झारखंड में अर्नब तूफान से हुई मूसलाधार बारिश, रांची, जमशेदपुर... 15 जिलों में आंधी-वज्रपात का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी से उठे भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) ने पड़ोसी राज्य झारखंड में कदम रखते ही अपना रौद्र और तबाही भरा रूप दिखाना शुरू कर दिया है। चक्रवात के प्रभाव से पूरे प्रदेश के मौसम का मिजाज अचानक पूरी तरह से बदल गया है। राजधानी रांची, लौहनगरी जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और दुमका समेत राज्य के लगभग 15 से अधिक जिलों में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तूफानी हवाओं ने भारी तबाही मचाई है, जिससे सैकड़ों पेड़ उखड़ गए हैं और बिजली के खंभे गिर जाने से कई जिलों में ब्लैकआउट की स्थिति पैदा हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची केंद्र ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चक्रवात और वज्रपात को लेकर 15 जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी कर दिया है।
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का झारखंड में तांडव: रांची से लेकर जमशेदपुर तक जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त
मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के कारण झारखंड के दक्षिणी, पूर्वी और मध्य भागों में सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। राजधानी रांची और औद्योगिक शहर जमशेदपुर में तड़के से ही काले बादलों का डेरा जमा हुआ है और रुक-रुक कर हो रही अति-मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया है। जमशेदपुर के जुगसलाई, मानगो और कदमा जैसे क्षेत्रों में सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। चक्रवात के साथ चल रही तेज तूफानी हवाओं के कारण जनजीवन पूरी तरह थम सा गया है और लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं।
मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी: 15 जिलों में आंधी-तूफान के साथ भारी वज्रपात का मंडराया खतरा
रांची मौसम केंद्र ने झारखंड के 15 प्रमुख जिलों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। जिन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है, उनमें रांची, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़, देवघर, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली यानी वज्रपात (Lightning Strike) गिरने की प्रबल आशंका है। ग्रामीण इलाकों में खेत-खलिहानों में काम करने वाले किसानों और आम नागरिकों को पक्के मकानों में शरण लेने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के चलते कच्चे मकानों, एस्बेस्टस की छतों और होर्डिंग्स को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका व्यक्त की गई है।
सड़कों पर गिरे पेड़ और बिजली के खंभे: कई जिलों में बिजली आपूर्ति ठप, राहत कार्य जारी
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के कारण आई तेज आंधी ने राज्य के अवसंरचनात्मक ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। रांची-जमशेदपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-33) समेत कई प्रमुख मार्गों पर विशालकाय पेड़ और बिजली के पोल उखड़कर गिर गए हैं, जिससे अंतर-जिला बस सेवाएं और मालवाहक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। बिजली विभाग के बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान के कारण कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में पिछले कई घंटों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। एनडीआरएफ की टीमें कटर और आधुनिक उपकरणों के साथ सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाकर यातायात बहाल करने के काम में जुटी हुई हैं।
नदियों का जलस्तर उफान पर: निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा, जिला प्रशासन ने संभाला मोर्चा
मूसलाधार और लगातार हो रही बारिश के कारण झारखंड की प्रमुख नदियां जैसे स्वर्णरेखा, खरकई, दामोदर और बराकर का जलस्तर तेजी से खतरे के निशान के करीब पहुँच रहा है। जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकई नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में जाने की चेतावनी जारी कर दी गई है। जिला प्रशासन ने तटीय इलाकों में मुनादी करवाकर लोगों को नदियों के पास न जाने की सख्त हिदायत दी है। आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर पल-पल की नजर बनाए हुए है और सभी जिलाधिकारियों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष (Control Room) सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं।
'अर्नब' तूफान को लेकर अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील: जानिए कब तक मिलेगी इस आफत से राहत?
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का असर अगले 48 घंटों तक झारखंड के विभिन्न इलाकों में बना रहेगा। हालांकि, जैसे-जैसे यह चक्रवात ओडिशा और पश्चिम बंगाल के रास्ते से होकर जमीनी इलाकों में आगे बढ़ेगा, इसकी तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद है। फिर भी, शनिवार और रविवार को राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में आधिकारिक चेतावनियों पर ही भरोसा करें, किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और जब तक बहुत जरूरी न हो, अपने घरों से बाहर निकलने से बचें।