'रामायण' के गाने 'मंगल रंग' विवाद पर सिंगर अरमान मलिक का आया रिएक्शन- 'कला का स्वभाव ही यही है'
बॉलीवुड की सबसे भव्य और महाकाव्यात्मक बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' (Ramayana) को लेकर दर्शकों के बीच जितना उत्साह है, उतना ही यह फिल्म अपने संगीत और दृश्यों को लेकर सुर्खियों में बनी हुई है। हाल ही में फिल्म के संगीत पक्ष से जुड़े एक विशेष ट्रैक 'मंगल रंग' को लेकर सोशल मीडिया और संगीत प्रेमियों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं और विवाद देखने को मिले थे। गाने की धुन, इसके पारंपरिक जुड़ाव और आधुनिक संगीत के मिश्रण को लेकर इंटरनेट पर काफी बहस छिड़ गई थी। अब इस पूरे विवाद और संगीत पर उठ रहे सवालों के बीच देश के मशहूर और युवा पार्श्व गायक अरमान मलिक (Armaan Malik) का बेहद परिपक्व और बेबाक बयान सामने आया है। 'मंगल रंग' विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए अरमान मलिक ने साफ कहा है कि 'कला का स्वभाव ही यही है'—यह हर इंसान के लिए अलग हो सकती है और इस पर अलग-अलग राय आना बिल्कुल स्वाभाविक है।
आखिर क्या है 'मंगल रंग' गाना विवाद जिसने इंटरनेट पर मचाया बवाल?
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही भव्य फिल्म 'रामायण' के बहुचर्चित म्यूजिक एलबम का गाना 'मंगल रंग' जैसे ही जारी किया गया या इसकी झलकियां सामने आईं, संगीत गलियारों में इसे लेकर दो फाड़ देखने को मिले। जहां एक तरफ फिल्म के प्रशंसक इसके दिव्य संगीत, भव्य फिल्मांकन और अरमान मलिक व अन्य संगीतकारों की मधुर आवाज की तारीफ करते नहीं थक रहे थे, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों ने गाने के बोल और पारंपरिक शास्त्रीय धुनों के साथ किए गए आधुनिक प्रयोगों पर आपत्ति जताई। कुछ आलोचकों का मानना था कि पौराणिक विषय पर बनी फिल्म में संगीत की प्राचीन पवित्रता को बनाए रखा जाना चाहिए था, जबकि आधुनिक संगीत प्रेमियों ने इसे नया और ताजगी से भरा प्रयोग माना। इसी सोच के टकराव ने देखते ही देखते सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस का रूप ले लिया।
अरमान मलिक ने विवाद पर तोड़ी चुप्पी, दिया दिल जीतने वाला जवाब
गाने पर हो रही तीखी बहसों और आलोचनाओं के बीच जब सिंगर अरमान मलिक से इस विवाद के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने किसी भी तरह की नाराजगी जताने के बजाय बेहद ही शांत और दार्शनिक अंदाज में अपनी बात रखी। अरमान ने कहा कि जब भी कोई कलाकार किसी महान या पौराणिक कृति पर काम करता है, तो लोगों की उम्मीदें आसमान छू रही होती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'कला का स्वभाव ही यही है'—यह एक ऐसी चीज है जो हर सुनने वाले के दिल और दिमाग में अलग भावना पैदा करती है। किसी को कोई रचना बेहद गहराई से छू सकती है, तो किसी दूसरे को उसमें कमियां नजर आ सकती हैं। अरमान के मुताबिक, एक सच्चे कलाकार को तारीफ और आलोचना दोनों को एक समान सम्मान के साथ स्वीकार करना चाहिए।
पौराणिक कथा और आधुनिक संगीत का संगम: प्रयोग या परंपरा से खिलवाड़?
'रामायण' जैसी अमर गाथा पर काम करते समय संगीतकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि वे पुरानी पीढ़ी की आस्था और नई पीढ़ी की आधुनिक संगीत पसंद के बीच सही संतुलन कैसे बनाएं। अरमान मलिक ने इस पहलू पर भी अपने विचार साझा करते हुए बताया कि 'मंगल रंग' गाना केवल एक ट्रैक नहीं है, बल्कि यह भावनाओं, भक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि की एक संगीतमय यात्रा है। आज के डिजिटल दौर में जब युवा संगीत को अलग तरह से सुनते और समझते हैं, तब संगीत निर्देशकों का यह प्रयास रहता है कि वे ऐसे प्रयोग करें जो पुरानी और नई दोनों पीढ़ियों को जोड़ सकें। इसी कोशिश में जब कुछ नया रचा जाता है, तो उस पर चर्चा होना बहुत स्वाभाविक और स्वस्थ प्रक्रिया है।
संगीत जगत और फैंस का अरमान मलिक को मिला भारी समर्थन
अरमान मलिक के इस संतुलित और समझदारी भरे बयान की अब चारों तरफ तारीफ हो रही है। संगीत उद्योग के कई जाने-माने गायकों और संगीतकारों ने अरमान के इस रुख का समर्थन किया है। उनका कहना है कि कला को किसी एक विचार या दायरे में नहीं बांधा जा सकता और 'रामायण' के संगीत के साथ पूरी टीम ने ईमानदारी से काम किया है। सोशल मीडिया पर भी अरमान के फैंस उनके समर्थन में उतर आए हैं और 'मंगल रंग' गाने को इस साल का सबसे खूबसूरत आध्यात्मिक-आधुनिक ट्रैक बता रहे हैं। फैंस का मानना है कि अरमान की जादुई आवाज ने इस गाने में जान फूंक दी है और विवादों के बावजूद यह गाना चार्टबस्टर बनने की राह पर है।
फिल्म 'रामायण' के प्रति दर्शकों की उत्सुकता चरम पर
तमाम विवादों और चर्चाओं के बावजूद नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' को लेकर दर्शकों का क्रेज कम होने का नाम नहीं ले रहा है। रणबीर कपूर (भगवान श्री राम के रूप में), साई पल्लवी (माता सीता के रूप में) और सुपरस्टार यश (रावण के रूप में) की मुख्य भूमिकाओं वाली यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे बड़ा सिनेमाई अनुभव बनने जा रही है। फिल्म का संगीत और 'मंगल रंग' जैसे गानों पर चल रही यह बहस इस बात का सबूत है कि देश की जनता इस प्रोजेक्ट से कितनी गहराई से जुड़ी हुई है। फिलहाल, अरमान मलिक के इस बयान ने विवाद की आग को शांत करने का काम किया है और अब दर्शक फिल्म के टीजर और गानों की आधिकारिक रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।