10 मीटर की दूरी पर दफन हैं मधुबाला-दिलीप कुमार, किस वजह से हुआ था ब्रेकअप?

10 मीटर की दूरी पर दफन हैं मधुबाला-दिलीप कुमार, किस वजह से हुआ था ब्रेकअप?

हिन्दी सिनेमा के इतिहास में जब-जब अधूरी मोहब्बत और दर्दभरी प्रेम कहानियों का जिक्र होता है, तब-तब सबसे पहला और सबसे गहरा नाम 'ट्रैजेडी किंग' दिलीप कुमार (Dilip Kumar) और 'वीनस ऑफ इंडियन सिनेमा' कही जाने वाली खूबसूरत अभिनेत्री मधुबाला (Madhubala) का ही सामने आता है। रुपहले पर्दे पर अपनी बेमिसाल अदाकारी और हुस्न से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले इन दोनों महान कलाकारों का प्यार जितना शिद्दत भरा था, उसका अंत उतना ही दुखद और पीड़ादायक रहा। नियति का खेल देखिए कि जिस प्यार को जिंदा रहते मंजिल न मिल सकी, वह मौत के बाद एक ही जमीन के टुकड़े पर आकर हमेशा-हमेशा के लिए थम गया। मुंबई के जुहू स्थित सांताक्रूज मुस्लिम कब्रिस्तान (Juhu Santacruz Cemetery) में मधुबाला और दिलीप कुमार की मजारें (Graves) महज 10 मीटर की दूरी पर स्थित हैं। दोनों सितारे एक-दूसरे से चंद कदमों के फासले पर दफन हैं। आइए जानते हैं कि आखिर वह कौन सी कड़वी और दुखद वजह थी जिसने बॉलीवुड की इस सबसे खूबसूरत जोड़ी को हमेशा के लिए एक-दूसरे से अलग कर दिया।

'तराना' के सेट से शुरू हुई नज़दीकियों की दास्तान और नौ सालों की अमर मोहब्बत

दिलीप कुमार और मधुबाला की पहली मुलाकात और प्यार की शुरुआत साल 1951 में आई फिल्म 'तराना' (Tarana) के सेट पर हुई थी। उस दौर में मधुबाला की खूबसूरती के लाखों दीवाने थे, लेकिन उनका दिल बॉलीवुड के सबसे मंजे हुए और संजीदा अभिनेता दिलीप कुमार पर आ अटका। शूटिंग के दौरान दोनों के बीच ऐसी नजदीकियां बढ़ीं कि जल्द ही यह रिश्ता सिर्फ फिल्मी सेट तक सीमित न रहकर सच्ची मोहब्बत में तब्दील हो गया। इसके बाद दोनों ने 'संगदिल', 'अमर' और भारतीय सिनेमा की सबसे कालजयी फिल्म 'मुगल-ए-आजम' (Mughal-e-Azam) में एक साथ काम किया। पर्दे पर जब-जब सलीम और अनारकली के रूप में दोनों आमने-सामने आए, तब-तब उनकी वास्तविक मोहब्बत की कशिश दर्शकों को साफ दिखाई देती थी। करीब नौ सालों तक दोनों का रिश्ता बेहद मजबूती से आगे बढ़ता रहा और पूरे बॉलीवुड को यह यकीन हो चुका था कि ये दोनों जल्द ही शादी के अटूट बंधन में बंधने वाले हैं।

किस कड़वी वजह से टूट गया यह अटूट रिश्ता? एक गलतफहमी, कोर्ट केस और अहंकार की दीवार

जितनी खूबसूरत दिलीप कुमार और मधुबाला की प्रेम कहानी थी, उसका अंत उतना ही नाटकीय और तकलीफदेह रहा। इस अमर प्रेम कहानी के टूटने की मुख्य वजह बीआर चोपड़ा की फिल्म 'नया दौर' (Naya Daur) की शूटिंग के दौरान पैदा हुआ एक कानूनी और पारिवारिक विवाद बनी। फिल्म 'नया दौर' की आउटडोर शूटिंग के लिए बीआर चोपड़ा पूरी टीम को भोपाल (मध्य प्रदेश) ले जाना चाहते थे। हालांकि, मधुबाला के पिता अताउल्लाह खान (Ataullah Khan) अपनी बेटी को मुंबई से बाहर आउटडोर शूटिंग पर भेजने के सख्त खिलाफ थे। अताउल्लाह खान के इस सख्त रुख के कारण निर्देशक बीआर चोपड़ा ने मधुबाला को फिल्म से हटाकर उनकी जगह वैजयंती माला को साइन कर लिया। इसके बाद मामला अदालत (Court Case) तक पहुंच गया और बीआर चोपड़ा ने अताउल्लाह खान के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया।

