Up kiran,Digital Desk : ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस Reza Pahlavi ने विश्व नेताओं से तेहरान सरकार पर दबाव बढ़ाने की जोरदार अपील की है। जर्मनी के Munich में आयोजित सुरक्षा सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देशों की चुप्पी ईरान में दमनकारी शासन को और मजबूत कर रही है। उनके मुताबिक यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय निष्क्रिय बना रहा तो निर्दोष लोगों की जान जाती रहेगी।
‘ग्लोबल डे ऑफ एक्शन’ की घोषणा
प्रेस वार्ता में पहलवी ने “ग्लोबल डे ऑफ एक्शन” का ऐलान करते हुए समर्थकों से Los Angeles, Toronto और म्यूनिख में सड़कों पर उतरने का आह्वान किया। उनका कहना है कि इन प्रदर्शनों का उद्देश्य ईरानी जनता के समर्थन में ठोस और त्वरित अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप सुनिश्चित करना है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या दुनिया ईरान की जनता के साथ खड़ी होगी या राजनीतिक चुप्पी बनाए रखेगी।
ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भी ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम पर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने नई परमाणु डील की जरूरत पर जोर देते हुए संकेत दिया कि सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। ट्रंप के बयान के बाद पश्चिमी देशों में ईरान को लेकर बहस और तेज हो गई है।
म्यूनिख में विरोध प्रदर्शन, विपक्ष की सक्रियता
सम्मेलन के दौरान ईरान विरोधी संगठनों ने भी प्रदर्शन किए। People's Mujahedin Organization of Iran के समर्थकों ने रैली निकालकर हालिया प्रदर्शनों पर सरकार की कार्रवाई का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने मृतकों के लिए न्याय और राजनीतिक परिवर्तन की मांग दोहराई।
मौत के आंकड़ों पर विवाद
अमेरिका स्थित Human Rights Activists News Agency के मुताबिक हालिया अशांति में हजारों लोगों की मौत हुई है, जिनमें सुरक्षा बलों के सदस्य भी शामिल हैं। वहीं ईरानी सरकार ने इससे काफी कम आंकड़ा जारी किया है। पहले भी देश में अशांति के मामलों में सरकारी आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे हैं।
निर्वासन में रहकर भी सक्रिय राजनीति
पहलवी 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद देश छोड़ने वाले ईरान के अपदस्थ शाह के बेटे हैं। लगभग पांच दशक से निर्वासन में रहने के बावजूद वह खुद को ईरान के राजनीतिक भविष्य के विकल्प के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। उनका कहना है कि जनता बदलाव चाहती है और यदि अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला तो मौजूदा व्यवस्था को चुनौती दी जा सकती है।




