सादा सफेद नमक vs सेंधा vs पिंक सॉल्ट; डॉक्टर ने बताया रसोई के लिए कौन सा नमक है बेस्ट
भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ शरीर की कार्यप्रणाली को सुचारू रखने में नमक की भूमिका बेहद अहम है, लेकिन सोशल मीडिया के दौर में रोजाना इस्तेमाल के लिए सही नमक को लेकर भारी भ्रम फैला हुआ है। कोई साधारण सफेद नमक छोड़कर व्रत वाले सेंधा नमक को प्राथमिकता दे रहा है, तो कोई 84 मिनरल्स और वेलनेस के नाम पर महंगे बिकने वाले हिमालयन पिंक सॉल्ट को ज्यादा सेहतमंद मान रहा है। इस दुविधा को सुलझाते हुए जाने-माने चिकित्सक डॉ. अभिनव गर्ग ने नमक के विभिन्न प्रकारों की उपयोगिता और पोषण स्तर का वैज्ञानिक विश्लेषण कर उन्हें रेटिंग दी है, जिससे यह साफ हो गया है कि रसोई में रोजाना के उपयोग के लिए सबसे मुफीद नमक कौन सा है।
सेंधा नमक को डॉ. गर्ग ने 10 में से केवल 5 अंक दिए हैं। व्रत-त्योहारों और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के बीच लोकप्रिय माने जाने वाले इस नमक में सोडियम की मात्रा सामान्य नमक के बराबर ही होती है, जबकि इसमें स्वास्थ्य के लिए अति आवश्यक आयोडीन बिल्कुल नहीं पाया जाता और न ही इसमें कोई चमत्कारी मिनरल्स मौजूद होते हैं।
वहीं 'नेचुरल डिटॉक्स' और 'आयरन रिच' के नाम पर ऊंचे दामों में बिकने वाले हिमालयन पिंक सॉल्ट को डॉक्टर ने 10 में से महज 3 अंक देकर इसे सबसे बड़ा मार्केटिंग छलावा करार दिया है, क्योंकि थोड़ा सा आयरन पाने के लिए भी इंसान को एक किलो नमक खाना पड़ेगा जो सेहत के लिए जानलेवा है। स्वाद में तेज और सल्फर युक्त काले नमक को 6 अंक देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह गैस या एसिडिटी की कोई दवा नहीं है, बल्कि इसे केवल रायते, छाछ या सलाद में स्वाद बढ़ाने के लिए कभी-कभार ही इस्तेमाल करना चाहिए।
सी सॉल्ट यानी समुद्री नमक को भी डॉक्टर ने 10 में से 5 की रेटिंग दी है, क्योंकि इसमें आयोडीन नदारद रहने के साथ-साथ समुद्र प्रदूषण की वजह से माइक्रोप्लास्टिक के कण मिलने का गंभीर जोखिम बना रहता है। कम सोडियम वाले लाइट सॉल्ट को 8 अंक मिले हैं, जिसमें सोडियम की जगह पोटेशियम मिलाया जाता है, जो दिल और बीपी के सामान्य मरीजों के लिए राहत भरा हो सकता है, लेकिन किडनी के मरीजों को बिना डॉक्टरी सलाह के इसके सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए। खड़ा नमक यानी क्रिस्टल सॉल्ट को 6 अंक मिले हैं क्योंकि इसमें कोई अतिरिक्त पोषण मूल्य नहीं होता।
डॉक्टर अभिनव गर्ग ने सभी भ्रांतियों को खारिज करते हुए हमारे घरों में इस्तेमाल होने वाले साधारण रेगुलर आयोडीन नमक को 10 में से 9 अंक देकर दैनिक उपभोग के लिए निर्विवाद रूप से सर्वश्रेष्ठ विकल्प बताया है। सरकारी मानकों के तहत इस नमक में फोर्टिफाइड आयोडीन मिलाया जाता है, जो बच्चों के मानसिक विकास, थायरॉइड ग्रंथि के संतुलन और वयस्कों के सामान्य मेटाबॉलिज्म के लिए अपरिहार्य है। विशेषज्ञ की स्पष्ट सलाह है कि सोशल मीडिया के वेलनेस ट्रेंड्स या महंगे विज्ञापनों के झांसे में आकर दैनिक भोजन से आयोडीन युक्त सादे नमक को बाहर न करें, बल्कि सीमित मात्रा में रोज सादा नमक ही खाएं और स्वाद बदलने के लिए कभी-कभार अन्य किस्मों का इस्तेमाल करें।