पहले टेस्ट में पूरी तरह बैकफुट पर साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलियाई टीम ने हासिल की 139 रनों की मजबूत बढ़त
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका की टीमें आमने-सामने होती हैं, तो मुकाबला हमेशा कांटे का और रोमांच से भरपूर होता है। टेस्ट क्रिकेट को असली चुनौती और महानता का पैमाना माना जाता है, और जब ये दोनों पारंपरिक प्रतिद्वंदी मैदान पर उतरते हैं, तो दर्शकों को खेल का सबसे आक्रामक और तकनीकी रूप देखने को मिलता है। मौजूदा समय में खेले जा रहे रोमांचक टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपनी चिर-परिचित आक्रामक शैली का प्रदर्शन करते हुए मैच पर पूरी तरह से शिकंजा कस लिया है। दक्षिण अफ्रीका की मजबूत मानी जाने वाली बल्लेबाजी लाइन-अप कंगारू गेंदबाजों के आगे इस मैच में पूरी तरह बेबस नजर आई, जिसके चलते मेहमान टीम पहली पारी के आधार पर काफी पीछे छूट गई है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि इस टेस्ट मैच के शुरुआती दिनों से ही मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने गेम पर अपनी पकड़ इतनी मजबूत कर ली है कि अब वहां से दक्षिण अफ्रीका के लिए वापसी करना बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण साबित होने वाला है।
साउथ अफ्रीका की पहली पारी ढहने के बाद ऑस्ट्रेलिया को मिली 139 रन की विशाल बढ़त
मैच के शुरुआती सत्र से ही तेज गेंदबाजों के अनुकूल मानी जाने वाली पिच पर ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण ने कहर बरपाना शुरू कर दिया था। दक्षिण अफ्रीका के ओपनिंग बल्लेबाजों से लेकर मध्य क्रम के अनुभवी खिलाड़ियों तक को कंगारू गेंदबाजों ने टिकने का कोई मौका नहीं दिया। नतीजा यह रहा कि पूरी अफ्रीकी टीम अपनी पहली पारी में सस्ते स्कोर पर सिमट गई। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने सधी हुई शुरुआत करते हुए अफ्रीकी गेंदबाजों के हर वार का डटकर मुकाबला किया और स्कोरबोर्ड पर तेजी से रन जोड़े। पहली पारी के आधार पर ऑस्ट्रेलिया ने महत्वपूर्ण 139 रनों की बढ़त हासिल कर ली है, जो इस टेस्ट मैच के लिहाज से बहुत बड़ी और निर्णायक बढ़त मानी जा रही है। किसी भी विदेशी दौरे पर या घर में खेलते हुए जब कोई टीम पहली पारी में इतने रनों की बढ़त ले लेती है, तो मनोवैज्ञानिक दबाव पूरी तरह से विरोधी टीम पर आ जाता है, और इस समय दक्षिण अफ्रीकी खेमा भारी मानसिक दबाव में दिखाई दे रहा है।
कंगारू गेंदबाजों की घातक गेंदबाजी के आगे घुटने टेकने को मजबूर हुए अफ्रीकी बल्लेबाज
क्रिकेट के गलियारों में हमेशा से यह कहा जाता रहा है कि टेस्ट मैच जीतने के लिए आपके पास दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज होने चाहिए, और इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण ने इस बात को एक बार फिर अक्षरशः सच साबित कर दिया है। पिच से मिल रही अतिरिक्त उछाल, स्विंग और सीम मूवमेंट का पूरा फायदा उठाते हुए ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों को क्रीज पर पैर जमाने का कोई मौका नहीं दिया। एक के बाद एक लगातार झटके लगने के कारण अफ्रीकी टीम का कोई भी बल्लेबाज मैदान पर टिककर लंबी पारी नहीं खेल सका। कप्तान से लेकर दिग्गज खिलाड़ियों तक का प्रदर्शन इस पारी में बेहद निराशाजनक रहा। शॉर्ट पिच गेंदों और गुड लेंथ पर टप्पा खाकर बाहर जाती गेंदों के खिलाफ अफ्रीकी बल्लेबाजों की तकनीक की पोल खुल गई, जिसका पूरा फायदा उठाते हुए कंगारू फील्डरों ने भी स्लिप और गली में शानदार कैच लपके और अपनी टीम को मैच में पूरी तरह से आगे कर दिया।
शानदार बल्लेबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने शिकंजा कसा, अफ्रीकी गेंदबाजों के छूटे पसीने
सिर्फ गेंदबाजी में ही नहीं, बल्कि जब ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज मैदान पर उतरे तो उन्होंने यह साबित कर दिया कि वे इस सीरीज को जीतने के लिए कितने भूखे हैं। दक्षिण अफ्रीका के पास दुनिया का एक बेहतरीन और खूंखार गेंदबाजी आक्रमण माना जाता है, जिसमें गति और विविधता की कोई कमी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने बेहद सूझबूझ और आक्रामक रवैये का बेहतरीन संतुलन दिखाया। शुरुआती ओवरों में जब गेंद नई थी और स्विंग कर रही थी, तब कंगारू ओपनर्स ने बेहद संभलकर खेला और उसके बाद खराब गेंदों को चौके-छक्कों में बदलकर स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। मिडल ऑर्डर के बल्लेबाजों ने रन गति को बनाए रखते हुए न केवल पहली पारी के स्कोर को पार किया, बल्कि 139 रनों की वह निर्णायक बढ़त भी दिलाई जिसके दम पर अब ऑस्ट्रेलिया मैच की दूसरी पारी में पूरी तरह से ड्राइवर सीट पर बैठा हुआ है।
अब मैच जीतने के लिए दक्षिण अफ्रीका को करना होगा चमत्कारिक प्रदर्शन
खेल के इस मुकाम पर पहुंचकर जहाँ ऑस्ट्रेलिया की स्थिति बेहद मजबूत हो चुकी है, वहीं दक्षिण अफ्रीका के सामने अब मैच बचाने और वापसी करने की बहुत बड़ी चुनौती आन खड़ी हुई है। टेस्ट क्रिकेट के लंबे इतिहास में कई बार ऐसी चमत्कारिक पारियां देखने को मिली हैं जहां टीमों ने बुरी स्थिति से उबरकर शानदार जीत दर्ज की है, लेकिन उसके लिए अफ्रीकी बल्लेबाजों को अपनी तकनीक और मानसिक दृढ़ता का एक अद्भुत नमूना पेश करना होगा। यदि दक्षिण अफ्रीका अपनी दूसरी पारी में भी सस्ते में आउट हो जाता है, तो ऑस्ट्रेलिया को मैच जीतने के लिए बहुत छोटे लक्ष्य का पीछा करना होगा, जिससे कंगारुओं के लिए यह मुकाबला बेहद आसान हो जाएगा। मैच के अगले सत्र का खेल यह तय करेगा कि क्या दक्षिण अफ्रीका इस सीरीज में खुद को बचा पाता है या फिर कंगारू टीम शुरुआती टेस्ट में ही अपना दबदबा पूरी तरह कायम कर लेती है।