झारखंड में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची टीम पर हमला: कर्मचारियों से मारपीट, झूठे केस में फंसाने की धमकी
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत सदर थाना क्षेत्र के न्यू कॉलोनी नीमडीह में स्मार्ट मीटर लगाने गई बिजली विभाग की तकनीकी टीम पर हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ऊर्जा निगम के निर्देश पर कार्य कर रही अधिकृत एजेंसी के कर्मचारियों के साथ न केवल बदसलूकी और मारपीट की गई, बल्कि विरोध करने पर झूठे कानूनी मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई।
घटना के बाद स्मार्ट मीटरिंग का कार्य देख रही बंटेक इंडिया कंपनी के साइट इंचार्ज जीतेंद्र यादव ने सोमवार देर रात सदर थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में ट्रैक्टर व्यवसायी मनीष राम के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सहमति के बाद शुरू किया था काम, अचानक भड़क उठा व्यवसायी
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने क्षेत्र में पुराने मीटर बदलकर नए स्मार्ट मीटर लगाने की जिम्मेदारी बंटेक इंडिया कंपनी को सौंपी है। इसी प्रोजेक्ट के तहत साइट इंचार्ज जीतेंद्र यादव अपने तकनीकी सहयोगियों अभिनंदन गुप्ता और अजय सिंह के साथ सोमवार दोपहर न्यू कॉलोनी नीमडीह स्थित मनीष राम के आवास पर पहुंचे थे। शिकायत के अनुसार, टीम ने घर से बाहर आए एक व्यक्ति को स्मार्ट मीटरिंग की पूरी प्रक्रिया समझाई और मौखिक सहमति मिलने के बाद पुराने बिजली मीटर को हटाकर नया स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू कर दिया।
अथॉरिटी लेटर दिखाने के बाद भी की गाली-गलौज और मारपीट
कार्य शुरू होने के कुछ ही देर बाद मकान मालिक मनीष राम वहां पहुंचे और कर्मचारियों से पूछताछ करने लगे। टीम द्वारा प्रोजेक्ट की जानकारी दिए जाने पर वह पहले वहां से चले गए, लेकिन थोड़ी देर बाद वापस लौटकर काम कर रहे कर्मचारियों से आधिकारिक अथॉरिटी लेटर (प्राधिकार पत्र) दिखाने की मांग करने लगे। साइट इंचार्ज के मुताबिक, कंपनी का वैध अथॉरिटी लेटर दिखाने के बावजूद मनीष राम अचानक उग्र हो गए और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए काम तुरंत बंद करने का दबाव बनाने लगे।
बीच-बचाव करने पहुंचे सहयोगियों पर भी हाथ छोड़ा
स्मार्ट मीटर लगाने का कड़ा विरोध करते हुए आरोपी ने साइट इंचार्ज के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। जब उनके तकनीकी सहयोगी अभिनंदन गुप्ता और अजय सिंह मामले को शांत कराने और बीच-बचाव करने आगे आए, तो उनके साथ भी उग्र होकर हाथापाई की गई। पीड़ित कर्मचारियों का आरोप है कि घटना की शिकायत पुलिस या उच्चाधिकारियों से करने पर उन्हें महिला से छेड़छाड़ के झूठे मुकदमे में फंसा देने की सीधी धमकी भी दी गई।
कार्यपालक अभियंता के साथ थाने पहुंचे कर्मचारी, पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के तुरंत बाद तकनीकी टीम ने पूरे मामले की जानकारी विद्युत कार्यपालक अभियंता गौतम राणा को दी। इसके बाद कार्यपालक अभियंता की मौजूदगी में पीड़ित साइट इंचार्ज सदर थाना पहुंचे और आरोपी व्यवसायी के खिलाफ नामजद लिखित तहरीर दी। चाईबासा सदर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है और घटनास्थल के आसपास के साक्ष्यों के आधार पर कानूनी जांच आगे बढ़ा रही है।