सीमा पर तनाव के बीच चीन ने उठाया एक बड़ा कदम, भारत को मिलेगा फाएदा

पिछले कुछ दिनों से भारत और चीन की सीमा पर तनाव की खबर सामने आ रही है. आपको बता दें कि ऐसे में चीन ने तय समय से करीब 10 दिन पहले ही सतलुज नदी में जल की मात्रा और उसके प्रवाह से जुड़े आंकड़े भारत के साथ साझा करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी।

वहीं मॉनसून के दौरान आंकड़े साझा करने की प्रक्रिया हर साल चलती है और उत्तर भारत में बाढ़ के संबंध में इनसे महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। दिलचस्प बात यह है कि चीन ने यह फूर्ति तब दिखाई जब भारत की पूर्वी और उत्तरी सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं का हाल में आमना-सामना हुआ है।

बता दें कि गुरुवार को ही भारत के विदेश मंत्रालय ने चीनी सैनिकों पर भारतीय पेट्रोलिंग टीम की ड्यूटी में अड़ंगा डालने का सीधा-सीधा आरोप लगाया। उधर, बुधवार को ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन के शपथग्रहण समारोह में भी बीजेपी सांसदों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया है।

गौरतलब है कि अधिकारियों ने बताया कि सतलज नदी के संबंध में चीन त्साडा केन्द्र से प्राप्त आंकड़े साझा करता है। इस नदी को चीन में लांगकेन जांगबो के नाम से जाना जाता है। सिंधु की महत्वपू  र्ण सहायक नदी सतलज का उद्गम तिब्बत में है और यह हिमाचल प्रदेश से भारत में प्रवेश करती है।

वहीं इस साल चीन ने तय समय से करीब 10 दिन पहले 18-19 मई से ही आंकड़े साझा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दोनों देशों के बीच हुए समझौते के मुताबिक चीन ब्रह्मपुत्र और सतलज नदी में जल की मात्रा और इसके प्रवाह संबंधी आंकड़े क्रमश: 15 मई और 1 जून से अक्टूबर के अंत तक साझा करता है।

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