दोस्त के बुलावे पर पटना से प्रयागराज निकले छोटे सरकार, बनारस में महामना का करना चाहते थे दर्शन, पुलिस .....

दोस्त के बुलावे पर पटना से प्रयागराज निकले छोटे सरकार, बनारस में महामना का करना चाहते थे दर्शन, पुलिस .....

बिहार की राजनीति में अपनी खास पहचान रखने वाले मोकामा के पूर्व विधायक और 'छोटे सरकार' के नाम से मशहूर बाहुबली नेता अनंत सिंह को लेकर एक बेहद दिलचस्प और हाई-वोल्टेज ड्रामा सामने आया है। अपने करीबी दोस्त के विशेष आमंत्रण पर पटना से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जाने के लिए निकले अनंत सिंह जब वाराणसी (बनारस) पहुंचे, तो उनके समर्थकों का उत्साह सातवें आसमान पर था। बनारस पहुंचने के बाद अनंत सिंह की दिली इच्छा काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद लेने की थी। लेकिन जैसे ही वे बीएचयू परिसर की ओर बढ़े, स्थानीय यूपी पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया और उन्हें बड़ा झटका दे दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कुछ देर के लिए मौके पर भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया और समर्थकों ने पुलिसिया कार्रवाई का विरोध किया, हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हें वापस रवाना कर दिया।

पटना से प्रयागराज का निकला था काफिला, समर्थकों के भारी हुजूम के बीच बनारस पहुंचे अनंत सिंह

मोकामा के चर्चित पूर्व विधायक अनंत सिंह जब भी अपनी रियासत से बाहर निकलते हैं, तो उनका अंदाज हमेशा शाही और चर्चा का विषय बन जाता है। इस बार भी अपने एक करीबी मित्र के मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वे दर्जनों लग्जरी गाड़ियों के लंबे काफिले के साथ बिहार के पटना से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में जब उनका काफिला धार्मिक नगरी वाराणसी पहुंचा, तो उनके स्थानीय समर्थकों और प्रशंसकों ने उनका भव्य स्वागत किया। अनंत सिंह ने काशी विश्‍वनाथ की पावन नगरी में कदम रखते ही अपनी पहली इच्छा जाहिर की कि वे शिक्षा के मंदिर बीएचयू जाएंगे और महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनका दर्शन करेंगे।

बनारस में महामना के दर्शन की थी तमन्ना, पर यूपी पुलिस की मुस्तैदी ने बिगाड़ा 'छोटे सरकार' का प्लान

जैसे ही अनंत सिंह का गाड़ियों का लंबा काफिला बीएचयू लंका गेट की तरफ बढ़ने लगा, उत्तर प्रदेश पुलिस और स्थानीय प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड में आ गया। वाराणसी पुलिस के आला अधिकारियों को अंदेशा था कि अनंत सिंह के बीएचयू परिसर में प्रवेश करने से वहां छात्रों का भारी हुजूम इकट्ठा हो सकता है, जिससे विश्वविद्यालय की शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी सुरक्षा खतरे को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल ने मुस्तैदी दिखाते हुए अनंत सिंह के काफिले को बीएचयू मुख्य द्वार से काफी पहले ही रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आगे न जाने और परिसर में प्रवेश न करने की सख्त हिदायत दी। अचानक लगे इस ब्रेक से अनंत सिंह के समर्थक काफी नाराज दिखे, लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे उन्हें अपनी योजना बदलनी पड़ी।

बीएचयू गेट पर पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक, बैकफुट पर आए पूर्व विधायक

पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद बीएचयू के बाहर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। अनंत सिंह के समर्थकों का कहना था कि वे केवल एक श्रद्धालु की तरह महामना मदन मोहन मालवीय जी को नमन करने आए हैं और इससे किसी भी तरह के नियम का उल्लंघन नहीं हो रहा है। हालांकि, यूपी पुलिस अपने फैसले पर पूरी तरह अडिग रही और उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना पूर्व प्रशासनिक अनुमति के इतने बड़े काफिले के साथ परिसर में प्रवेश की इजाजत नहीं दी जा सकती। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए 'छोटे सरकार' ने भी समझदारी दिखाई और पुलिस के निर्देशों का पालन करते हुए बीएचयू जाने का अपना इरादा रद्द कर दिया। इसके बाद वे वहां से सीधे प्रयागराज के लिए रवाना हो गए।

राजनीतिक और गलियारों में चर्चा का विषय बना अनंत सिंह का यूपी दौरा, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

बिहार से बाहर उत्तर प्रदेश की सीमा में अनंत सिंह के इस कदम और पुलिस द्वारा उन्हें रोके जाने की घटना ने दोनों राज्यों की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बनारस में पुलिस द्वारा अनंत सिंह को रोके जाने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे प्रशासन की सतर्कता बता रहे हैं तो वहीं अनंत सिंह के प्रशंसक इसे बेवजह का हस्तक्षेप करार दे रहे हैं। इस पूरी घटना ने यह साबित कर दिया है कि बिहार की राजनीति के 'छोटे सरकार' का जलवा और उनकी धमक बिहार की सीमाओं से बाहर पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भी उतनी ही देखने को मिलती है।

प्रयागराज के लिए रवाना हुए अनंत सिंह, सुरक्षा एजेंसियां काफिले पर बनाए हुए हैं पैनी नजर

वाराणसी में पुलिसिया झटके के बाद अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ प्रयागराज की ओर आगे बढ़ गए। हालांकि, इस घटना के बाद से उत्तर प्रदेश पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हैं। प्रयागराज प्रशासन को भी सतर्क कर दिया गया है ताकि पूर्व विधायक के प्रवास के दौरान वहां किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। अनंत सिंह का यह दौरा भले ही एक निजी कार्यक्रम के लिए था, लेकिन बनारस में घटे इस घटनाक्रम ने इसे राष्ट्रीय और प्रादेशिक मीडिया की सबसे बड़ी सुर्खियों में लाकर खड़ा कर दिया है।