फेस्टिव बिंज-ईटिंग पड़ सकती है भारी, एसिड रिफ्लक्स का बढ़ सकता है खतरा

फेस्टिव बिंज-ईटिंग पड़ सकती है भारी, एसिड रिफ्लक्स का बढ़ सकता है खतरा

त्योहारों का मौसम आते ही हमारे घरों में खुशियों की रौनक के साथ-साथ तरह-तरह के लजीज पकवानों, मिठाइयों और तली-भुनी चीजों का दौर शुरू हो जाता है। दिवाली और शादियों के इस दौर में त्योहारों की चमक-दमक के बीच अक्सर हम अपनी सेहत और खानपान पर नियंत्रण खो बैठते हैं। परिवार और दोस्तों के साथ पार्टीज में जरूरत से ज्यादा खाना यानी 'फेस्टिव बिंज-ईटिंग' (Festive Binge-Eating) करना हमारी सेहत के लिए बेहद भारी पड़ सकता है। स्वाद-स्वाद में जरूरत से ज्यादा खा लेने के कारण पाचन तंत्र पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है, जिससे एसिड रिफ्लक्स (Acid Reflux), सीने में जलन (Heartburn), गैस, ब्लोटिंग और खट्टी डकारों की गंभीर समस्या तेजी से उभरने लगती है। यदि आपने भी फेस्टिव सीजन के दौरान खानपान में लापरवाही बरती है, तो यह रिपोर्ट आपके लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी साबित हो सकती है।

क्या है फेस्टिव बिंज-ईटिंग और क्यों त्योहारों के दिनों में बिगड़ जाती है पाचन क्रिया

त्योहारों के दौरान बाजार में मिलने वाली अत्यधिक मीठी, रिफाइंड मैदे से बनी चीजें, मसालेदार और डीप-फ्राइड वस्तुएं हमारे पेट के लिए पचने में बेहद कठिन होती हैं। जब कोई व्यक्ति लगातार कई घंटों तक या एक ही समय में क्षमता से अधिक भोजन कर लेता है, तो पेट में मौजूद पाचक रस (Gastric Juices) और एसिड भोजन को पचाने के लिए बहुत ज्यादा मात्रा में स्रावित होने लगते हैं। अत्यधिक भोजन के दबाव के कारण पेट और भोजन नली के बीच का वॉल्व (LES) कमजोर पड़ जाता है, जिससे पेट का तेजाब (Acid) ऊपर की तरफ यानी फूड पाइप में लौटने लगता है। इसी चिकित्सकीय स्थिति को एसिड रिफ्लक्स या गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) कहा जाता है, जिसके कारण सीने में तेज चुभन और जलन महसूस होने लगती है।

एसिड रिफ्लक्स और सीने की जलन के शुरुआती लक्षण: इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

फेस्टिवल सीजन के दौरान यदि आपको भी खाना खाने के तुरंत बाद सीने के मध्य भाग में तेज जलन, गले में खट्टा स्वाद, खाना ऊपर की तरफ आना, लगातार हिचकी आना, गले में खराश या भारीपन महसूस हो रहा है, तो समझ लीजिए कि यह सामान्य बदहजमी नहीं बल्कि एसिड रिफ्लक्स का गंभीर संकेत है। कई बार लोग इसे मामूली गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और एंटासिड गोलियां खाकर काम चला लेते हैं, लेकिन लंबे समय तक यह लापरवाही आपके पेट के अस्तर (Stomach Lining) को नुकसान पहुंचा सकती है और अल्सर या क्रोनिक गैस्ट्राइटिस जैसी बीमारियों का रूप ले सकती है। त्योहारों का आनंद लें, लेकिन अपने शरीर की सीमाओं को पहचानना और पाचन तंत्र के संकेतों को समझना बेहद जरूरी है।

त्योहारों के दिनों में एसिड रिफ्लक्स से बचने और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के 5 अचूक उपाय

  1. पोरशन कंट्रोल (Portion Control) अपनाएं: त्योहारों की दावत में एक साथ बहुत सारा खाना खाने के बजाय छोटे-छोटे मील्स (Meals) लें। हर चीज का स्वाद लें, लेकिन पेट भरकर खाने से बचें।

  2. तले-भुने और अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों से दूरी: रिफाइंड शुगर, मैदे की मिठाइयों और जरूरत से ज्यादा ऑयली स्नैक्स के सेवन को सीमित करें क्योंकि ये एसिडिटी को तुरंत बढ़ाते हैं।

  3. खाने के तुरंत बाद लेटने की आदत छोड़ें: डिनर या लंच करने के कम से कम 2 से 3 घंटे बाद ही सोने जाएं। तुरंत लेट जाने से पेट का एसिड आसानी से फूड पाइप में आ जाता है।

  4. भरपूर पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें: त्योहारी सीजन में तली चीजों के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में सादा पानी, नारियल पानी या छाछ का सेवन करें ताकि पाचन क्रिया सुचारू बनी रहे।

  5. हल्की वॉक और योग को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा: भारी खाने के बाद थोड़ी देर टहलने की आदत डालें और वज्रासन जैसे योगासन करें जो भोजन को जल्दी पचाने में मदद करते हैं।

त्योहारों की खुशियों के साथ सेहत का रखें ख्याल: मॉडरेशन ही है असली सेहत का राज

त्योहार हमारी संस्कृति और उल्लास का प्रतीक हैं, और इनका आनंद तभी पूरी तरह उठाया जा सकता है जब हमारा शरीर और मन स्वस्थ हो। 'बिंज-ईटिंग' के जाल में फंसकर अपनी महीनों की मेहनत और फिटनेस को दांव पर लगाना समझदारी नहीं है। आप अपने परिवार के साथ हर पकवान का लुत्फ उठाएं, लेकिन संतुलन (Moderation) के साथ। यदि आप संयम और समझदारी से काम लेंगे, तो न तो आपकी सेहत पर कोई बुरा असर पड़ेगा और न ही आपको एसिड रिफ्लक्स जैसी तकलीफों का सामना करना पड़ेगा। इस फेस्टिव सीजन अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और खुशियों के साथ एक स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दें।