शेयर बाजार की इस उथल-पुथल भरी चाल पर क्या कहते हैं दिग्गज मार्केट एक्सपर्ट्स

शेयर बाजार की इस उथल-पुथल भरी चाल पर क्या कहते हैं दिग्गज मार्केट एक्सपर्ट्स

भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों और कारोबारियों के लिए आज का दिन मिला-जुला और रोमांचक उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। सप्ताह के कारोबारी सत्र के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) शुरुआती कारोबार में भारी बिकवाली और दबाव के चलते लाल निशान पर ट्रेड करता हुआ नजर आ रहा था, जिससे निवेशकों की धड़कनें तेज हो गई थीं। हालांकि, सत्र के दूसरेार्ध में बैंकिंग, आईटी और चुनिंदा ब्लू-चिप शेयरों में हुई भारी लिवाली (Buying) के दम पर बाजार ने शानदार वापसी की और देखते ही देखते सेंसेक्स ने निचले स्तरों से लगभग 200 अंकों का जबरदस्त उछाल दर्ज करते हुए हरे निशान में गोता लगा लिया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी इस रिकवरी के रथ पर सवार होकर मजबूत होता दिखाई दिया। बाजार की इस चाल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय आर्थिक फंडामेंटल्स कितने मजबूत हैं। इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि बाजार में आई इस अचानक रिकवरी के पीछे के मुख्य कारण क्या हैं, वित्तीय विशेषज्ञों की इस पर क्या राय है और आज के कारोबार में किन शेयरों ने निवेशकों को मालामाल किया जबकि किसे नुकसान उठाना पड़ा।

शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव और बाजार में क्यों मची थी खलबली?

आज सुबह जब शेयर बाजार खुला, तो वैश्विक संकेतों (Global Cues) और एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुख के कारण दलाल स्ट्रीट पर सुस्ती छाई हुई थी। पिछले कुछ सत्रों से लगातार हो रही मुनाफावसूली (Profit Booking) के चलते निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया हुआ था, जिसके कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांक मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में फिसल गए थे। ऑटोमोबाइल, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव साफ तौर पर देखा जा रहा था। बाजार जानकारों का मानना है कि निवेशक आगामी मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा और आरबीआई की आगामी मौद्रिक नीतियों के रुख को लेकर थोड़े आशंकित थे, जिसकी वजह से सत्र की शुरुआत में सुस्ती और घबराहट का माहौल देखने को मिला था। हालांकि, यह गिरावट ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई और निचले स्तरों पर निवेशकों ने इसे खरीदारी के एक बड़े सुनहरे अवसर के रूप में भुनाना शुरू कर दिया।

दोपहर के सत्र में लौटी रौनक: कैसे सेंसेक्स ने 200 अंकों की छलांग लगाकर पकड़ी रफ्तार?

दोपहर के कारोबार में जैसे ही यूरोपीय बाजारों के सकारात्मक रुझान सामने आए और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) शेयरों में बड़े पैमाने पर खरीदारी शुरू की, वैसे ही बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज, टीसीएस, इंफोसिस और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गजों में हुई लिवाली ने बाजार को नीचे गिरने से बचा लिया और एक जोरदार यू-टर्न लेते हुए सेंसेक्स ने 200 से अधिक अंकों का शानदार उछाल दर्ज किया। बाजार की इस तेज रिकवरी ने यह दिखा दिया कि जब भी बाजार में कोई डिप (Dip) आता है, तो मजबूत घरेलू निवेशक और म्यूचुअल फंड्स खरीदारी के लिए पूरी तरह तैयार रहते हैं। इस तेजी के बाद निवेशकों के चेहरे पर एक बार फिर मुस्कान लौट आई है और पोर्टफोलियो का वैल्यूएशन सुधर गया है।

मार्केट एक्सपर्ट्स की राय: निवेशकों को इस वक्त बाजार में क्या रणनीति अपनानी चाहिए?

शेयर बाजार की इस उठापटक और उतार-चढ़ाव भरी चाल को लेकर देश के जाने-माने स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट्स और फाइनेंशियल एडवाइजर्स का कहना है कि निवेशकों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। जानकारों का मानना है कि यह बाजार का एक प्राकृतिक कंसोलिडेशन फेज है, जहां छोटी-मोटी गिरावट और रिकवरी चलती रहती है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि निवेशकों को किसी भी अफवाह में आकर जल्दबाजी में अपने शेयर बेचने के बजाय क्वालिटी स्टॉक्स (Quality Stocks) में लंबी अवधि के लिए निवेश करने पर फोकस करना चाहिए। जिन कंपनियों के फंडामेंटल्स मजबूत हैं और जिनका कॉर्पोरेट गवर्नेंस साफ-सुथरा है, वे बाजार के हर उतार-चढ़ाव को झेलते हुए लॉन्ग टर्म में निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न देने का दम रखती हैं। एसआईपी (SIP) के जरिए धीरे-धीरे निवेश करना इस समय सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा कदम माना जा रहा है।

आज के कारोबार में टॉप गेनर्स और लूजर्स: किन शेयरों ने मारी बाजी और कौन रहा फिसड्डी?

आज के कारोबारी सत्र में अगर टॉप गेनर्स की बात करें तो आईटी सेक्टर के दिग्गज शेयरों और चुनिंदा बैंकिंग स्टॉक्स में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। इंफोसिस, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, और टेक महिंद्रा के शेयरों ने अच्छी खासी बढ़त हासिल की और हरे निशान में बंद हुए। इन शेयरों में खरीदारी आने के कारण ही सूचकांक को निचले स्तरों से उबरने में सबसे बड़ी मदद मिली। इसके विपरीत, आज के टॉप लूजर्स की सूची में कुछ मेटल और ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयर शामिल रहे, जहां मुनाफावसूली के चलते हल्की कमजोरी दर्ज की गई। टाटा मोटर्स, जेएसडब्ल्यू स्टील और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे वे सुस्त नजर आए। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले कंपनी के तिमाही नतीजों और तकनीकी चार्ट्स का विश्लेषण अवश्य कर लें।