कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, रेलवे ने खत्म किया ये सख्त नियम

कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, रेलवे ने खत्म किया ये सख्त नियम

भारतीय रेलवे के कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल और ड्यूटी से जुड़ी राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। बनारस रेल मंडल प्रशासन ने ड्यूटी के दौरान किसी दुर्घटना या हादसे में घायल होने वाले रेलकर्मियों के लिए 'इंजरी ऑन ड्यूटी' (IOD) फॉर्म हासिल करने की जटिल प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ बना दिया है। डीआरएम आशीष जैन ने इस संबंध में सख्त और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करते हुए सभी निगरानी अधिकारियों को पाबंद किया है कि वे घायल कर्मचारी को बिना किसी हीलाहवाली के तत्काल आईओडी फॉर्म उपलब्ध कराएंगे।

एनई रेलवे मेंस कांग्रेस ने स्थायी वार्ता तंत्र (PNM) की अहम बैठक में घायल रेलकर्मियों को कागजी प्रक्रियाओं में आने वाली दिक्कतों का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद मंडल रेल प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए यह बड़ा कर्मचारी-हितैषी फैसला लिया है।

रेलवे के स्थापित नियमों के मुताबिक, ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकलने से लेकर कार्य समाप्त कर वापस घर लौटने तक के सफर के दौरान होने वाले किसी भी हादसे को निर्धारित शर्तों के तहत 'ड्यूटी से जुड़ी दुर्घटना' माना जाता है। नए सरलीकृत नियमों के तहत सबसे बड़ी राहत यह दी गई है कि पहले आईओडी फॉर्म जमा करने के लिए दो गवाहों की जो अनिवार्य शर्त थी, उसे पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अब हादसे के शिकार पात्र कर्मचारियों की छुट्टी उनके खाते में मौजूद अर्जित अवकाश (Earned Leave) से नहीं काटी जाएगी, जिससे उपचार और रिकवरी के दौरान उनका वेतन सुरक्षित रहेगा। हालांकि, रेल प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि राहत का दुरुपयोग रोकने के लिए कर्मचारी द्वारा आईओडी फॉर्म में दी जाने वाली जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक और तथ्यात्मक होनी चाहिए; भ्रामक या झूठा दावा पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।