Reliance Jio IPO: मेटा और गूगल को मिलने वाला है ₹1 लाख करोड़ का बंपर 'प्रॉफिट

Reliance Jio IPO: मेटा और गूगल को मिलने वाला है ₹1 लाख करोड़ का बंपर 'प्रॉफिट

भारतीय कॉर्पोरेट जगत और शेयर बाजार से इस वक्त देश और दुनिया के वित्तीय बाजारों को हिला देने वाली सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। देश के सबसे बड़े औद्योगिक घरानों में शुमार रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के टेलीकॉम और डिजिटल आर्म यानी रिलायंस जियो (Reliance Jio) के बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफर यानी आईपीओ (IPO) को लेकर बाजार में सुगबुगाहट तेज हो गई है। वैश्विक तकनीकी दिग्गजों—मेटा (Meta) और गूगल (Google)—द्वारा आज से लगभग 6 साल पहले यानी वर्ष 2020 में जियो प्लेटफॉर्म्स में किए गए भारी-भरकम निवेश पर अब बंपर मुनाफा मिलने की उम्मीद है। वित्तीय बाजार के जानकारों और वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों की रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैसे ही रिलायंस जियो शेयर बाजार में अपना आईपीओ लेकर उतरेगा, मेटा और गूगल को अपने शुरुआती निवेश पर करीब 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध मुनाफा (Profit) मिलने की संभावना है। आइए एक वित्तीय और बिजनेस रिपोर्टर की नजर से गहराई से जानते हैं कि इस मेगा आईपीओ की पूरी इनसाइड स्टोरी क्या है और कैसे वैश्विक टेक कंपनियों ने भारत के डिजिटल बाजार में सबसे बड़ा दांव खेलकर यह सफलता हासिल की है।

साल 2020 का वह ऐतिहासिक दौर: जब कोरोना संकट के बीच जियो में हुई थी पैसों की बरसात

बात वर्ष 2020 के उस दौर की है जब पूरी दुनिया कोविड-19 महामारी की चपेट में थी और वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं बुरी तरह से चरमरा रही थीं। ऐसे अनिश्चितता भरे माहौल में भी भारत के डिजिटल सेक्टर की असीम संभावनाओं को भांपते हुए दुनिया की दो सबसे बड़ी टेक कंपनियों—मेटा (तत्कालीन फेसबुक) और गूगल—ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के डिजिटल प्लेटफॉर्म 'जियो' में ऐतिहासिक निवेश करने का ऐलान किया था। मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा ने अप्रैल 2020 में जियो प्लेटफॉर्म्स में करीब 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए 43,574 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया था। इसके कुछ ही महीनों बाद जुलाई 2020 में सुंदर पिचाई की कंपनी गूगल ने भी जियो में 33,737 करोड़ रुपये का निवेश करके लगभग 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली थी। इस तरह इन दोनों अमेरिकी दिग्गजों ने कुल मिलाकर लगभग 77,310 करोड़ रुपये की पूंजी जियो में लगाई थी, जो उस समय भारतीय टेक इतिहास का सबसे बड़ा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) साबित हुआ था।

अब क्यों चर्चा में है Reliance Jio का IPO और कैसे निवेशकों को होगा ₹1 लाख करोड़ का फायदा?

पिछले कुछ वर्षों में मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस जियो ने भारत के दूरसंचार बाजार में अपनी बादशाहत कायम करते हुए 45 करोड़ से अधिक ग्राहकों का विशाल नेटवर्क खड़ा कर लिया है। 5G सेवाओं के विस्तार, डिजिटल फाइबर नेटवर्क और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं के प्रसार के कारण जियो का मूल्यांकन (Valuation) आसमान छू रहा है। वित्तीय विश्लेषकों का अनुमान है कि जब रिलायंस जियो अपना आईपीओ शेयर बाजार में लॉन्च करेगा, तो इसका कुल वैल्यूएशन कई लाख करोड़ रुपये आंका जाएगा। इस विशालकाय मूल्यांकन के आधार पर मेटा और गूगल द्वारा 6 साल पहले लगाई गई 77,310 करोड़ रुपये की मूल पूंजी की वैल्यू अब कई गुना बढ़ चुकी है। ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि आईपीओ आने के बाद इन दोनों टेक दिग्गजों को केवल वैल्युएशन गेन के रूप में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का सीधा मुनाफा हाथ लगेगा, जो वैश्विक कॉर्पोरेट इतिहास में सबसे बड़े निवेश रिटर्न में से एक माना जाएगा।

भारतीय डिजिटल क्रांति और मुकेश अंबानी की दूरदर्शी रणनीति की जीत

रिलायंस जियो के इस सफर ने यह साबित कर दिया है कि भारत का डिजिटल बाजार दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाले बाजारों में से एक है। जब जियो ने भारत में सस्ते डेटा की शुरुआत की थी, तब कई लोगों को इसकी स्थिरता पर संदेह था, लेकिन मुकेश अंबानी की दूरदर्शी सोच और तकनीकी समायोजन ने देश के हर गांव और कोने तक इंटरनेट पहुंचा दिया। मेटा और गूगल जैसी ग्लोबल टेक कंपनियों का जियो में निवेश करना इस बात का प्रमाण था कि भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर दुनिया के लिए एक मिसाल बन रहा है। आज जब जियो अपने आईपीओ के जरिए भारतीय शेयर बाजार के मुख्य पटल पर उतरने की तैयारी कर रहा है, तो यह निवेशकों के लिए निवेश का सबसे बड़ा अवसर बनने जा रहा है।

शेयर बाजार और निवेशकों के लिए क्या हैं इसके बड़े मायने और भविष्य की उम्मीदें?

दलाल स्ट्रीट (Dalal Street) के विश्लेषकों का मानना है कि जब रिलायंस जियो का आईपीओ खुलेगा, तो यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है। खुदरा निवेशकों (Retail Investors) से लेकर बड़े संस्थागत निवेशकों तक, हर कोई इस आईपीओ में पैसा लगाने के लिए बेताब है। मेटा और गूगल जैसे दिग्गज निवेशकों को मिलने वाला यह भारी-भरकम मुनाफा इस बात की गवाही देता है कि भारत के विकास इंजन में क्षमता की कोई कमी नहीं है। आने वाले महीनों में जैसे ही रिलायंस इंडस्ट्रीज की आगामी वार्षिक आम बैठकों या आधिकारिक बोर्ड बैठकों में आईपीओ की तारीखों का ऐलान किया जाएगा, वैश्विक वित्तीय बाजारों का ध्यान पूरी तरह से भारत की तरफ केंद्रित हो जाएगा।