Muhurat Trading 2026: रविवार को बंद नहीं रहेगा शेयर मार्केट, दिवाली पर इस समय होगी मुहूर्त ट्रेडिंग
संवत् 2083 की शुरुआत और दीपावली के पावन पर्व पर दलाल स्ट्रीट से देश भर के निवेशकों के लिए एक बेहद रोमांचक और बड़ी खबर सामने आ रही है। इस बार दीपावली के दिन रविवार होने के कारण निवेशकों के मन में यह संशय बना हुआ था कि क्या इस साल शेयर बाजार में पारंपरिक 'मुहूर्त ट्रेडिंग' (Muhurat Trading 2026) का आयोजन हो पाएगा या नहीं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने इस असमंजस को पूरी तरह से दूर करते हुए आधिकारिक घोषणा कर दी है कि इस बार 8 नवंबर 2026 (रविवार) को दीपावली के पावन अवसर पर शेयर बाजार सामान्य दिनों की तरह बंद नहीं रहेगा। निवेशकों की धार्मिक और पारंपरिक आस्था का सम्मान करते हुए स्टॉक एक्सचेंजों ने विशेष सत्र के रूप में शाम के समय मुहूर्त ट्रेडिंग आयोजित करने का ऐतिहासिक फैसला किया है। इस एक घंटे के विशेष कारोबारी सत्र में निवेश करना देश भर के करोड़ों निवेशकों के लिए माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने और नए संवत की शुरुआत का सबसे बड़ा माध्यम माना जाता है।
संवत 2083 के स्वागत के लिए दलाल स्ट्रीट पर विशेष तैयारियां, निवेशकों में जबरदस्त उत्साह
भारतीय शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा दशकों पुरानी है और इसे बहुत ही पवित्र तथा शुभ माना जाता है। बुजुर्ग निवेशकों से लेकर नई पीढ़ी के शेयर बाजार ट्रेडर्स तक, हर कोई इस एक घंटे के विशेष सत्र में खरीदारी करने का बेसब्री से इंतजार करता है। मान्यता है कि दीपावली की इस पावन संध्या पर मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान शेयर खरीदने से पूरे साल मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और वित्तीय पोर्टफोलियो में बरकत होती है। इस बार चूंकि दिवाली रविवार के दिन पड़ रही है, इसलिए एक्सचेंजों द्वारा विशेष ट्रेडिंग विंडो खोले जाने के फैसले से निवेशकों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया है। ब्रोकरेज हाउस, वित्तीय संस्थानों और खुदरा निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो को री-बैलेंस करने और शुभ शेयरों की खरीदारी करने की खास तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं।
जानिए क्या रहेगा मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 का सटीक समय और सत्र की पूरी समय-सारणी
एनएसई (NSE) और बीएसई (BSE) द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस वर्ष मुहूर्त ट्रेडिंग का सत्र रविवार, 8 नवंबर 2026 को शाम के समय आयोजित किया जाएगा। बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस विशेष सत्र का कुल समय एक घंटे का होगा, जिसमें प्री-ओपन सेशन से लेकर क्लोजिंग सेशन तक सभी प्रक्रियाएं शामिल होंगी। शाम को ठीक 6:00 बजे से लेकर 7:00 बजे तक मुख्य ट्रेडिंग विंडो लाइव रहेगी, जिसमें निवेशक इक्विटी, कमोडिटी, करेंसी डेरिवेटिव्स और म्यूचुअल फंड्स में अपने पसंदीदा शेयरों की खरीद-फरोख्त कर सकेंगे। इस दौरान बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) के कारोबार पर देश भर के निवेशकों की पैनी नजरें टिकी रहेंगी।
मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान किन बातों का रखें ध्यान और कौन से शेयर साबित हो सकते हैं फायदेमंद
शेयर बाजार के दिग्गजों और वित्तीय सलाहकारों का मानना है कि मुहूर्त ट्रेडिंग केवल मुनाफे का सौदा करने का समय नहीं है, बल्कि यह अपने लॉन्ग-ترم निवेश (Long-term Investment) की नींव मजबूत करने का अवसर है। इस विशेष सत्र में निवेश करते समय निवेशकों को शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग या सट्टेबाजी से बचने की सलाह दी जाती है। इसके बजाय, मजबूत फंडामेंटल वाले ब्लू-चिप शेयरों (Blue-chip stocks), बैंकिंग, आईटी, रिन्यूएबल एनर्जी और एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों के शेयरों में खरीदारी करना सबसे समझदारी भरा कदम माना जाता है। चूंकि इस दौरान बाजार में भारी मात्रा में वॉल्यूम और सकारात्मक sentiment देखने को मिलता है, इसलिए नए निवेशकों को भी अनुशासित तरीके से छोटी शुरुआत करने का बेहतरीन मौका मिलता है।
नए संवत की शुरुआत और भारतीय शेयर बाजार का मजबूत होता वैश्विक आर्थिक परिदृश्य
दीपावली के साथ ही भारतीय वित्तीय बाजार में नए विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ होता है। पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से खुदरा निवेशकों (Retail Investors) ने म्यूचुअल फंड्स और सीधे शेयर बाजार में अपनी भागीदारी बढ़ाई है, उसने भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक पटल पर एक नई मजबूती दी है। दुनिया भर की नजरें आज भारतीय शेयर बाजार के इस अनोखे और सांस्कृतिक रूप से जुड़े ट्रेडिंग सत्र पर टिकी रहती हैं। मुहूर्त ट्रेडिंग केवल एक कारोबारी गतिविधि नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और आधुनिक पूंजी बाजार का एक ऐसा अद्भुत संगम है जो हर साल नए निवेशकों को प्रेरित करता है। इस बार रविवार के दिन होने वाली यह मुहूर्त ट्रेडिंग देश के आर्थिक इतिहास में एक यादगार अध्याय जोड़ने जा रही है।