रांची-पलामू समेत झारखंड के 7 जिलों में छाएगा कोहरा, जमशेदपुर का AQI पहुंचा 163

रांची-पलामू समेत झारखंड के 7 जिलों में छाएगा कोहरा, जमशेदपुर का AQI पहुंचा 163

झारखंड के मौसम के मिजाज में अब तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे सुबह और शाम के समय सिहरन बढ़ने लगी है। मौसम विभाग (IMD) की ताजा भविष्यवाणियों के मुताबिक, राज्य की राजधानी रांची और पलामू समेत कुल 7 प्रमुख जिलों में आने वाले कुछ दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा (Dense Fog) छाए रहने की पूरी संभावना है। विजिबिलिटी कम होने के कारण वाहन चालकों को सड़क पर खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। एक तरफ जहां कोहरे की चादर ने ठंड के दस्तक देने का संकेत दे दिया है, वहीं दूसरी तरफ औद्योगिक और बड़े शहरों में हवा की गुणवत्ता (Air Quality Index) लगातार गिरती जा रही है। लोह नगरी जमशेदपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बढ़कर 163 तक पहुंच गया है, जो कि 'मध्यम' (Moderate) श्रेणी में आता है और संवेदनशील लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।

झारखंड के इन 7 जिलों में मौसम ने ली करवट, सुबह-शाम कोहरे की चादर में लिपटी सड़कें

मौसम विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, झारखंड के जिन सात जिलों में घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा उनमें रांची, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और रामगढ़ शामिल हैं। इन इलाकों में रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसके कारण नमी और ठंडी हवाओं के मिलने से सुबह के वक्त कोहरा धुंध का रूप ले रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नवंबर के दूसरे सप्ताह तक ठंड में और अधिक इजाफा होगा। सुबह के समय सड़कों पर लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों और बाइक चालकों को फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है, क्योंकि विजिबिलिटी कई जगहों पर घटकर काफी कम हो गई है।

जमशेदपुर का AQI पहुंचा 163: हवा में घुलता प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए बना खतरा

ठंड की आहट के साथ-साथ झारखंड के औद्योगिक शहरों में प्रदूषण का स्तर भी चिंताजनक रूप से बढ़ने लगा है। टाटा स्टील और अन्य बड़े उद्योगों के शहर जमशेदपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 163 के खतरनाक स्तर को पार कर गया है। 100 से ऊपर का AQI स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा नहीं माना जाता है, विशेष तौर पर अस्थमा, सांस की बीमारी और दिल के मरीजों के लिए यह हवा नुकसानदायक साबित हो सकती है। जानकारों का कहना है कि सर्दियों के दिनों में तापमान कम होने के कारण हवा में मौजूद धूलकण और प्रदूषण फैलाने वाली गैसें ऊपरी वायुमंडल में नहीं जा पातीं और जमीन के करीब ही तैरती रहती हैं, जिससे स्मॉग (Smog) और प्रदूषण का खतरा बढ़ जाता है।

राजधानी रांची में भी महसूस होने लगी गुलाबी ठंड, न्यूनतम तापमान में आई भारी गिरावट

राज्य की राजधानी रांची में भी अब मौसम का मिजाज पूरी तरह सुहाना और सर्द होने लगा है। शाम ढलते ही ठंडी हवाओं के चलने से लोगों ने हल्के गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। रांची का न्यूनतम तापमान गिरकर सामान्य से नीचे जाने लगा है, जिससे आने वाले दिनों में कड़ाके की ठंड पड़ने के पूरे आसार हैं। रांची के मोराबादी और धुर्वा जैसे खुले इलाकों में सुबह की सैर करने वाले लोगों को कोहरे और हल्की धुंध के बीच कनकनी का अहसास होने लगा है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में झारखंड के अन्य जिलों में भी ठंड अपने तेवर दिखाना शुरू कर देगी और पारे में और अधिक गिरावट दर्ज की जाएगी।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी: प्रदूषण और कोहरे से बचने के लिए बरतें खास सावधानी

बढ़ते प्रदूषण और कोहरे के इस बदलते मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और जिला प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को सुबह के वक्त घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनने की सलाह दी गई है ताकि प्रदूषित हवा सीधे फेफड़ों तक न पहुंचे। इसके अलावा, सुबह के समय वाहन चलाते समय स्पीड धीमी रखने और इंडिकेटर का इस्तेमाल करने की अपील की गई है ताकि सड़क हादसों से बचा जा सके। झारखंड में ठंड की यह शुरुआत जहां एक तरफ मौसम को खुशनुमा बना रही है, वहीं गिरता हुआ AQI पर्यावरण और सेहत को लेकर एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है।