रोज ब्रश करने के बाद भी दांतों में दर्द और झनझनाहट, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 5 गलतियां

रोज ब्रश करने के बाद भी दांतों में दर्द और झनझनाहट, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 5 गलतियां

दिन में दो बार ब्रश करने का नियम पूरी तरह निभाने के बावजूद अगर दांतों में ठंडे-गर्म की झनझनाहट, मसूड़ों में दर्द या मुंह की बदबू से राहत नहीं मिल रही, तो गलती आपके टूथपेस्ट में नहीं बल्कि आपके तरीके में हो सकती है। ज्यादातर लोगों को लगता है कि केवल ब्रश घुमा लेना ही काफी है, जबकि अनजाने में की गईं कुछ छोटी गलतियां दांतों की सुरक्षात्मक परत यानी इनेमल को हमेशा के लिए घिस देती हैं। इससे प्लाक टार्टर में बदल जाता है और मसूड़ों में पायरिया या कैविटी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ओरल हेल्थ को मजबूत बनाए रखने के लिए इन पांच गलतियों से तुरंत दूरी बनाना जरूरी है।

  1. अक्सर लोग सोचते हैं कि दांतों पर जितनी जोर से ब्रश रगड़ेंगे, पीलापन उतनी ही जल्दी हटेगा। असल में ऐसा करने से दांतों की ऊपरी सफेद परत (इनेमल) तेजी से छिल जाती है, जिससे दांतों में गंभीर सेंसिटिविटी शुरू हो जाती है। इसके अलावा मसूड़ों के नाजुक टिश्यूज छिलने से खून आना, सूजन और दांतों की जड़ें ढीली पड़ने जैसी समस्याएं जन्म लेती हैं। इसलिए हमेशा सॉफ्ट ब्रिसल वाले टूथब्रश का इस्तेमाल हल्के हाथों से करना चाहिए।
  2. ब्रश करने में जल्दबाजी दिखाना भी नुकसानदेह साबित होता है। अधिकांश लोग मुश्किल से 20 से 30 सेकंड में ब्रश पूरा करके कुल्ला कर लेते हैं। इतनी जल्दी में दांतों के कोनों में फंसा खाना नहीं निकलता, जिससे मुंह में बैक्टीरिया पनपते हैं और बदबू पैदा होती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक दांतों के हर हिस्से को ठीक से साफ करने और प्लाक जमने से रोकने के लिए कम से कम 2 मिनट का समय देना बेहद जरूरी है।
  3. ज्यादातर लोग सिर्फ सामने दिखने वाले दांतों को ही चमकाते हैं और अंदरूनी सतह तथा मसूड़ों की किनारी (गमलाइन) को अनदेखा कर देते हैं। असलियत यह है कि भोजन के बारीक कण और जिद्दी प्लाक सबसे पहले दांतों के पिछले हिस्से और बीच की दरारों में ही जमा होते हैं। लंबे समय तक इनकी सफाई न होने से यह सख्त टार्टर का रूप ले लेते हैं, जिसे बाद में केवल डेंटल क्लीनिंग से ही हटाया जा सकता है।
  4. रात को खाना खाने के ठीक बाद ब्रश करने की आदत भी दांतों को कमजोर बनाती है। खासतौर पर जब खाने में खट्टी चीजें, सिरका या कोल्ड ड्रिंक्स शामिल हों, तो मुंह में एसिड का स्तर बढ़ जाता है जिससे इनेमल कुछ देर के लिए बेहद नाजुक हो जाता है। ऐसे समय तुरंत ब्रश रगड़ने से इनेमल को सीधा नुकसान पहुंचता है। खाने के बाद हमेशा कम से कम 20 से 30 मिनट रुकना चाहिए ताकि मुंह की लार प्राकृतिक रूप से उस एसिड को निष्प्रभावी कर सके।
  5. मुंह की सेहत केवल दांतों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जीभ पर बैक्टीरिया की सबसे मोटी परत जमती है। अगर आप ब्रशिंग के बाद टंग क्लीनर का इस्तेमाल नहीं करते, तो मुंह की बदबू कभी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकती। इसके साथ ही दांतों के बीच फंसे रेशों को निकालने के लिए डेंटल फ्लॉस और एंटीसेप्टिक माउथवॉश का नियमित उपयोग ओरल केयर रूटीन को पूरा करता है।