किचन की इस दिशा में रख दें फ्रिज! पैसों से भर जाएगी तिजोरी, वास्तु एक्सपर्ट्स ने बताया सीक्रेट कोना!
आधुनिक जीवनशैली में रेफ्रिजरेटर हर घर और किचन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। खान-पान की चीजों को ताजा और सुरक्षित रखने वाला यह भारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण केवल सुविधा का साधन नहीं है, बल्कि वास्तु शास्त्र के नजरिए से भी इसका सही स्थान बहुत मायने रखता है। वास्तु के अनुसार, घर में रखी हर वस्तु की दिशा सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को प्रभावित करती है। ऐसे में अगर आप अपने किचन का नया सेटअप कर रहे हैं या मौजूदा फ्रिज की जगह बदलना चाहते हैं, तो वास्तु के इन बुनियादी नियमों को समझना बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के मुताबिक, रेफ्रिजरेटर रखने के लिए सबसे उपयुक्त और शुभ दिशाएं दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) और पश्चिम मानी जाती हैं। चूंकि फ्रिज एक भारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, इसलिए इसे भारी तत्वों के लिए तय की गई दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा में रखना ऊर्जा संतुलन बनाए रखने के लिए सबसे सही माना जाता है। अगर किचन के लेआउट के कारण इन दो दिशाओं में पर्याप्त जगह न हो, तो दक्षिण-पूर्व यानी आग्नेय कोण को दूसरा सबसे बेहतर विकल्प माना गया है। आग्नेय कोण अग्नि तत्व से जुड़ा है और बिजली से चलने वाले उपकरणों के लिए इसे वास्तु के लिहाज से अनुकूल माना जाता है।
रेफ्रिजरेटर यहां रखने से करें सख्त परहेज
इसके विपरीत, उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में रेफ्रिजरेटर रखने से सख्त परहेज करने की सलाह दी जाती है। वास्तु के अनुसार ईशान कोण अत्यंत संवेदनशील, हल्का और जल तत्व से जुड़ा क्षेत्र माना गया है, जहां किसी भी भारी या गर्म हवा छोड़ने वाले उपकरण को रखना ऊर्जा अवरोध पैदा कर सकता है। इसके अलावा, व्यावहारिक और तकनीकी दृष्टि से कभी भी रेफ्रिजरेटर को गैस चूल्हे के बिल्कुल सटाकर नहीं रखना चाहिए। गैस बर्नर से निकलने वाली गर्मी फ्रिज के कंप्रेसर और कूलिंग क्षमता पर बुरा असर डालती है, इसलिए दोनों के बीच कम से कम एक फीट की दूरी जरूर रखनी चाहिए।
रेफ्रिजरेटर के दरवाजे के खुलने की दिशा भी सुविधा और वास्तु दोनों के हिसाब से पूर्व या उत्तर की ओर खुलना सबसे सही माना जाता है, जिससे किचन में आवाजाही में रुकावट न हो। वास्तु नियमों के साथ-साथ फ्रिज की नियमित साफ-सफाई बनाए रखना भी उतना ही अनिवार्य है। फ्रिज में बासी, सड़ा-गला या लंबे समय से खराब पड़ा भोजन कभी न छोड़ें। समय पर डीफ्रॉस्टिंग और अंदरूनी सफाई से न केवल बैक्टीरिया और बदबू पनपने का खतरा खत्म होता है, बल्कि घर में स्वच्छता, स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल भी बना रहता है।