रेल मंत्री अश्विनी बयान, बोले- झारखंड को रेलवे के लिए मिले ₹7500 करोड़, पहले मिलते थे ₹400 करोड़
देश के रेल बुनियादी ढांचे, आधुनिक वंदे भारत ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प को लेकर लगातार ऐतिहासिक फैसले ले रहे केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने झारखंड राज्य के विकास को लेकर एक बहुत बड़ा और आंकड़े आधारित बयान दिया है। एक उच्च स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस और समीक्षा बैठक के दौरान रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और झारखंड के दूर-दराज के इलाकों को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने आंकड़ों को रखते हुए बताया कि पूर्ववर्ती यूपीए (UPA) सरकार के शासनकाल में झारखंड को रेलवे के विकास के लिए हर साल औसतन केवल 400 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बढ़ाकर अब सीधे 7500 करोड़ रुपये सालाना कर दिया है। यह भारी-भरकम बढ़ोतरी इस बात का सबूत है कि केंद्र सरकार देश के हर राज्य, विशेषकर आदिवासी बहुल क्षेत्रों के तेज गति से विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के दर्जनों रेलवे स्टेशनों का हो रहा है वर्ल्ड-क्लास कायाकल्प
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने संबोधन में आगे बताया कि केवल रेलवे लाइनों के विस्तार तक ही काम सीमित नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप झारखंड के छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों को आधुनिक हवाई अड्डों जैसी विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। 'अमृत भारत स्टेशन योजना' (Amrit Bharat Station Scheme) के तहत झारखंड के रांची, टाटानगर, धनबाद, बोकारो स्टील सिटी, जसीडीह, हटिया और गोड्डा समेत लगभग 57 से अधिक रेलवे स्टेशनों को पूरी तरह से री-डेलवप किया जा रहा है। इन स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय, एस्केलेटर, लिफ्ट, दिव्यांगजनों के अनुकूल सुविधाएं, वाई-फाई और स्थानीय संस्कृति की झलक दिखाने वाली सुंदर कलाकृतियां बनाई जा रही हैं। इससे राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी तेजी से पैदा हो रहे हैं।
झारखंड में नई रेल लाइनों का जाल, विद्युतीकरण और आदिवासी क्षेत्रों तक पहुंच रही है विकास की रफ्तार
रेलवे के बजट में हुई रिकॉर्ड वृद्धि का ही यह परिणाम है कि झारखंड के दुर्गम पहाड़ी और नक्सल प्रभावित इलाकों में भी अब रेल की पटरियां तेजी से बिछाई जा रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में राज्य के भीतर सैकड़ों किलोमीटर लंबी नई रेल लाइनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शत-प्रतिशत रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण (Electrification) किया जा चुका है। दुमका, देवघर, पलामू, कोल्हान और संताल परगना क्षेत्र के वे हिस्से जो आजादी के इतने दशकों बाद भी मुख्य रेल मार्ग से नहीं जुड़ पाए थे, उन्हें अब राजधानी दिल्ली और देश के अन्य बड़े महानगरों के साथ डायरेक्ट ट्रेनों के जरिए जोड़ा जा रहा है। मालगाड़ी के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम के लागू होने से न केवल ट्रेनों की आवाजाही समय पर हो रही है, बल्कि कोयला और खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड के उद्योगों को भी एक नई रफ्तार मिल रही है।
विपक्ष के आरोपों पर कड़ा पलटवार, आंकड़ों के जरिए केंद्र सरकार ने गिनाई झारखंड में रेलवे की उपलब्धियां
राजनीतिक गलियारों में अक्सर विपक्षी दलों द्वारा यह आरोप लगाया जाता रहा है कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ भेदभाव करती है, लेकिन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आंकड़ों के दस्तावेज पेश करते हुए इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर सबका साथ और सबका विकास की भावना के तहत झारखंड में काम किया जा रहा है। झारखंड जैसे खनिज-बहुल और प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण राज्य को देश की आर्थिक रीढ़ बताते हुए उन्होंने कहा कि जब तक राज्य का परिवहन ढांचा मजबूत नहीं होगा, तब तक देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह गति नहीं पकड़ सकती। यही वजह है कि झारखंड के रेलवे बजट में पिछले एक दशक में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसका सीधा फायदा वहां की आम जनता और युवाओं को मिल रहा है।
आने वाले समय में झारखंड के रेल यात्रियों को मिलेंगी और भी कई आधुनिक सुविधाएं और वंदे भारत ट्रेनें
रेल मंत्री ने अपने बयान के अंत में यह भी संकेत दिया कि आने वाले महीनों में झारखंड के यात्रियों को भारतीय रेलवे की तरफ से कई और नए तोहफे मिलने वाले हैं। राज्य के प्रमुख रूटों पर अत्याधुनिक और हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) ट्रेनों के फेरे और नए मार्गों का विस्तार किया जाएगा, ताकि यात्री कम से कम समय में अपनी यात्रा पूरी कर सकें। इसके अलावा पटरियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कवच (Kavach) तकनीक और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों को भी तेजी से स्थापित किया जा रहा है। रेल मंत्री का यह बयान झारखंड की जनता के लिए एक बड़ी सौगात है, जो यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार के प्रयासों से राज्य का बुनियादी ढांचा अब भविष्य की जरूरतों के हिसाब से पूरी तरह तैयार हो रहा है।