नया बिजली कनेक्शन लेना हुआ बेहद आसान! खत्म हुआ वेरिफिकेशन का झंझट, सरकार ने लागू किए नए नियम
बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेने की योजना बना रहे लोगों के लिए बिजली विभाग ने बड़ी सौगात दी है। राज्य में उपभोक्ताओं की सहूलियत, पारदर्शिता और प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से बिजली कनेक्शन के नियमों में व्यापक फेरबदल करते हुए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। केंद्र सरकार और बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) के दिशा-निर्देशों के तहत अब आवेदन से लेकर शुल्क भुगतान और मीटर इंस्टॉलेशन की पूरी कवायद को पूरी तरह डिजिटल और सरल बना दिया गया है। सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि अब 150 किलोवाट (KW) तक के लोड वाले कनेक्शन के लिए परिसर का पहले होने वाला अनिवार्य भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, जिससे आवेदकों को दफ्तरों के चक्कर लगाने और अनापेक्षित देरी से मुक्ति मिलेगी।
ऐसे करे आवेदन
इस नई पारदर्शी व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब उपभोक्ताओं को अलग-अलग मदों के लंबे-चौड़े एस्टीमेट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पूर्व व्यवस्था में सर्विस वायर, खंभे, इंस्टॉलेशन सामग्री, मजदूरी और सुपरविजन चार्ज का अलग-अलग तकनीकी आकलन तैयार होता था, जिससे प्रक्रिया में काफी समय खराब होता था। अब इन सभी झंझटों को खत्म करके लोड के हिसाब से एकमुश्त मानक शुल्क निर्धारित कर दिया गया है। आवेदक 'सुविधा' मोबाइल ऐप (Suvidha App) या बिजली कंपनी के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जहां सिस्टम तुरंत तय शुल्क की जानकारी दिखा देगा। निर्धारित राशि ऑनलाइन जमा होते ही बिजली कंपनी की तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर सर्विस वायर खींचने और नया स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पूरी करेगी।
नए नियमों के तहत अलग-अलग लोड और श्रेणियों के लिए मानक शुल्क की स्पष्ट दरें तय कर दी गई हैं। यदि आप 3 किलोवाट तक का सिंगल फेज घरेलू या व्यावसायिक कनेक्शन लेते हैं, तो इसके लिए 900 रुपये प्रति किलोवाट का शुल्क लगेगा। वहीं 3 से 7 किलोवाट तक के लोड पर पहले 3 किलोवाट के लिए 2,700 रुपये और उसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट पर 1,000 रुपये देय होंगे। थ्री फेज श्रेणी में 5 से 19 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए शुरुआती 5 किलोवाट का शुल्क 4,500 रुपये तय किया गया है और इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट पर 1,500 रुपये का भुगतान करना होगा। बड़े व्यावसायिक और औद्योगिक 45 किलोवाट या उससे अधिक के हाई-टेंशन (HT) कनेक्शन के लिए 7,000 रुपये प्रति किलोवाट की दर निर्धारित की गई है।
बिजली विभाग की इस नई पहल से उपभोक्ताओं के समय और कागजी औपचारिकताओं में भारी कमी आएगी। फिक्स चार्ज लागू होने से बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म होगी और आवेदकों को अपने बजट का सटीक अंदाजा पहले से रहेगा। ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल पेमेंट के जरिए अब बिना किसी अतिरिक्त भागदौड़ के निर्धारित समय सीमा के भीतर घरों और प्रतिष्ठानों में बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।