होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर मिसाइल हमले, समंदर में भड़की तेल की 'आग', क्रूड के दाम में आया उबाल

होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर मिसाइल हमले, समंदर में भड़की तेल की 'आग', क्रूड के दाम में आया उबाल

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजारों पर इस समय युद्ध के काले बादल मंडरा रहे हैं। दुनिया के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्गों में गिने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट यानी फारस की खाड़ी के पास से एक बेहद डरावनी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस व्यस्त समुद्री मार्ग से गुजर रहे अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल जहाजों और तेल टैंकरों पर अचानक मिसाइल से हमले किए गए हैं, जिससे पूरी दुनिया के शिपिंग और एनर्जी सेक्टर में हड़कंप मच गया है। होर्मुज स्ट्रेट वह संकरा समुद्री मार्ग है जिसके जरिए दुनिया भर के पेट्रोलियम उत्पादों का एक बहुत बड़ा हिस्सा परिवहन किया जाता है। इस जलमार्ग पर हुए इन खतरनाक हमलों के बाद से कच्चे तेल की आवाजाही ठप होने की कगार पर पहुंच गई है, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह आशंका जताई जा रही है कि यदि हालात जल्द नियंत्रित नहीं किए गए, तो यह संकट पूरी दुनिया को एक महामंदी की तरफ धकेल सकता है।

मिसाइल हमलों की गूंज से सहमे नाविक और ठप होती तेल परिवहन की श्रृंखला

मध्य पूर्व क्षेत्र में सुलग रही राजनीतिक और सैन्य जंग अब सीधे तौर पर समुद्र के रास्ते होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भारी पड़ने लगी है। होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हुए इन मिसाइल हमलों के बाद दुनिया भर की बड़ी शिपिंग कंपनियों ने अपने कार्गो और ऑयल टैंकरों की आवाजाही को एहतियात के तौर पर रोक दिया है या उनके मार्ग में बदलाव करना शुरू कर दिया है। समुद्री सुरक्षा एजेंसियों और नौसेना के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के हमलों से नाविकों की जान पर तो खतरा मंडरा ही रहा है, साथ ही वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा की धज्जियां उड़ रही हैं। जो तेल टैंकर कुछ दिनों पहले तक तय समय पर एशिया, यूरोप और अमेरिका के बाजारों में ईंधन की आपूर्ति कर रहे थे, वे अब सुरक्षित ठिकानों पर लंगर डालने को मजबूर हैं। सप्लाई चेन के इस प्रकार अचानक बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में घबराहट का माहौल साफ तौर पर देखा जा रहा है।

क्रूड ऑयल के दाम में आया भारी उबाल, रॉकेट की रफ्तार से भागे भाव

जब भी दुनिया के किसी बड़े तेल उत्पादक या परिवहन मार्ग पर इस तरह की हिंसा या सैन्य टकराव होता है, तो उसका सबसे पहला और भयंकर असर कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों पर पड़ता है। होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर मिसाइल हमले की खबर जैसे ही वैश्विक बाजारों में फैली, वैसे ही ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड के दाम रॉकेट की तरह ऊपर भागने लगे। कुछ ही घंटों के भीतर क्रूड ऑयल के दामों में भारी-भरकम उछाल दर्ज किया गया, जिससे निवेशकों और तेल कारोबारियों में भगदड़ मच गई। जानकारों का कहना है कि दुनिया अपनी रोजमर्रा की ऊर्जा जरूरतों के लिए जिस मार्ग पर सबसे ज्यादा निर्भर है, यदि उसी रास्ते को निशाना बनाया जाएगा, तो तेल के दाम आने वाले दिनों में सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। इस अप्रत्याशित तेजी ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं की नींद उड़ा दी है।

भारत और अन्य विकासशील देशों पर मंडरा रहा है महंगाई का बड़ा खतरा

भारत जैसे विकासशील देश जो अपनी कुल ऊर्जा और तेल जरूरतों का लगभग 80 से 85 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात करते हैं, उनके लिए होर्मुज स्ट्रेट की यह घटना किसी बड़े झटके से कम नहीं है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल इसी मध्य पूर्व के रास्ते मंगवाता है। यदि इस क्षेत्र में जहाजों पर हमले और तनाव का यह दौर जारी रहता है, तो भारत के लिए तेल आयात करना न केवल महंगा हो जाएगा, बल्कि उसकी उपलब्धता भी संकट में पड़ जाएगी। कच्चे तेल के महंगे होने का सीधा असर भारत में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के खुदरा दामों पर पड़ना तय माना जा रहा है। इसके अलावा, परिवहन और लॉजिस्टिक्स महंगा होने से बाजार में सब्जियां, अनाज, और अन्य जरूरी वस्तुएं भी महंगी हो जाएंगी, जिससे आम आदमी की जेब पर महंगाई का भारी बोझ बढ़ जाएगा।

वैश्विक शांति और कूटनीतिक मोर्चे पर तेज हुई हलचल, क्या संभलेंगे हालात?

होर्मुज स्ट्रेट में हुए इन मिसाइल हमलों के बाद संयुक्त राष्ट्र और दुनिया के तमाम बड़े देशों की सरकारों ने आपातकालीन बैठकें बुलानी शुरू कर दी हैं। कूटनीतिक स्तर पर यह दबाव बनाया जा रहा है कि इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखा जाए ताकि वैश्विक व्यापार बाधित न हो। यदि समय रहते इस तनाव को कम नहीं किया गया, तो मध्य पूर्व का यह संघर्ष एक बड़े वैश्विक ऊर्जा युद्ध में तब्दील हो सकता है। फिलहाल, दुनिया भर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस समुद्री इलाके में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वैश्विक शक्तियां क्या ठोस कदम उठाती हैं और क्या क्रूड ऑयल के बढ़ते दामों में कोई नरमी आ पाती है या नहीं।