कैंसर जैसी भयानक बीमारी को मात देने वाली इस फाइटर बेटी की कहानी देख भावुक हो गए अभिनेता पिता
बॉलीवुड के गलियारों से इस वक्त एक बहुत ही प्यारी, दिल को झकझोर देने वाली और बेहद प्रेरणादायक खबर सामने आ रही है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं और साथ ही चेहरे पर एक गर्व भरी मुस्कान भी ले आई है। बॉलीवुड के जाने-माने और लोकप्रिय अभिनेता विवेक ओबेरॉय (Vivek Oberoi) अपने बेहतरीन अभिनय के साथ-साथ अपने सामाजिक कार्यों और दरियादिली के लिए भी पूरे देश में जाने जाते हैं। उन्होंने कुछ साल पहले कैंसर जैसी लाइलाज और भयानक बीमारी से जूझ रही एक मासूम बच्ची सहारा शाह को गोद लिया था और उसके इलाज से लेकर उसकी परवरिश तक की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई थी। आज वही लाडली बेटी सहारा शाह ने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और कैंसर के खिलाफ लंबी जंग जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है। इतना ही नहीं, अब यह नन्हीं फाइटर बेटी जल्द ही बॉलीवुड की दुनिया में बतौर हीरोइन कदम रखने की तैयारी कर रही है। अपनी बेटी की इस अद्भुत सफलता और संघर्ष को देखकर अभिनेता विवेक ओबेरॉय कैमरे के सामने ही पूरी तरह भावुक हो गए। इस विशेष और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि विवेक ओबेरॉय और सहारा शाह का यह रिश्ता कैसे जुड़ा, कैसे उसने कैंसर को मात दी और अब उसकी फिल्मी दुनिया में एंट्री की पूरी कहानी क्या है।
विवेक ओबेरॉय और सहारा शाह का भावनात्मक रिश्ता: जब अभिनेता ने उठाया था कैंसर पीड़ित बच्ची को गोद लेने का बड़ा कदम
सिनेमा जगत में कई सितारे सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देते हैं, लेकिन विवेक ओबेरॉय ने जिस संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ एक कैंसर पीड़ित बच्ची सहारा शाह का हाथ थामा था, वह आज के दौर में एक मिसाल बन चुका है। कुछ साल पहले जब सहारा को ब्लड कैंसर जैसी घातक बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया था और उसके गरीब परिवार के पास उसके इलाज के लिए एक भी पैसा नहीं बचा था, तब देवदूत बनकर विवेक ओबेरॉय सामने आए थे। अभिनेता ने न केवल उसके इलाज का सारा खर्च उठाया बल्कि उसे अपनी बेटी की तरह अपनाते हुए उसका कानूनी रूप से पालन-पोषण भी शुरू किया। एक पिता के रूप में विवेक ने हर कदम पर सहारा का साथ दिया, चाहे वह अस्पताल के लंबे चक्कर हों, कीमोथैरेपी का दर्दनाक दौर हो या फिर मानसिक रूप से उसे टूटने से बचाना हो। विवेक ओबेरॉय अक्सर अपने इंटरव्यू में यह कह चुके हैं कि सहारा उनके जीवन का सबसे खूबसूरत हिस्सा है और उसे बेटी के रूप में पाना उनके लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है।
कैंसर को मात देने वाली फाइटर बेटी: मौत को चकमा देकर कैसे जीती सहारा शाह ने जिंदगी की सबसे बड़ी जंग?
कैंसर का नाम सुनते ही अच्छे-अच्छों के हौसले पस्त हो जाते हैं, लेकिन छोटी सी उम्र में सहारा शाह ने जिस दिलेरी और बहादुरी के साथ इस बीमारी का सामना किया, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की देखरेख के साथ-साथ विवेक ओबेरॉय के अटूट समर्थन ने इस असंभव लगने वाली लड़ाई को संभव बना दिखाया। दर्दनाक कीमोथैरेपी, दवाइयों के साइड इफेक्ट्स और शारीरिक कमजोरी के बावजूद सहारा ने कभी हार नहीं मानी और उसके चेहरे की मुस्कان हमेशा बरकरार रही। अपनी जिजीविषा और मजबूत मानसिक बल के दम पर आखिरकार उसने कैंसर जैसी भयानक बीमारी को पूरी तरह से हरा दिया और डॉक्टर द्वारा उसे कैंसर-फ्री घोषित कर दिया गया। कैंसर को मात देने के बाद सहारा ने न केवल एक सामान्य जीवन की तरफ वापसी की, बल्कि अपनी पढ़ाई और कला के क्षेत्र में भी नए सपनों को बुनना शुरू कर दिया, जिससे आज वह देश भर के लाखों कैंसर पीड़ितों और युवाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी है।
बॉलीवुड की नई हीरोइन बनने की तैयारी: कला, अभिनय और मॉडलिंग की दुनिया में रख रही है कदम
कैंसर को हराने के बाद अब सहारा शाह अपने जीवन के एक बिल्कुल नए और रोमांचक अध्याय की शुरुआत करने जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहारा में बचपन से ही कला, नृत्य और अभिनय (Acting) के प्रति एक गहरी रुचि रही है, और अब वह पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद सिल्वर स्क्रीन पर बतौर हीरोइन अपने करियर की शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशकों और प्रोडक्शन हाउस की नजर इस प्रतिभाशाली लड़की पर पहले से ही थी, और उसकी खूबसूरती तथा स्क्रीन प्रेजेंस को देखकर कई प्रोजेक्ट्स पर चर्चा भी शुरू हो चुकी है। एक तरफ जहां विवेक ओबेरॉय अपनी बेटी को इस नई पारी के लिए पूरी तरह से तैयार और प्रोत्साहित कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर भी फैंस सहारा को एक नई हीरोइन के रूप में देखने के लिए बेताब नजर आ रहे हैं। उसकी यह सफलता इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि यदि इंसान ठान ले तो वह किसी भी मुसीबत को हराकर अपनी मंजिल हासिल कर सकता है।
बेटी की सफलता देख कैमरे के सामने भावुक हुए पिता विवेक ओबेरॉय: छलके आंसू और साझा की दिल की बात
जब हाल ही में एक सार्वजनिक मंच पर विवेक ओबेरॉय से उनकी गोद ली हुई बेटी सहारा शाह के स्वास्थ्य और उसके बॉलीवुड डेब्यू को लेकर सवाल पूछा गया, तो अभिनेता अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए और कैमरे के सामने ही पूरी तरह भावुक हो गए। विवेक ने नम आंखों से बताया कि वे दिन उन्हें आज भी अच्छी तरह याद हैं जब डॉक्टरों ने उम्मीद छोड़ दी थी और सहारा जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल के बिस्तर पर संघर्ष कर रही थी। उस समय एक पिता के रूप में उन्होंने भगवान से केवल उसकी जिंदगी की भीख मांगी थी। आज जब वे अपनी उसी बेटी को पूरी तरह स्वस्थ, मुस्कुराते हुए और अपनी सपनों की उड़ान भरते हुए एक हीरोइन के रूप में देख रहे हैं, तो उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। विवेक ने कहा कि भगवान ने उन्हें एक बेटा और बेटी दिए हैं, लेकिन सहारा का उनके जीवन में आना किसी चमत्कार से कम नहीं है। इस भावनात्मक पल को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं, और सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो आग की तरह वायरल हो गया, जिस पर लोग जमकर प्यार बरसा रहे हैं।