कीबोर्ड के 'F' और 'J' बटन पर उभरा हुआ निशान क्यों होता है? 99% लोग नहीं जानते टाइपिंग का यह सीक्रेट
कंप्यूटर और लैपटॉप आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑफिस का काम हो या पढ़ाई, घंटों कीबोर्ड पर उंगलियां चलती रहती हैं। लेकिन क्या आपने कभी टाइप करते हुए ध्यान दिया है कि कीबोर्ड के सिर्फ दो खास बटनों—'F' और 'J'—पर एक हल्की उभरी हुई लाइन या डॉट बना होता है? बाकी किसी अल्फाबेट की पर यह निशान नहीं मिलता। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग डिजाइन मान लेते हैं, जबकि यह साधारण सा दिखने वाला कट वास्तव में आपकी टाइपिंग स्पीड और सटीकता को कई गुना बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया गया है।
तकनीकी भाषा में इसे 'टच टाइपिंग' (Touch Typing) का होम रो गाइड कहा जाता है। टच टाइपिंग का सीधा मतलब है बिना कीबोर्ड की तरफ देखे स्क्रीन पर नजरें टिकाए तेजी से टाइप करना। जब आप टाइपिंग शुरू करते हैं, तो कीबोर्ड की बीच वाली पंक्ति (Home Row) पर हाथ सेट किए जाते हैं। नियम के मुताबिक, बाएं हाथ की तर्जनी उंगली (Index Finger) 'F' पर और दाएं हाथ की तर्जनी उंगली 'J' पर टिकी होनी चाहिए। जैसे ही ये दोनों मुख्य उंगलियां अपनी जगह लेती हैं, बाएं हाथ की बाकी उंगलियां खुद-ब-खुद 'A', 'S', 'D' पर और दाएं हाथ की उंगलियां 'K', 'L' और ';' (सेमीकोलन) पर सही क्रम में बैठ जाती हैं।
'F' और 'J' पर मौजूद यह उभरा हुआ बंप एक स्पर्श संवेदक (Tactile Marker) का काम करता है। टाइप करते वक्त जब आप स्क्रीन पर देख रहे होते हैं, तो उंगलियों को सिर्फ छूकर ही यह अहसास हो जाता है कि हाथ सही दिशा में हैं या नहीं। इससे बार-बार नजरें नीचे कीबोर्ड पर झुकाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे आंखों और गर्दन पर तनाव नहीं बनता और टाइपिंग में गलतियां होने की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। चूंकि दोनों हाथों की तर्जनी उंगलियां ही कीबोर्ड के सबसे ज्यादा एरिया को कवर करती हैं, इसलिए केवल इन्हीं दो कुंजियों पर यह लैंडमार्क दिया जाता है।
अलग-अलग कंपनियों के कीबोर्ड में यह निशान एक छोटी उभरी हुई रेखा (Horizontal Bar) या फिर एक गोल बिंदु (Dot) के रूप में दिखाई दे सकता है। शुरुआती दिनों में बिना देखे टाइप करना भले ही थोड़ा कठिन लगे, लेकिन इन दो उभरे निशानों को बेस बनाकर नियमित अभ्यास करने से कुछ ही दिनों में टाइपिंग की रफ्तार और एक्यूरेसी पेशेवर स्तर तक पहुंच जाती है।