गिरिराज सिंह का गमछा बना वोट बहिष्कार का कारण, इन 2 मतदान केन्द्रों पर कोई नहीं डाल रहा वोट

बेगूसराय जिले के बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में दो मतदान केंद्र के मतदाताओं ने मतदान का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया है।

बेगूसराय जिले के बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में दो मतदान केंद्र के मतदाताओं ने मतदान का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया है। स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह को बुलाने और बूढ़ी गंडक नदी पर पुल बनाने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार कर रहे चेरिया गांव के एक भी मतदाता दोपहर दो बजे तक मतदान करने नहीं पहुंचे। जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

Giriraj

तेघड़ा एसडीओ, डीएसपी, डीसीएलआर एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी मतदाताओं को समझाने-बुझाने में लगे हैं। लेकिन लोग किसी भी तरह मानने को तैयार नहीं हैं और वे अपनी मांग पर अडिग हैं। मौके पर भाजपा प्रत्याशी समेत अन्य प्रत्याशी भी लोगों को मनाने पहुंचे, लेकिन मतदाता कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं।

बूढ़ी गंडक नदी पर पुल निर्माण को लेकर मतदान केंद्र संख्या- 225 एवं 225-क के मतदाताओं का कहना है कि आजादी के बाद से अब तक के तमाम जनप्रतिनिधियों ने सिर्फ हम लोगों को वोट बैंक समझा। हमारी समस्या सुनने को कोई तैयार नहीं है तो अब हम भी किसी के झांसे में नहीं आएंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान जब गिरिराज सिंह यहां वोट मांगने आए थे तो हम लोगों ने मांग रखी थी और उनका स्वागत किया था। उस समय उन्होंने गांव वालों के सामने अपना गमछा रख दिया था और कहा था कि सांसद बनने के बाद यहां पुल का निर्माण कार्य शुरू करने आएंगे, तब गमछा ले जाएंगे। लेकिन चुनाव जीतने के बाद न तो वे पुल निर्माण के लिए कोई पहल कर रहे हैं और न ही गमछा ले जाने आए हैं। इसलिए हम लोग इस चुनाव में मतदान नहीं करेंगे। पहले गिरिराज सिंह यहां आएं और अपना वादा पूरा करें, गमछा ले जाएं, तभी हम लोग मतदान करेंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि गमछा इज्जत और शान का प्रतीक होता है। हमारे सांसद केंद्र में मंत्री हैं और सत्ता में अपना प्रभाव रखते हैं। लेकिन उन्हें जब अपनी मर्यादा का, अपने वादाें का ख्याल नहीं है तो हम किस पर विश्वास करें और क्यों विश्वास करें।

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