राजस्थान की मिट्टी में रंगी डिंपल कपाड़िया, पूनम ढिल्लन, अमृता सिंह, अलका-अनुराधा-कविता की ......
राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरती पर आयोजित एक बेहद खास और भव्य सांस्कृतिक समागम में भारतीय सिनेमा और संगीत जगत की दिग्गजों का ऐसा संगम देखने को मिला कि हर कोई मंत्रमुग्ध रह गया। राजस्थान की सतरंगी परंपरा, राजस्थानी पहनावे और यहां की मेहमाननवाजी के रंग में रंगी बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्रियां डिंपल कपाड़िया, पूनम ढिल्लन और अमृता सिंह जब एक साथ मंच पर उतरीं, तो पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। वहीं दूसरी तरफ, 90 के दशक की मशहूर गायिकाएं अलका याग्निक, अनुराधा पौडवाल और कविता कृष्णमूर्ति ने अपनी जादुई और सुरीली आवाज से ऐसा समां बांधा कि यह शाम हमेशा-हमेशा के लिए यादगार बन गई। राजस्थान की लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत और बॉलीवुड के सुनहरे दौर के इस अनोखे संगम ने वहां मौजूद हजारों दर्शकों का दिल जीत लिया और इंटरनेट पर भी इसकी तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं।
राजस्थान की मरुधरा पर बॉलीवुड अभिनेत्रियों का शाही अंदाज और पारंपरिक रंग
राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और विरासत हमेशा से ही देश और दुनिया के कलाकारों को आकर्षित करती रही है। इस खास आयोजन में जब डिंपल कपाड़िया, पूनम ढिल्लन और अमृता सिंह ने कदम रखा, तो वे पूरी तरह से राजस्थानी रंग-रूप में नजर आईं। पारंपरिक बंधेज, लहरिया और राजस्थानी परिधानों में सजी इन अभिनेत्रियों ने मंच से राजस्थान की मिट्टी और यहां के लोगों की सहृदयता का दिल खोलकर आभार व्यक्त किया। डिंपल कपाड़िया ने राजस्थान के साथ अपने पुराने जुड़ाव और अपनी फिल्मों की शूटिंग के पलों को याद किया, वहीं पूनम ढिल्लन और अमृता सिंह ने राजस्थानी व्यंजन, लोक कला और हस्तशिल्प की जमकर तारीफ की। तीन दिग्गजों को एक साथ एक ही मंच पर राजस्थानी आतिथ्य का आनंद लेते देखना फैंस के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं था।
अलका याग्निक, अनुराधा पौडवाल और कविता कृष्णमूर्ति की त्रिवेणी ने बांधा सुरीला समां
समारोह की असली जान और रूह भारतीय संगीत जगत की तीन महारानियों—अलका याग्निक, अनुराधा पौडवाल और कविता कृष्णमूर्ति का जादुई संगीत कार्यक्रम रहा। जैसे ही इन तीनों दिग्गज गायिकाओं ने एक-एक करके अपने सदाबहार और सुपरहिट नगमे गाए, पूरा पंडाल झूमने पर मजबूर हो गया। अनुराधा पौडवाल ने जहां अपने भक्ति गीतों और सुरीले गानों से माहौल को भक्तिमय और भावुक बना दिया, वहीं अलका याग्निक ने अपने रोमांटिक गानों की झड़ी लगाकर 90 के दशक की यादें ताजा कर दीं। कविता कृष्णमूर्ति के शास्त्रीय और ऊर्जावान गानों ने समागम में एक नया जोश भर दिया। तीनों गायिकाओं ने जब एक साथ मंच साझा करते हुए राजस्थानी लोक धुनों और अपने गानों का मिला-जुला गुलदस्ता पेश किया, तो उपस्थित लोगों ने खड़े होकर (Standing Ovation) उनका अभिवादन किया।
राजस्थानी लोक संस्कृति और बॉलीवुड के अनूठे संगम ने दर्शकों का जीता दिल
इस भव्य कार्यक्रम में केवल बॉलीवुड की चमक-धमक ही नहीं थी, बल्कि स्थानीय राजस्थानी लोक कलाकारों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन कर समां बांध दिया। कालबेलिया नृत्य, घूमर और मांगणियार गायकों की प्रस्तुतियों के साथ जब बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध गीतों की जुगलबंदी हुई, तो दर्शकों को एक अद्भुत सांस्कृतिक विहंगम दृश्य देखने को मिला। डिंपल कपाड़िया, अमृता सिंह और पूनम ढिल्लन भी खुद को नहीं रोक पाईं और स्थानीय नर्तकियों के साथ घूमर के ताल पर थिरकती हुई नजर आईं। आयोजकों का कहना था कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय सिनेमा के सुनहरे दौर के दिग्गजों के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध विरासत, पर्यटन और लोक कला को वैश्विक मंच पर और अधिक मजबूती से बढ़ावा देना था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरें, फैंस ने बताया भारतीय संस्कृति का सबसे खूबसूरत रूप
कार्यक्रम के संपन्न होते ही इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डिंपल कपाड़िया, पूनम ढिल्लन, अमृता सिंह और गायिकाओं के वीडियो तथा तस्वीरें जंगल की आग की तरह फैल गईं। फैंस कमेंट्स में लिख रहे हैं कि आज के दौर में जहां पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव बढ़ रहा है, वहां बॉलीवुड की इन आइकॉनिक हस्तियों का राजस्थानी परंपरा और संगीत के प्रति यह प्रेम बेहद प्रेरणादायक है। 90 के दशक के गानों और राजस्थानी संस्कृति के इस खूबसूरत मेल ने हर उम्र के दर्शकों को अपने मोहपाश में बांध लिया। इस आयोजन ने साबित कर दिया कि कला, संगीत और संस्कृति की कोई सीमा नहीं होती और जब दिल से संगीत गूंजता है, तो वह हर दिल को छू जाता है।