झारखंड में दो सड़क हादसे: गुमला में कार और देवघर में बस ने बाइक सवारों को रौंदा, 2 की मौत और 2 गंभीर
झारखंड की सड़कों पर बेलगाम दौड़ती रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी एक बार फिर कई हंसते-खेलते परिवारों के लिए मातम का सबब बन गई है। राज्य के दो अलग-अलग हिस्सों—गुमला और देवघर जिलों से दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटनाओं की खबरें सामने आई हैं, जिन्होंने एक बार फिर प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था और सड़क सुरक्षा दावों की पोल खोल कर रख दी है। पहली घटना गुमला जिले की है जहाँ एक अनियंत्रित तेज रफ्तार कार ने सड़क पर चल रहे बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर, देवघर जिले में एक तेज रफ्तार यात्री बस ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए बाइक को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें एक अन्य व्यक्ति की जान चली गई और दो लोग जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में संघर्ष कर रहे हैं। त्योहारी सीजन और सामान्य दिनों में भी सड़कों पर इस तरह से मौत का तांडव देखने से आम जनता के भीतर गहरा रोष व्याप्त है। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने दोनों ही मामलों में शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार वाहन चालकों की तलाश में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है, लेकिन लगातार हो रहे इन सड़क हादसों ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कब तक मासूम लोग यूं ही सड़क पर अपनी जानें गंवाते रहेंगे।
गुमला में बेकाबू कार का कहर: बाइक सवार को कुचलकर मौके से फरार हुआ चालक, इलाके में छाया मातम
गुमला जिले के मुख्य मार्ग पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार ने विपरीत दिशा से आ रही एक बाइक को बेहद जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों के मुताबिक कार की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि टक्कर लगने के बाद बाइक सवार हवा में उछलकर दूर जा गिरा और उसका वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण और राहगीर मौके पर जमा हो गए और खून से लथपथ पड़े युवक को उठाने की कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटें आने और अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना को अंजाम देने के बाद कार चालक अपनी गाड़ी को भगा ले जाने में कामयाब रहा, हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने गाड़ी का नंबर नोट कर लिया है जिसकी मदद से पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी हुई है। मृतक के परिजनों को जैसे ही इस अनहोनी की खबर मिली, उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रूट पर स्पीड ब्रेकर न होने के कारण अक्सर वाहन चालक अपनी गाड़ियों को अत्यधिक रफ्तार में दौड़ाते हैं, जिसके कारण ऐसी भयानक दुर्घटनाएं आए दिन सामने आती रहती हैं।
देवघर में यात्री बस की चपेट में आई बाइक, एक की मौत और दो गंभीर रूप से घायल
गुमला की दुर्घटना के बाद दूसरी दर्दनाक घटना झारखंड के प्रसिद्ध धार्मिक शहर देवघर से सामने आई, जहाँ यात्रियों से भरी एक तेज रफ्तार बस ने बाइक सवारों को बुरी तरह से रौंद दिया। बताया जा रहा है कि बाइक पर सवार होकर कुछ लोग अपने किसी जरूरी काम से जा रहे थे, तभी पीछे से आ रही अनियंत्रित बस ने उन्हें ओवरटेक करने के चक्कर में जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के कारण बाइक पर सवार तीनों लोग सड़क पर दूर जा गिरे, जिनमें से एक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि अन्य दो लोग गंभीर रूप से घायल होकर अचेत अवस्था में सड़क किनारे पड़े रहे। दुर्घटना के बाद बस में बैठे यात्रियों के बीच भी चीख-पुकार मच गई और चालक बस छोड़कर मौके से फरार होने में सफल रहा। स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एम्बुलेंस की मदद से दोनों गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को तुरंत नजदीकी सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है और उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। देवघर पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है और बस मालिक तथा चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से शुरू कर दी है।
झारखंड की सड़कों पर बढ़ता मौत का आंकड़ा और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी
लगातार सामने आ रही सड़क हादसों की इन वारदातों ने झारखंड के परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आंकड़े बताते हैं कि राज्य के नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर ओवरस्पीडिंग, नशे में ड्राइविंग, हेलमेट न पहनना और गलत दिशा में वाहन चलाना हादसों का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है। पुलिस और प्रशासन द्वारा समय-समय पर सड़क सुरक्षा सप्ताह और जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद वाहन चालकों के भीतर यातायात नियमों के प्रति डर और अनुशासन की भारी कमी साफ तौर पर दिखाई देती है। ग्रामीण और शहरी इलाकों की सड़कों पर भारी वाहनों का बेखौफ दौड़ना और ट्रैफिक सिग्नलों या स्पीड लिमिट की अनदेखी करना आम बात हो गई है। जब तक प्रशासन कड़े और सख्त कदम उठाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक इस तरह की जानलेवा दुर्घटनाओं पर रोक लगाना असंभव सा प्रतीत होता है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, प्रशासन से सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग
गुमला और देवघर में हुए इन दोनों सड़क हादसों के बाद पीड़ितों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर दिल दहल जाने वाला हाल है। कमाने वाले सदस्यों के अचानक यूं चले जाने से परिवारों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से यह मांग की है कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए और घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करे। इसके साथ ही, स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन को चेताया है कि यदि इन दुर्घटना बहुल इलाकों में जल्द से जल्द स्पीड ब्रेकर, पुलिस पिकेट और ट्रैफिक कंट्रोलर की तैनाती नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। सड़क पर बहने वाला यह खून किसी भी समाज के लिए एक बदनुमा दाग है, और समय आ गया है कि सरकार, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाएं ताकि भविष्य में किसी अन्य मां की गोद सूनी न हो और कोई परिवार इस तरह की त्रासदी का शिकार न बने।