महज 33 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गया ये चमकता सितारा; सोते समय कमरे में हुआ ऐसा हादसा, हिल गई टीवी इंडस्ट्री
टेलीविजन जगत से एक बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। कई लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में अपनी अदाकारी का जादू बिखेरने वाले युवा अभिनेता अनुज ठाकुर का महज 33 साल की उम्र में असामयिक निधन हो गया है। 27 अक्टूबर 2026 की तड़के सुबह मुंबई के ओशिवारा स्थित अपने फ्लैट में सोते वक्त उन्होंने अंतिम सांस ली।
हालांकि, उनके निधन की दुखद सूचना कुछ दिनों बाद सार्वजनिक हुई, जिसने पूरी टीवी और मनोरंजन इंडस्ट्री को गहरे सदमे में डाल दिया है। उनके सबसे करीबी दोस्त और जाने-माने कास्टिंग डायरेक्टर रुपेश सोनार ने सोशल मीडिया और मीडिया बयानों के जरिए इस अपूरणीय क्षति की पुष्टि की है। अनुज ठाकुर ने अपने करियर में 'धूम मचाओ धूम', 'बंधन सात जन्मों का', 'बींद बनूंगा घोड़ी चढ़ूंगा' और 'महिसागर' जैसे चर्चित सीरियल्स में अहम किरदार निभाकर घर-घर में अपनी खास पहचान बनाई थी।
कास्टिंग डायरेक्टर रुपेश सोनार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने गहरे दुख को व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि अनुज उनके लिए सिर्फ एक सहकर्मी या दोस्त नहीं बल्कि छोटे भाई की तरह थे। दोनों ने साथ मिलकर कई नए प्रोजेक्ट्स पर काम करने की योजना बनाई थी। रुपेश ने अनुज के शुरुआती दिनों के संघर्ष और उनकी अभिनय यात्रा को बेहद करीब से देखा था। उन्होंने जिंदगी की अनिश्चितता पर अफसोस जताते हुए लिखा कि इतनी कम उम्र में एक जिंदादिल इंसान का चले जाना दिल को झकझोर देने वाला है और इस कड़वे सच पर यकीन कर पाना बेहद मुश्किल हो रहा है।
मीडिया से बातचीत के दौरान रुपेश सोनार ने अभिनेता के अंतिम पलों और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अनुज की अचानक मौत से उनका परिवार पूरी तरह टूट चुका है और उन्होंने इस मुश्किल घड़ी में निजता बनाए रखने की अपील की है।
सोनार के मुताबिक, अनुज पिछले कुछ समय से स्क्रीन से जरूर दूर थे मगर दोस्तों के लगातार संपर्क में बने हुए थे। निधन से महज 10 दिन पहले ही दोनों की मुलाकात हुई थी। शुक्रवार को जब रुपेश ने अनुज के नंबर पर फोन किया, तो उनके परिजनों ने कॉल रिसीव कर इस अप्रत्याशित हादसे की सूचना दी। परिवार ने बताया कि सोते समय संभवतः उन्हें अचानक तेज दौरे (सीजर्स) पड़े थे। सुबह जब अलार्म बजने के बाद भी अनुज नहीं उठे, तो उनकी मां कमरे में गईं, मगर तब तक उनके शरीर में कोई हरकत नहीं बची थी।
चिकित्सीय इतिहास की बात करें तो अनुज को इस साल की शुरुआत में भी इसी तरह दौरे की समस्या हुई थी, जिसका डॉक्टरी परामर्श के तहत इलाज और दवाएं चल रही थीं। मगर इस बार तड़के सुबह अकेले कमरे में होने के कारण उन्हें समय रहते चिकित्सीय मदद नहीं मिल सकी और वे हमेशा के लिए खामोश हो गए। अभिनेता का पार्थिव शरीर लेकर उनका परिवार अंतिम संस्कार की धार्मिक विधियों के लिए हरिद्वार रवाना हो गया है। टीवी इंडस्ट्री में हाल ही में हुए संजय गुप्ता के निधन के बाद अब अनुज ठाकुर के यूं अचानक चले जाने से साथी कलाकारों और प्रशंसकों के बीच शोक की गहरी लहर दौड़ गई है।