
Archaeological Survey of India: केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा को बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के खुलताबाद में स्थित मुगल सम्राट औरंगजेब के मकबरे को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए जिला प्रशासन की मदद से एहतियाती कदम उठा रहा है। प्रश्नकाल के दौरान शेखावत ने कहा कि औरंगजेब का मकबरा एएसआई का संरक्षित स्मारक है और इसका विवरण एएसआई की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
क्या औरंगजेब का मकबरा एएसआई के अधिकार क्षेत्र में संरक्षित स्मारक है और यदि हां, तो क्या यह विवरण एएसआई की वेबसाइट पर उल्लिखित है? ये भी पूछा गया कि क्या एएसआई को पता था कि मकबरे को नुकसान पहुंचने का खतरा है और यदि हां, तो इसे सुरक्षित करने के लिए क्या कदम उठाए गए थे। एक सवाल ये भी है कि यदि औरंगजेब इतना बुरा था तो सरकार उसके मकबरे को इतना संरक्षण क्यों दे रही है। ये तो वही वाली बात हो गई गुड़ खाए, गुलगुलों से परहेज करें।
किए जाएंगे ऐसे उपाय
इस संरक्षित स्मारक को किसी भी प्रकार की क्षति से बचाने के लिए एएसआई जिला प्रशासन के साथ समन्वय में लगातार कदम उठा रहा है। इसमें मकबरे के चारों तरफ 12 फुट ऊंची धातु की बाड़ लगाना और अतिक्रमणकारियों को रोकने के लिए मकबरे से सटी दीवारों पर कांटेदार तार लगाना शामिल है। ये कहा गया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण बहु-कार्य कर्मचारियों के साथ-साथ निजी सुरक्षा गार्डों को तैनात करने का प्रयास करेगा तथा एएसआई अधिकारियों द्वारा नियमित निगरानी सुनिश्चित करेगा।
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