किसानों की रातों-रात चमकी किस्मत; बढ़ा MSP, 48 घंटे में सीधे खाते में आएगा पैसा
उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान अन्नदाताओं को उनकी उपज का वाजिब हक दिलाने और मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने के लिए मोटे अनाज की खरीद का खाका तैयार कर लिया है। इस योजना के तहत राज्य भर में बाजरा, ज्वार और मक्का की बड़े पैमाने पर खरीद की जाएगी। प्रदेश सरकार ने इस सत्र में कुल 2.85 लाख मीट्रिक टन मोटे अनाज की खरीद का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे ग्रामीण इलाकों के किसानों को अपनी फसल का उचित और लाभकारी मूल्य पाने का सीधा अवसर मिलेगा।
बढ़ेगी किसानों की आमदनी
किसानों की आमदनी बढ़ाने के इरादे से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भी उल्लेखनीय इजाफा किया गया है। नए सत्र के लिए बाजरे के समर्थन मूल्य में 125 रुपये की वृद्धि कर इसे 2,900 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। वहीं हाइब्रिड ज्वार के भाव में 324 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे इसका नया खरीद मूल्य 4,023 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है। इसके अलावा मक्के का समर्थन मूल्य 2,410 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित हुआ है। इस बढ़ोतरी से राज्य के लाखों किसानों को खुले बाजार के उतार-चढ़ाव से राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
फसल खरीद को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए संबंधित जनपदों में कुल 455 सरकारी क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें बाजरे के लिए 300, ज्वार के लिए 80 और मक्का खरीद के लिए 75 विशेष क्रय केंद्र शामिल हैं। बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने और वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (e-PoS) मशीनों के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य रहेगा। उपज तौलने के बाद भुगतान प्रक्रिया को बेहद तेज करते हुए 48 घंटे के भीतर डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में धनराशि भेजने की पुख्ता व्यवस्था की गई है।