एंटीबायोटिक दवाएं बन रही हैं जानलेवा जहर, पटियाला में 2000 विशेषज्ञों ने क्यों बजाई खतरे की घंटी

एंटीबायोटिक दवाएं बन रही हैं जानलेवा जहर, पटियाला में 2000 विशेषज्ञों ने क्यों बजाई खतरे की घंटी

फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (नई दिल्ली) के प्रायोजन और पंजाब फार्मेसी काउंसिल (मोहाली) के तत्वावधान में पटियाला स्थित पंजाबी विश्वविद्यालय में विश्व फार्मासिस्ट दिवस एवं राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह-2026 के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय भव्य समारोह का आयोजन किया गया। पंजाब के इतिहास में पहली बार आयोजित इस विशेष सम्मेलन का केंद्रीय विषय 'स्वस्थ भारत: एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) से मुकाबला' रखा गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता में एंटीबायोटिक दवाओं के अनियंत्रित उपयोग को रोकना और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना था। इस सम्मेलन में राज्य भर के 110 फार्मेसी कॉलेजों से 2,000 से अधिक विशेषज्ञों, प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं ने भागीदारी की, जहां करीब 1,500 प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां लेकर विशाल जागरूकता रैली निकाली।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) के अध्यक्ष डॉ. मोंटू कुमार एम. पटेल ने सुदूर क्षेत्रों से पहुंचे विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि फार्मेसी कॉलेजों को सिर्फ कक्षाओं तक सीमित न रहकर गांवों और कच्ची बस्तियों को गोद लेना चाहिए, ताकि वहां रहने वाले लोगों को दवाओं की सही खुराक और उपयोग के तौर-तरीकों की जानकारी मिल सके। डॉ. पटेल ने संस्थानों से आह्वान किया कि वे हर महीने जागरूकता अभियान चलाएं, जिससे छात्रों को जमीनी स्तर पर बीमारियों, बैक्टीरिया और वायरस की वास्तविक समझ मिले। इससे न केवल फार्मास्यूटिकल रिसर्च और नई तकनीकों के विकास को गति मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य तंत्र में फार्मासिस्टों की अहमियत और उनके लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

पंजाबी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) जगदीप सिंह ने संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में से तीसरे लक्ष्य 'उत्कृष्ट स्वास्थ्य और कल्याण' का उल्लेख करते हुए चिकित्सा क्षेत्र में फार्मासिस्टों की अपरिहार्य भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर जहां रोग का निदान करते हैं, वहीं फार्मासिस्ट यह तय करते हैं कि मरीज को सही दवा, सही खुराक और तय समयसीमा के भीतर मिले। पंजाब फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष सुशील बंसल के संयोजन और डॉ. सुरेश कुमार के समन्वय में आयोजित इस समारोह में फार्मा क्विज, साइटून, पोस्टर मेकिंग, लीफलेट डिजाइन और नुक्कड़ नाटक जैसी प्रतियोगिताओं के जरिए छात्रों ने रचनात्मक संदेश दिया, जिसके अंत में उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।