एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को लगा बड़ा झटका: 'Scam 1992' में हर्षद मेहता के पिता का रोल निभाने वाले रमाकांत दयामा का निधन, को-एक्टर ने बयां किया आखिरी वक्त का दर्द

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को लगा बड़ा झटका: 'Scam 1992' में हर्षद मेहता के पिता का रोल निभाने वाले रमाकांत दयामा का निधन, को-एक्टर ने बयां किया आखिरी वक्त का दर्द

मनोरंजन जगत से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। कई लोकप्रिय फिल्मों, टीवी शोज और सुपरहिट वेब सीरीज में अपनी संजीदा अदाकारी का लोहा मनवाने वाले दिग्गज अभिनेता रमाकांत दयामा (रामाकांत दायमा) अब हमारे बीच नहीं रहे। वे मशहूर युवा अभिनेत्री यशस्विनी आर दयामा के पिता थे। रमाकांत दयामा ने वैसे तो अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाए, लेकिन सोनी लिव की ब्लॉकबस्टर वेब सीरीज ‘स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी’ में हर्षद मेहता के सीधे-साधे और सिद्धांतवादी पिता (शांतिलाल मेहता) का रोल निभाकर उन्होंने घर-घर में अपनी एक खास पहचान बनाई थी। उनके निधन की खबर आते ही पूरी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।

को-एक्टर शुभांगी लाटकर ने वीडियो शेयर कर दी भावुक श्रद्धांजलि

रमाकांत दयामा के आकस्मिक निधन की जानकारी उनकी करीबी दोस्त और को-एक्टर शुभांगी लाटकर ने सोशल मीडिया पर दी। शुभांगी ने अभिनेता का एक पुराना और जिंदादिली से भरपूर डांस वीडियो शेयर करते हुए एक बेहद इमोशनल नोट लिखा। उन्होंने लिखा कि आज हमने एक बेहद खूबसूरत इंसान को खो दिया है, मेरे पास इस दुख को बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। रमाकांत जी मेरे लिए सिर्फ एक सह-कलाकार या प्यारे दोस्त नहीं थे, बल्कि वे एक फैमिली फ्रेंड की तरह थे। मैं दिल से उनकी इज्जत और तारीफ करती थी। उनकी सबसे बड़ी खूबी यह थी कि जिंदगी में चाहे कितनी भी बड़ी मुश्किल या बीमारी क्यों न आ जाए, वे हमेशा खुश रहना और जिंदगी का मजा लेना बखूबी जानते थे।

महीनों से चल रहे थे बीमार, अधूरे रह गए जिंदगी के ये बड़े सपने

शुभांगी लाटकर ने इंस्टाग्राम पोस्ट में एक्टर के बहुमुखी प्रतिभा के धनी होने का जिक्र करते हुए बताया कि वे न सिर्फ एक उम्दा अभिनेता थे, बल्कि एक बेहतरीन डांसर और दिल को छू लेने वाले गायक भी थे। वे अक्सर सेट पर लोगों को सही सलाह देने वाले एक समझदार मार्गदर्शक की भूमिका निभाते थे। शुभांगी ने बेहद भावुक होते हुए खुलासा किया कि रमाकांत जी पिछले कई महीनों से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे। हम सभी को पता था कि उनकी तबीयत खराब है, लेकिन दिल के किसी कोने में एक उम्मीद हमेशा बनी रहती थी कि वे ठीक होकर वापस लौट आएंगे। हमारे कई सारे ऐसे प्लान थे जो अब उनके जाने के बाद हमेशा-हमेशा के लिए अधूरे रह गए। मैं सालों बाद एक बार फिर उनके साथ स्क्रीन शेयर करने का बेसब्री से इंतजार कर रही थी।

'पहले मुझे ठीक हो जाने दो'... ये थे रमाकांत दयामा के आखिरी शब्द

अभिनेता के साथ अपनी आखिरी बातचीत को याद करते हुए शुभांगी लाटकर भावुक हो उठीं। उन्होंने बताया कि हम दोनों ने मिलकर एक बहुत ही खूबसूरत हिंदी नाटक (प्ले) करने का फैसला किया था। इसके अलावा हमने मंच पर साथ आकर कुछ चुनिंदा और दिल छू लेने वाली कविताएं पेश करने की भी पूरी प्लानिंग कर ली थी। जब मैंने आखिरी बार उनसे इस प्रोजेक्ट को लेकर गुजारिश की, तो उन्होंने चेहरे पर अपनी वही चिरपरिचित मुस्कान लाते हुए बड़े ही धीमे से कहा था, 'मुझे पहले ठीक हो जाने दो।' शुभांगी ने आगे लिखा कि उनका वह सपना और वादा अब कभी पूरा नहीं हो पाएगा। कुछ नुकसान इंसान की जिंदगी में ऐसी खामोशी छोड़ जाते हैं जिसे शब्दों में बयां करना नामुमकिन होता है। आज का दिन भी कुछ वैसा ही भारी लग रहा है। रमाकांत जी, मंच और कैमरे के सामने आपकी कमी हमेशा खलेगी। भगवान आपकी आत्मा को शांति दे।

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