शादियों के मुहूर्त में फंसेगी बाड़ाबंदी, दीवाली के बाद 5 बड़े सावे, होटल-रिसोर्ट मिलना चुनौती

शादियों के मुहूर्त में फंसेगी बाड़ाबंदी, दीवाली के बाद 5 बड़े सावे, होटल-रिसोर्ट मिलना चुनौती

रोशनी के पावन पर्व दीवाली के समाप्त होते ही देश भर में देवउठनी एकादशी के साथ ही मांगलिक कार्यों और शादियों के सीजन की भव्य शुरुआत होने जा रही है। इस बार कार्तिक और मार्गशीर्ष महीने में दीवाली के ठीक बाद 5 बड़े और बेहद शुभ सावे (विवाह के मुहूर्त) आ रहे हैं, जिन्हें लेकर आम जनता और सर्राफा से लेकर कपड़ा बाजार तक में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। शादियों के इस महामुहूर्त के दौरान लाखों जोड़े परिणय सूत्र में बंधने जा रहे हैं, जिसकी वजह से मैरिज गार्डन, होटल, वेडिंग वेन्यू, कैटरिंग, डेकोरेशन और बैंड-बाजे की बुकिंग बहुत पहले से ही फुल हो चुकी हैं। पंडितों और ज्योतिष आचार्यों के अनुसार, इस बार ग्रहों और नक्षत्रों की ऐसी दुर्लभ स्थिति बन रही है, जिससे इन पांच सावों में विवाह करना दांपत्य जीवन के लिए अत्यंत शुभ और सुख-समृद्धिदायक माना जा रहा है।

होटल और रिसोर्ट मिलना बना सबसे बड़ी चुनौती, शादियों के महासीजन में प्री-बुकिंग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

यदि आप भी दीवाली के बाद आने वाले इन पांच सावों में अपने घर में किसी शादी-विवाह के आयोजन की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए सबसे बड़ी और प्राथमिक चुनौती मनपसंद होटल, रिसोर्ट या मैरिज गार्डन ढूंढना साबित होने वाली है। देश के प्रमुख पर्यटन शहरों जैसे जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, वाराणसी, लखनऊ, देहरादून और गोवा समेत तमाम बड़े शहरों के छोटे-बड़े रिसोर्ट्स और लक्जरी होटल कई महीनों पहले से ही पूरी तरह से पैक हो चुके हैं। जिन लोगों ने समय रहते बुकिंग नहीं कराई थी, वे अब एक अदद वेन्यू के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। मांग बहुत अधिक और आपूर्ति कम होने के कारण मैरिज गार्डन्स और होटलों के किरायों में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम परिवारों का बजट काफी हद तक प्रभावित हो रहा है।

आगामी चुनावों की हलचल और राजनीतिक बाड़ाबंदी के चलते मैरिज वेन्यूज और लक्जरी होटलों पर मंडराया संकट

शादियों के इस बंपर सीजन के बीच सबसे बड़ा और पेचीदा मोड़ उस समय आ गया है जब कई राज्यों में आगामी स्थानीय निकायों, विधानसभा या उपचुनावों की सरगर्मियां भी अचानक तेज हो गई हैं। राजनीतिक दलों द्वारा अपने प्रत्याशियों, पार्षदों या विधायकों की संभावित टूट-फूट और सेंधमारी को रोकने के लिए की जाने वाली 'राजनीतिक बाड़ाबंदी' (Political Resort Politics) ने शादी वाले परिवारों की चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है। अक्सर देखा जाता है कि चुनाव के ऐन मौके पर राजनीतिक दल शहर के प्रमुख 5 सितारा होटलों और बड़े रिसोर्ट्स को रातों-रात थोक में बुक कर लेते हैं। ऐसे में यदि सावों की तारीखों के दौरान ही बाड़ाबंदी का दौर शुरू होता है, तो पहले से बुक किए गए होटलों और वैवाहिक आयोजनों के सामने गंभीर प्रशासनिक और लॉजिस्टिक संकट खड़ा हो सकता है।

वेडिंग इंडस्ट्री में छाई भारी तेजी, कैटरिंग से लेकर फोटोग्राफी तक सब कुछ हुआ हाउसफुल

दीवाली के बाद आने वाले इन 5 सावों का सीधा और सकारात्मक असर देश की वेडिंग इंडस्ट्री और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर साफ तौर पर देखा जा रहा है। कैटरर्स, लाइट एवं साउंड डेकोरेटर्स, डीजे, वेडिंग प्लानर्स, मेक-अप आर्टिस्ट्स और प्रोफेशनल फोटोग्राफर्स की मांग इतनी अधिक बढ़ गई है कि ज्यादातर जाने-माने वेंडर अब नई बुकिंग लेने से साफ इनकार कर रहे हैं। कपड़ा मंडियों में शेरवानी, लहंगा और साड़ियों की बिक्री में रिकॉर्ड उछाल आया है, तो वहीं सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी के लिए सर्राफा बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कारोबारियों का अनुमान है कि इस साल दीवाली के बाद का यह शादी सीजन आर्थिक रूप से अब तक का सबसे बड़ा और सफल व्यापारिक सीजन साबित होगा।

ऐन मौके की अव्यवस्था से बचने के लिए आयोजकों और परिवारों को विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण सलाह

शादियों के सावों, होटलों की भारी किल्लत और राजनीतिक बैठकों या बाड़ाबंदी के इस दोहरे दबाव के बीच मैरिज एक्सपर्ट्स और इवेंट मैनेजर्स ने आम जनता को कुछ बेहद जरूरी सलाह दी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन परिवारों में दीवाली के तुरंत बाद शादी के कार्यक्रम हैं, वे अपने वेन्यू, गाड़ियों के परिवहन और कैटरिंग सर्विस प्रदाताओं से लिखित एग्रीमेंट और एडवांस पेमेंट का स्टेटस दोबारा री-कंफर्म कर लें। इसके अलावा, यदि मुख्य शहरों के बड़े रिसोर्ट्स नहीं मिल रहे हैं, तो शहर के बाहरी इलाकों, बैंक्वेट हॉलों या सामुदायिक भवनों का विकल्प चुनकर समय रहते तैयारियां पूरी कर लें। थोड़ी सी पूर्व-सावधानी और समझदारी से काम लेकर आप अपने घर के इस बड़े उत्सव को बिना किसी व्यवधान या मानसिक तनाव के बेहद यादगार और आनंददायक बना सकते हैं।