त्योहारों पर बाज़ार का मावा खाकर बीमार न पड़ें, इस आसान तरीके से बनाएं शुद्ध देसी घी के लड्डू
त्योहारी सीजन की शुरुआत होते ही हर घर में मीठे पकवानों की मांग बढ़ जाती है, लेकिन बाजार की मिठाइयों में मावा, दूध और कृत्रिम रंगों की मिलावट का खतरा भी काफी ज्यादा रहता है। ऐसे में घर पर शुद्ध देसी घी और पारंपरिक तरीकों से तैयार की गई मिठाइयां न केवल सेहत के लिहाज से सुरक्षित होती हैं, बल्कि इनका स्वाद भी लाजवाब होता है।
ऐसे बनाएं चूरमा लड्डू
राजस्थानी चूरमा लड्डू एक ऐसा पारंपरिक और लोकप्रिय विकल्प है, जिसे आप बहुत कम समय में आसानी से बना सकते हैं और यह कई दिनों तक खराब भी नहीं होता है। इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले 2 कटोरी गेहूं के आटे में 1 कटोरी बारीक सूजी और आधा कटोरी बेसन मिलाकर छान लें, फिर इसमें 3 बड़े चम्मच देसी घी डालकर अच्छी तरह मोयन लगाएं जब तक कि आटा मुट्ठी में बंधने न लगे। इसके बाद गुनगुने पानी की मदद से एक सख्त आटा गूंथ लें और उसकी छोटी-छोटी लोइयां बनाकर हथेलियों से दबाकर मुठिया का आकार दे दें।
अब एक कड़ाही में थोड़ा सा देसी घी गर्म करके कटे हुए काजू और बादाम को हल्का सुनहरा भूनकर अलग निकाल लें, फिर कड़ाही में पर्याप्त घी डालकर धीमी आंच पर तैयार मुठियों को अंदर तक पकने और सुनहरा भूरा होने तक डीप फ्राई करें। तली हुई मुठियों को थोड़ा ठंडा करके छोटे टुकड़ों में तोड़ लें और मिक्सी में पीसकर बारीक पाउडर तैयार कर लें, जरूरत पड़ने पर इसे छलनी से छान लें ताकि कोई बड़ा टुकड़ा न रहे।
इसके बाद कड़ाही में 3 से 4 चम्मच घी गर्म करके 1 कटोरी बारीक कटा गुड़ पिघलाएं, फिर पिसे हुए चूरमे में भुने मेवे, 2 चम्मच खसखस, आधा चम्मच इलायची पाउडर और थोड़े कटे पिस्ता मिला दें। अंत में पिघले हुए गुड़ को इस मिश्रण में डालकर अच्छी तरह कलछी से मिलाएं और मिश्रण के हल्का गुनगुना रहते ही हाथों से गोल-गोल स्वादिष्ट चूरमा लड्डू बांधकर तैयार कर लें, जिसे त्योहारों पर मेहमानों को परोसना एक शानदार अनुभव साबित होगा।