'एक्टर्स को बुलाते हो तो इज्जत करो', दलेर मेहंदी के सपोर्ट में उतरे सुदेश बेरी, राखी सावंत का भी फूटा गुस्सा

'एक्टर्स को बुलाते हो तो इज्जत करो', दलेर मेहंदी के सपोर्ट में उतरे सुदेश बेरी, राखी सावंत का भी फूटा गुस्सा

उत्तराखंड के नई टिहरी में आयोजित कुंजापुरी मेले के दौरान पंजाबी पॉप स्टार दलेर मेहंदी और राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुआ विवाद अब एक बड़े राष्ट्रीय और बॉलीवुड मुद्दे का रूप ले चुका है। मंच पर मंत्री द्वारा दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस रुकवाने, उन पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाने और फिर दलेर के भाई मीका सिंह द्वारा मंत्री से 35 लाख रुपये के कैश या चेक भुगतान की रसीद मांगने के बाद अब पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री एकजुट होती दिख रही है। इस हाई-प्रोफाइल विवाद में अब बॉलीवुड और टीवी जगत के दिग्गज अभिनेता सुदेश बेरी और ड्रामे क्वीन राखी सावंत का नाम भी जुड़ गया है। दोनों कलाकारों ने दलेर मेहंदी के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करते हुए आयोजकों और नेताओं के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया है। सुदेश बेरी ने सीधे शब्दों में कहा है कि 'अगर एक्टर्स को बुलाते हो तो उनकी इज्जत करना भी सीखो', वहीं राखी सावंत ने भी बेहद आक्रामक अंदाज में मंत्री और आयोजकों पर अपना गुस्सा निकाला है। इस पूरे घटनाक्रम ने कलाकारों के सम्मान, आयोजकों की जिम्मेदारी और सार्वजनिक मंचों की मर्यादा को लेकर एक नई और गरमा-गरम बहस छेड़ दी है।

क्या था पूरा कुंजापुरी मेला विवाद और कैसे तूल पकड़ता गया मामला?

इस पूरे विवाद की शुरुआत उत्तराखंड के टिहरी जिले में नवरात्रि के अवसर पर आयोजित प्रसिद्ध सिद्धपीठ माँ कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले से हुई थी। सांस्कृतिक संध्या में जब गायक दलेर मेहंदी स्टेज पर अपने गानों की प्रस्तुति दे रहे थे, तभी स्थानीय कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और उन्होंने दलेर की परफॉर्मेंस को बीच में ही रुकवा दिया। मंत्री ने आरोप लगाया कि दलेर मेहंदी शराब के नशे में धुत हैं, वे ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे हैं और केवल गानों पर लिप-सिंकिंग करके औपचारिकता निभा रहे हैं। मंत्री ने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि इस कार्यक्रम के लिए दलेर मेहंदी को 35 लाख रुपये दिए गए थे, इसलिए ऐसी हरकत जनता के पैसे का अपमान है। इस घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आया, वैसे ही बवाल मच गया। इसके बाद दलेर के भाई मीका सिंह ने पलटवार करते हुए मंत्री से 35 लाख रुपये के भुगतान की रसीद सार्वजनिक करने की मांग कर दी, जिसके बाद यह विवाद और अधिक गहरा गया।

'कलाकारों को बुलाते हो तो उनकी इज्जत करो': दिग्गज अभिनेता सुदेश बेरी का बड़ा बयान

दलेर मेहंदी के साथ सार्वजनिक मंच पर हुए इस बर्ताव से बॉलीवुड का एक बड़ा वर्ग आहत महसूस कर रहा है। टीवी और हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता सुदेश बेरी ने इस पूरे वाकये पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए खुलकर दलेर मेहंदी का पक्ष लिया है। सुदेश बेरी ने कहा कि दलेर मेहंदी देश के एक बेहद सम्मानित और वरिष्ठ कलाकार हैं जिन्होंने दशकों तक दुनिया भर में भारत का नाम रोशन किया है। किसी भी सांस्कृतिक कार्यक्रम या मेले में अगर आप किसी वरिष्ठ कलाकार को आमंत्रित करते हैं, तो आपका पहला फर्ज उनकी इज्जत और गरिमा का ध्यान रखना होता है। सुदेश बेरी ने आयोजकों और नेताओं को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि अगर आप कलाकारों को उनके हुनर और लोकप्रियता के लिए बुलाते हैं, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का हक किसी को नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं आने वाले समय में कलाकारों को ऐसे सरकारी या स्थानीय मेलों में जाने से रोकेंगी, जो कला और संस्कृति के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है।

'दलेर जी ने कभी शराब नहीं पी': राखी सावंत ने मंत्री और आयोजकों पर निकाला गुस्सा

बॉलीवुड की कंट्रोवर्सी क्वीन राखी सावंत भी इस मामले में पीछे नहीं रहीं और उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में दलेर मेहंदी के समर्थन में तीखा बयान दिया। राखी सावंत ने मंत्री सुबोध उनियाल के आरोपों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद करार देते हुए कहा कि जो लोग दलेर मेहंदी को करीब से जानते हैं, वे सभी यह बात अच्छी तरह समझते हैं कि वे बेहद धार्मिक और शाकाहारी इंसान हैं जिन्होंने जिंदगी में कभी शराब को हाथ भी नहीं लगाया है। राखी ने कहा कि हाल ही में दलेर जी की एक बड़ी सर्जरी हुई थी और उनकी तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं थी, इसके बावजूद वे अपनी पुरानी प्रतिबद्धता और फैंस के प्यार की खातिर टिहरी पहुंचे थे। राखी सावंत ने मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ पब्लिसिटी पाने या अपनी बात ऊपर रखने के लिए किसी इतने बड़े कलाकार पर इस तरह के झूठे और गंभीर आरोप लगाना बहुत ही शर्मनाक है। राखी ने मांग की है कि नेताओं को कलाकारों का अपमान करने के बजाय उनका शुक्रिया अदा करना चाहिए कि वे इतनी दूर आकर परफॉर्म करते हैं।

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में बढ़ा आक्रोश, क्या अब कानून की चौखट तक पहुंचेगा मामला?

सुदेश बेरी, राखी सावंत और मीका सिंह के एक के बाद एक समर्थन में आने से यह साफ हो गया है कि दलेर मेहंदी विवाद अब केवल एक स्थानीय प्रशासनिक मामला नहीं रह गया है। म्यूजिक और फिल्म इंडस्ट्री के कई अन्य संगठन और कलाकार भी सोशल मीडिया पर दलेर मेहंदी के साथ हुए इस व्यवहार की निंदा कर रहे हैं। कलाकारों का कहना है कि अगर किसी इवेंट में कोई तकनीकी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है, तो उसे बैकस्टेज या निजी तौर पर सुलझाया जाना चाहिए, न कि स्टेज पर आकर पब्लिक के सामने कलाकार की छवि खराब की जाए। वहीं दूसरी तरफ, मीका सिंह द्वारा 35 लाख रुपये के लेन-देन पर उठाए गए सवाल के बाद अब कानूनी नोटिस और मानहानि के मुकदमों की सुगबुगाहट भी तेज हो गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उत्तराखंड के मंत्री और मेले के आयोजक इस बढ़ते दबाव के बीच अपनी सफाई पेश करते हैं या फिर यह विवाद और आगे बढ़ता है।