चिया सीड्स खाने का सही तरीका क्या है, डाइटिशियन ने बताया कब और कितना खाना सुरक्षित
हेल्दी डाइट, वेट लॉस और ग्लोइंग स्किन के लिए चिया सीड्स का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। हालांकि, इसे सीधे डाइट में शामिल करने से पहले इसके सही इस्तेमाल, सही मात्रा और संभावित नुकसानों को समझना जरूरी है।
चिया सीड्स खाने का सही तरीका
डाइटिशियन अमरीन शेख के अनुसार, चिया सीड्स में घुलनशील फाइबर होता है जो लिक्विड सोखकर जेल का रूप ले लेता है। यह पाचन को दुरुस्त रखने और स्टूल को सॉफ्ट बनाने में मदद करता है। इन बीजों को कभी भी सूखा नहीं खाना चाहिए; खाने से पहले इन्हें पानी या किसी लिक्विड में अच्छी तरह भिगोना चाहिए ताकि ये पूरी तरह फूल जाएं। पेट और पाचन विशेषज्ञ डॉ. सौरभ सेठी के अनुसार, दो चम्मच चिया सीड्स को आधा कप अनस्वीटनर या बादाम दूध में दालचीनी, अखरोट और बेरीज के साथ मिलाकर रात भर फ्रिज में रखकर पौष्टिक चिया पुडिंग बनाई जा सकती है।
रोजाना कितनी मात्रा है सुरक्षित?
डाइटिशियन डॉ. करिश्मा शाह के मुताबिक, एक दिन में 2 से 3 चम्मच चिया सीड्स का सेवन पर्याप्त है। अगर इसे पहली बार डाइट में शामिल कर रहे हैं तो शुरुआत कम मात्रा से करें, क्योंकि अचानक अधिक फाइबर लेने से गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
क्या चिया सीड्स से वजन घटता है?
क्लीनिकल डाइटिशियन पूजा शाह भावे स्पष्ट करती हैं कि चिया सीड्स सीधे फैट नहीं पिघलाते। 2 टेबलस्पून चिया सीड्स में करीब 10 ग्राम फाइबर और 138 कैलोरी होती है। इसका फाइबर पचने में समय लेता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है और ओवरईटिंग नहीं होती। हालांकि, स्थायी वजन घटाने के लिए कैलोरी डेफिसिट का पालन करना अनिवार्य है।
दूध या पानी: किसमें भिगोना बेहतर?
अगर प्राथमिकता कम कैलोरी है तो पानी सबसे अच्छा विकल्प है। प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा बढ़ाने के लिए दूध के साथ चिया पुडिंग तैयार करना उपयोगी रहता है। इसे सुबह खाली पेट भी लिया जा सकता है, लेकिन अगर गैस या ब्लोटिंग महसूस हो तो इसे दही, स्मूदी या भोजन के साथ लेना बेहतर है।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. प्रणव श्रीनिवासन के अनुसार, कमजोर पाचन वाले लोगों को इसकी शुरुआत बहुत कम मात्रा और भरपूर पानी के साथ करनी चाहिए। इसके अलावा, लो ब्लड प्रेशर, बीपी की दवा या ब्लड थिनर लेने वाले मरीजों, एलर्जी की समस्या से जूझ रहे व्यक्तियों, और किडनी रोग या स्टोन की समस्या वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए।