बोरवेल में जिंदगी की जंग हारने वाले मासूम के परिवार को पांच लाख का मुआवजा देगी सरकार

मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले में पृथ्वीपुर थाना क्षेत्र के गांव सैतपुरा में चार दिन पहले बोरवेल में गिरा चार वर्षीय मासूम जिंदगी की जंग हार गया।

मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले में पृथ्वीपुर थाना क्षेत्र के गांव सैतपुरा में चार दिन पहले बोरवेल में गिरा चार वर्षीय मासूम जिंदगी की जंग हार गया। उसे 90 घंटे चले रेस्क्यू के बाद बोरवेल से बाहर निकाला, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीडि़त मासूम के परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। वहीं, प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भी घटना पर दुख व्यक्त व्यक्त किया है।

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ट्वीट करते हुए कहा है कि – ‘मुझे अत्यंत दु:ख है कि निवाड़ी के सैतपुरा गांव में अपने खेत के बोरवेल में गिरे मासूम प्रहलाद को 90 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी बचा नहीं पाए। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य विशेषज्ञों की टीम ने दिन-रात मेहनत की, लेकिन अंत में रविवार तडक़े 3.00 बजे बेटे का मृत शरीर निकाला गया। दुख की इस घड़ी में, मैं एवं पूरा प्रदेश प्रहलाद के परिवार के साथ खड़ा है और मासूम बेटे की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है।’

मुख्यमंत्री ने कहा है कि – ‘सरकार द्वारा प्रहलाद के परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है एवं उनके खेत में एक नया बोरवेल भी बनाया जाएगा। मैं उन सभी से करबद्ध प्रार्थना करता हूं कि जो भी अपने यहां बोरवेल बना रहे हैं, वो बोर को किसी भी समय खुला न छोड़े। पहले भी ऐसे अकस्मात में बहुत से मासूम अपने जीवन गंवा चूके हैं। आप सब भी कहीं अगर अपने आस-पास बोरवेल बन रहे हो तो उसे मजबूती से ढंकने का प्रबंध करे और करवाये।’

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट करते हुए कहा है कि -‘असीम संभावनाओं से भरे प्रहलाद जैसे मासूम बच्चों का यूं शैशव अवस्था में अंत किसी त्रासदी से कम नहीं। इसे रोकने के लिए हम-सबको संकल्पित होना पड़ेगा। मैं बोरवेल कराने वाले सभी नागरिकों से विनती करता हूं कि वे उसे किसी भी सूरत में खुला न छोड़ें। दूसरे भी उन्हें ऐसा करने से रोकें।’

उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा है कि – ‘बेहद दुखद और पीड़ादायक खबर है कि निवाड़ी के सैतपुरा गांव में बोरवेल में गिरे मासूम प्रहलाद को हर संभव प्रयास के बाद भी बचाया नहीं जा सका। रेस्क्यू टीम ने उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए दिन-रात एक किया लेकिन आज सुबह 3.00 बजे बोरवेल से उसका शरीर मृत अवस्था में निकला। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिजनों को यह वज्रपात सहने की शक्ति प्रदान करें।’’

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