धनतेरस पर सोना खरीदने का है प्लान, दुकान पर ही इन 5 तरीकों से करें असली और नकली की पहचान

धनतेरस पर सोना खरीदने का है प्लान, दुकान पर ही इन 5 तरीकों से करें असली और नकली की पहचान

भारतीय संस्कृति और परंपराओं में धनतेरस और दीपावली के शुभ पर्व पर सोने-चांदी के आभूषण या सिक्के खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन देश भर के सर्राफा बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ती है और लोग अपनी गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा सोने में निवेश करते हैं। हालांकि, त्योहारी सीजन की इस भारी मांग और अफरा-तफरी का फायदा कई बार असामाजिक तत्व और मिलावटखोर उठाने की कोशिश करते हैं। बाजार में कम शुद्धता वाले सोने को मानक दर पर बेचने या नकली आभूषण थमाने के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में यह बेहद आवश्यक है कि जब आप धनतेरस के दिन अपनी पसंद के गहने खरीदने सर्राफा की दुकान पर जाएं, तो आपको यह अच्छी तरह पता हो कि असली और नकली सोने में फर्क कैसे किया जाता है। यदि आप कुछ बुनियादी और तकनीकी बातों का ध्यान रखें, तो आप किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से पूरी तरह सुरक्षित रह सकते हैं।

पहला और सबसे अचूक तरीका: बीआईएस हॉलमार्क (BIS Hallmark) और हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर की जांच

सोने की शुद्धता की पहचान करने का सबसे पहला, कानूनी और सबसे भरोसेमंद पैमाना भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क है। जब भी आप दुकान से कोई सोने का हार, अंगूठी या सिक्का खरीदें, तो उस पर बने हॉलमार्क के निशान को सूक्ष्मदर्शी लेंस से जरूर जांच लें। असली और प्रमाणित सोने पर हमेशा बीआईएस का तिकोना लोगो, सोने की कैरेट शुद्धता (जैसे 22K के लिए 916, 18K के लिए 750) और सबसे महत्वपूर्ण 'HUID' (Hallmark Unique Identification) कोड खुदा होता है। यह एक छह अंकों का अल्फैन्यूमेरिक कोड होता है जिसे सरकार के 'BIS Care App' पर स्कैन या दर्ज करके आप पल भर में यह पता लगा सकते हैं कि वह आभूषण देश की किस रजिस्टर्ड लैब में टेस्ट हुआ है और उसका असली निर्माता कौन है। बिना हॉलमार्क वाले सोने के गहने खरीदने से हमेशा बचना चाहिए।

दूसरा तरीका: चुंबक परीक्षण (Magnet Test) और घनत्व का सामान्य विज्ञान

अगर आपके पास दुकान पर हॉलमार्क की जांच करने के साधन सीमित हैं, तो आप भौतिक परीक्षण के कुछ आसान तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। सोना एक अचुंबकीय (Non-magnetic) धातु है, यानी यह चुंबक की तरफ आकर्षित नहीं होता है। आप दुकानदार से अनुरोध करके एक छोटा और मजबूत न्युडिमियम चुंबक सोने के आभूषण के पास ले जाकर देख सकते हैं। यदि सोना चुंबक से चिपक जाता है या उसकी तरफ खिंचता है, तो इसका मतलब साफ है कि उसमें लोहे या अन्य चुंबकीय धातुओं की भारी मिलावट की गई है और वह पूरी तरह नकली है। असली सोना कभी भी चुंबक से चिपकता नहीं है। इसके अलावा, शुद्ध सोने का घनत्व (Density) बहुत अधिक होता है, जिसके कारण यदि आप समान आकार के नकली और असली आभूषण की तुलना करेंगे, तो असली सोना वजन में काफी भारी महसूस होगा।

तीसरा तरीका: एसिड टेस्ट (Nitric Acid Test) या प्रोफेशनल ज्वेलर की परख

सोने की शुद्धता जांचने के पारंपरिक तरीकों में नाइट्रिक एसिड टेस्ट (Nitric Acid Test) को काफी सटीक माना जाता है, हालांकि इसे बेहद सावधानी के साथ किया जाना चाहिए। शुद्ध सोने पर नाइट्रिक एसिड का कोई रासायनिक प्रभाव नहीं पड़ता है और उसका रंग नहीं बदलता है, जबकि मिलावटी या पीतल जैसी धातु पर एसिड पड़ते ही वह तुरंत हरा या काला पड़ने लगता है। चूंकि यह परीक्षण थोड़ा खतरनाक हो सकता है, इसलिए बेहतर यही होगा कि आप दुकान पर आभूषण खरीदने से पहले केरोसिन या एसिड परीक्षण के बजाय कैरम या एक्स-रे फ्लूरोसेंट (XRF) मशीन से शुद्धता मापने का आग्रह करें। आज के समय में देश के लगभग सभी प्रतिष्ठित और बड़े सर्राफा शोरूम्स में 'गोल्ड प्योरिटी टेस्टिंग मशीन' मौजूद होती है, जो बिना आभूषण को खरोंचे या नुकसान पहुंचाए कुछ ही सेकंड में उसकी सटीक कैरेट शुद्धता स्क्रीन पर दिखा देती है।

चौथा तरीका: स्किन टेस्ट और पानी में डूबने का घनत्व परीक्षण

सोने की पहचान करने का एक और घरेलू तरीका स्किन टेस्ट (Skin Test) माना जाता है। असली सोने को यदि आप अपनी हथेली पर थोड़ी देर के लिए रखते हैं, तो वह आपके शरीर के तापमान को जल्दी नहीं अपनाता है और अपनी ठंडी तासीर बनाए रखता है, जबकि नकली धातुएं हाथों की गर्मी पाकर तुरंत गर्म हो जाती हैं। इसके अलावा, एक छोटी कांच की कटोरी में पानी भरकर उसमें सोने के टुकड़े को डालने पर असली सोना अपने भारी घनत्व के कारण सीधे कटोरी की तली में तेजी से बैठ जाता है, जबकि हल्की धातुएं या नकली सिक्के पानी की सतह पर तैरने लगते हैं या धीरे-धीरे नीचे जाते हैं। हालांकि, सबसे सुरक्षित और कानूनी तरीका यही है कि आप हमेशा प्रतिष्ठित, भरोसेमंद और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ज्वेलर से ही पक्का बिल और हॉलमार्क सर्टिफिकेट के साथ ही खरीदारी करें।

निष्कर्ष: सावधानी और सतर्कता के साथ मनाएं धनतेरस का पावन पर्व

संक्षेप में कहें तो धनतेरस पर सोने की खरीदारी करते समय थोड़ी सी सावधानी, बीआईएस हॉलमार्क की पक्की जांच और पक्का बिल लेने की आदत आपको किसी भी बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है। आपकी यह सतर्कता न केवल आपके त्योहार की खुशियों को दोगुना करेगी, बल्कि आपकी गाढ़ी कमाई को पूरी तरह सुरक्षित रखेगी।