कम खाने पर भी क्यों बढ़ता है वजन? आइए जानते हैं असली वजह
बढ़ते वजन और मोटापे की समस्या से आज के समय में हर दूसरा व्यक्ति परेशान नजर आता है। वजन घटाने के लिए लोग डाइटिंग का सहारा लेते हैं, जीतोड़ कसरत करते हैं और अपनी डाइट में भारी कटौती तक कर देते हैं। लेकिन आपने अक्सर कई लोगों को यह शिकायत करते सुना होगा कि 'हम तो नाममात्र का खाते हैं, फिर भी हमारा वजन घट ही नहीं रहा बल्कि दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है'। अगर आपके साथ भी ऐसा ही हो रहा है और कम खाना खाने के बावजूद आपका वजन कम होने का नाम नहीं ले रहा है, तो अब चिंता करने के बजाय इसके पीछे के मुख्य कारण को समझने की जरूरत है। प्रसिद्ध कैलिफोर्निया-प्रशिक्षित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी (Dr. Saurabh Sethi) ने इस गंभीर समस्या पर से पर्दा उठाते हुए इसके पीछे की असली वजह का खुलासा किया है। डॉ. सेठी के अनुसार, कम खाने के बाद भी वजन बढ़ने का सीधा संबंध केवल कैलोरी से नहीं बल्कि आपके शरीर के धीमे मेटाबॉलिज्म (Metabolism) और कुछ आंतरिक शारीरिक गड़बड़ियों से जुड़ा हुआ है।
आखिर क्या है मेटाबॉलिज्म और क्यों कम खाने से भी धीमा पड़ जाता है शरीर का फैट बर्निंग सिस्टम?
डॉ. सौरभ सेठी बताते हैं कि जब कोई व्यक्ति वजन घटाने के चक्कर में अचानक बहुत कम खाना शुरू कर देता है या क्रैश डाइटिंग (Crash Dieting) का सहारा लेता है, तो हमारा शरीर उसे एक आपातकालीन या भुखमरी (Starvation Mode) की स्थिति मान लेता है। मानव शरीर का विकास ही इस तरह हुआ है कि वह खुद को बचाने के लिए कम ऊर्जा में काम चलाना शुरू कर देता है। जब आप जरूरत से कम कैलोरी लेते हैं, तो आपका बेसिक मेटाबॉलिक रेट (BMR) काफी धीमा हो जाता है। इसका मतलब यह है कि शरीर अपने सामान्य कामकाज के लिए कम कैलोरी खर्च करता है और जो थोड़ा बहुत खाना आप खाते हैं, उसे भी ऊर्जा में बदलने के बजाय वसा यानी फैट (Fat Storage) के रूप में जमा करने लगता है। यही मुख्य कारण है कि डाइटिंग करने के बावजूद वजन घटने की जगह रुक जाता है या धीरे-धीरे बढ़ने लगता है।
हार्मोनल असंतुलन और गट हेल्थ का असर: जानिए कौन से छुपे हुए कारण बढ़ा रहे हैं आपका वजन?
धीमे मेटाबॉलिज्म के अलावा भी कई ऐसे अंदरूनी कारक हैं जो आपके वजन को नियंत्रित नहीं होने देते हैं। डॉ. सेठी के अनुसार, थायराइड (Hypothyroidism), इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin Resistance), और महिलाओं में पीसीओएस (PCOS) जैसी हार्मोनल समस्याएं शरीर की वसा को जलाने की क्षमता को पूरी तरह से बाधित कर देती हैं। इसके अलावा, यदि आपका पाचन तंत्र यानी गट हेल्थ (Gut Health) खराब है और आंतों में अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ा हुआ है, तो शरीर भोजन से मिलने वाले पोषक तत्वों को सही ढंग से पचा नहीं पाता और सूजन (Inflammation) बढ़ने लगती है। तनाव के कारण कोर्टिसोल (Cortisol) हार्मोन का बढ़ना और रात में 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद न लेना भी आपके मेटाबॉलिज्म को सुस्त कर देता है, जिससे वजन कम करना नामुमकिन जैसा लगने लगता है।
मेटाबॉलिज्म को फिर से कैसे बनाएं सुपरफास्ट? डॉ. सौरभ सेठी से जानिए आसान और असरदार उपाय
अगर आप इस स्थिति से बाहर निकलना चाहते हैं और अपने मेटाबॉलिज्म को तेजी से बढ़ाना चाहते हैं, तो डॉ. सेठी का सुझाव है कि सबसे पहले खाना पूरी तरह छोड़ना या अत्यधिक कैलोरी कट करना बंद करें। इसकी जगह अपनी डाइट में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन (Protein Rich Foods) और फाइबर को शामिल करें, क्योंकि प्रोटीन को पचाने में शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है जिससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है। कार्डियो एक्सरसाइज के साथ-साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (Weight Training) जरूर करें, क्योंकि मांसपेशियों (Muscle Mass) के बढ़ने से शरीर आराम करने की स्थिति में भी ज्यादा कैलोरी बर्न करता है। अपनी आंतों के स्वास्थ्य को सुधारने के लिए प्रोबायोटिक्स का सेवन करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, तनाव को कम करें और रोज रात को गहरी व पूरी नींद लें। इन छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बदलावों से आपका मेटाबॉलिज्म फिर से सक्रिय हो जाएगा और वजन आसानी से घटने लगेगा।