सुबह-सुबह दहल उठा आरा! पूर्व कस्टम अफसर और क्षत्रिय संघ अध्यक्ष की गोलियों से भूनकर हत्या, कार में बैठा रह गया बेटा

सुबह-सुबह दहल उठा आरा! पूर्व कस्टम अफसर और क्षत्रिय संघ अध्यक्ष की गोलियों से भूनकर हत्या, कार में बैठा रह गया बेटा

बिहार के भोजपुर जिला मुख्यालय आरा में गुरुवार, 15 अक्टूबर की सुबह बेखौफ हथियारबंद अपराधियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। पूर्व वरिष्ठ कस्टम अधिकारी और क्षत्रिय संघ बिहार के प्रदेश अध्यक्ष 67 वर्षीय राम कुमार सिंह की घर के समीप ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। जिस वक्त यह सनसनीखेज हमला हुआ, उस समय उनका बेटा कार के अंदर मौजूद था। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और नवादा थाना पुलिस की सहायता से गंभीर रूप से घायल राम कुमार सिंह को तत्काल आरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मूल रूप से भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र स्थित डुमरिया गांव के निवासी राम कुमार सिंह वर्ष 2015 में भागलपुर से कस्टम विभाग के आला पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके पुत्र राजेश कुमार ने बताया कि वह प्रतिदिन सुबह अपने पिता के साथ रमना मैदान मॉर्निंग वॉक के लिए जाते थे। गुरुवार की सुबह भी दोनों घर से निकलने की तैयारी में थे। पिता ने कार बाहर निकाली और जैसे ही गैरेज का मुख्य गेट बंद करने आगे बढ़े, तभी घात लगाए तीन शूटरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां दाग दीं।

परिजनों के अनुसार हमलावरों ने बेहद करीब से लगभग छह से आठ राउंड फायरिंग की। गोलियां उनके सीने, पेट और गर्दन में लगीं, जिससे वह वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़े। बेटा वाहन के भीतर बैठा था, जिस वजह से उसकी जान बाल-बाल बच गई। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद हमलावर असलहा लहराते हुए मौके से फरार हो गए। नवादा थाना पुलिस और फॉरेंसिक दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं।

हत्या के पीछे करोड़ों की संपत्ति और भू-माफियाओं का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। मृतक के बेटे ने आरोप लगाया कि सिंगही मोड़ के पास पिता ने 13 कट्ठा जमीन खरीदी थी, जिस पर स्थानीय भू-माफिया की नजर थी और वे जबरन कब्जा जमाने की फिराक में थे। इस विवाद को लेकर परिवार पूर्व में भी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से लिखित शिकायत कर चुका था। इससे पहले भी उन पर जानलेवा हमले का प्रयास किया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए भोजपुर के एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि शुरुआती तफ्तीश में जमीन विवाद ही इस हत्याकांड की प्राथमिक वजह नजर आ रहा है। पीड़ित परिवार द्वारा पूर्व में विभिन्न अधिकारियों को दिए गए आवेदनों और एक अन्य जमीनी विवाद की फाइलों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस कप्तान ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान चाहे कोई भी प्रभावशाली व्यक्ति या सिंडिकेट सामने आए, सभी से गहन पूछताछ होगी और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।