतार दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

वारदात की सूचना मिलते ही सियासी और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। विधायक चंद्रशेखर ने घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर गहरा दुख जताया और जिले में बेकाबू होते अपराध को लेकर सरकार व पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए। विधायक ने बताया कि प्रिंस उनके बेहद करीबी थे। उन्होंने खुलासा किया कि रास्ते में लुटेरों ने दो युवकों से मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की थी। प्रिंस रंजन ने जब बदमाशों द्वारा मोबाइल छीने जाने का पुरजोर विरोध किया, तो अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध गोली चला दी। चंद्रशेखर ने आक्रोश जताते हुए कहा कि जिस सड़क पर यह खूनी खेल हुआ, वहां पिछले छह महीनों के दौरान लूटपाट और छिनतई की 12 से 14 वारदातें हो चुकी हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।

विधायक ने सुशासन के सरकारी दावों को खोखला बताते हुए दो टूक कहा कि कागजी दावों से आम जनता की जान-माल की हिफाजत नहीं हो सकती। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि प्रिंस रंजन के हत्यारों की शिनाख्त कर उन्हें अविलंब गिरफ्तार किया जाए और इस केस में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाया जाए। उन्होंने संवेदनशील व सुनसान रास्तों पर नियमित पुलिस पिकेट और गश्ती दल तैनात करने की भी सख्त मांग की।