अदालत के कटघरे में जब दिलीप कुमार ने की गवाही और पिता की जिद के आगे हार गई मोहब्बत

इस कानूनी लड़ाई में दिलीप कुमार ने निर्देशक बीआर चोपड़ा का पक्ष लिया और अदालत के कटघरे में खड़े होकर गवाही दी। दिलीप कुमार ने कोर्ट में खुले तौर पर यह बात स्वीकार की कि वह मधुबाला से बेहद प्यार करते हैं और हमेशा करते रहेंगे, लेकिन उनके पिता अताउल्लाह खान का रवैया बेहद तानाशाही और व्यावसायिक है। इस अदालती गवाही ने मधुबाला के पिता के अहंकार को गहरी चोट पहुंचाई। इसके बाद अताउल्लाह खान ने दिलीप कुमार के सामने यह शर्त रख दी कि यदि वे मधुबाला से शादी करना चाहते हैं, तो उन्हें अपने बयान के लिए माफी मांगनी होगी और उनके निर्देशन में ही काम करना होगा। दिलीप कुमार अपने स्वाभिमान और सिद्धांतों से समझौता करने को तैयार नहीं थे। उन्होंने मधुबाला से कहा कि वह अपने पिता को छोड़कर उनके साथ आ जाएं, लेकिन एक आदर्श बेटी की तरह मधुबाला अपने पिता का साथ छोड़ने को तैयार नहीं हुईं। इसी आत्मसम्मान और जिद्द की लड़ाई में दोनों का रिश्ता हमेशा के लिए टूट गया।

'मुगल-ए-आजम' की शूटिंग के दौरान बंद हो गई थी बातचीत: चेहरे पर प्यार, दिल में गहरा दर्द

दिलचस्प और हैरान कर देने वाली बात यह है कि जब फिल्म 'मुगल-ए-आजम' के उस आइकॉनिक सीन (जहां सलीम अनारकली को पंख से सहलाते हैं) की शूटिंग हो रही थी, तब असल जिंदगी में दिलीप कुमार और मधुबाला का ब्रेकअप हो चुका था। दोनों के बीच बातचीत पूरी तरह से बंद थी और वे सेट पर एक-दूसरे से नजरें तक नहीं मिलाते थे। इसके बावजूद दोनों कलाकारों ने अपने पेशेवर अंदाज और लगन का परिचय देते हुए पर्दे पर ऐसा ऐतिहासिक अभिनय किया कि देखने वाले आज भी उस प्यार की गहराई को देखकर दातों तले उंगलियां दबा लेते हैं। ब्रेकअप के बाद दोनों के रास्ते हमेशा के लिए अलग हो गए। मधुबाला ने बाद में मशहूर गायक किशोर कुमार (Kishore Kumar) से शादी कर ली, जबकि दिलीप कुमार ने अभिनेत्री सायरा बानो (Saira Banu) का हाथ थाम लिया।

दिल की गंभीर बीमारी से मधुबाला का निधन और जुहू कब्रिस्तान में 10 मीटर की दूरी का संयोग

मधुबाला बचपन से ही दिल की एक बेहद गंभीर बीमारी (Ventricular Septal Defect - दिल में छेद) से पीड़ित थीं। शादी के बाद उनकी तबीयत दिन-ब-दिन बिगड़ती चली गई और महज 36 साल की बेहद कम उम्र में 23 फरवरी 1969 को इस खूबसूरत अदाकारा ने दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्हें मुंबई के सांताक्रूज (जुहू) मुस्लिम कब्रिस्तान में दफनाया गया। इसके दशकों बाद, 7 जुलाई 2021 को जब बॉलीवुड के महान अभिनेता दिलीप कुमार का 98 वर्ष की आयु में निधन हुआ, तो उन्हें भी इसी सांताक्रूज कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। नियति का यह अनोखा और भावुक कर देने वाला संयोग ही है कि जिंदा रहते जो दो दिल कभी एक न हो सके, वे आज मौत के बाद महज 10 मीटर के फासले पर एक ही कब्रिस्तान की खामोशी में एक-दूसरे के करीब आराम कर रहे हैं।