IAS अनु कुमारी ने हरियाणा के गांव में मौसी के घर की UPSC की तैयारी, अब केरल पर्यटन निदेशक बनीं
बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान की मदद के, एक छोटे से गांव में मौसी के साधारण से घर रहकर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली प्रशासनिक सेवा परीक्षा में परचम लहराना किसी सपने जैसा लगता है। लेकिन हरियाणा की बेटी अनु कुमारी ने अपनी कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और बुलंद हौसलों से इस असंभव से दिखने वाले सपने को सच कर दिखाया है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया सेकंड रैंक (AIR-2) हासिल कर देश भर में अपनी सफलता का डंका बजाने वाली 2018 बैच की चर्चित आईएएस अधिकारी अनु कुमारी के खाते में अब एक और बहुत बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। प्रशासनिक मोर्चे पर अपनी बेहतरीन कार्यशैली और नवाचारों के लिए पहचानी जाने वाली आईएएस अनु कुमारी को केरल सरकार ने राज्य के अति-प्रतिष्ठित 'पर्यटन निदेशक' (Tourism Director) के पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। एक छोटे से गांव की पगडंडियों से शुरू हुआ उनका यह संघर्षपूर्ण सफर आज देश की लाखों महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का बहुत बड़ा स्रोत बन चुका है।
डेढ़ साल के छोटे मासूम बच्चे को छोड़कर गांव में मौसी के घर शुरू किया था संघर्ष का सफर
आईएएस अनु कुमारी की यह सफलता केवल एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक मां के असीम त्याग और कभी न हार मानने वाले जज्बे की अमर दास्तान है। मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली अनु कुमारी ने अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद कॉरपोरेट सेक्टर में कई वर्षों तक एक अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी की। शादी के बाद जब उनका एक छोटा बेटा हुआ, तो उन्होंने अपने दिल में सालों से दबे देश सेवा और प्रशासनिक अधिकारी बनने के सपने को पूरा करने का फैसला किया। यूपीएससी की तैयारी के लिए उन्होंने अपनी कॉर्पोरेट जॉब छोड़ दी और अपने महज डेढ़ साल के मासूम बच्चे को अपनी मां के पास छोड़कर हरियाणा के एक छोटे से गांव में अपनी मौसी के घर चली गईं। गांव के शांत माहौल में उन्होंने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया और दिन में 10 से 12 घंटे लगातार पढ़ाई शुरू की।
पहले प्रयास में मामूली अंकों से छूटा सपना, लेकिन दूसरे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 2 लाकर रचा इतिहास
यूपीएससी की इस कठिन यात्रा में अनु कुमारी को अपने पहले प्रयास में बेहद निराशाजनक अनुभव का सामना करना पड़ा। महज 0.75 अंक से उनका प्रीलिम्स क्लियर होने से रह गया था। किसी भी इंसान के लिए अपने छोटे बच्चे से दूर रहकर मिली यह नाकामी तोड़ देने वाली हो सकती थी, लेकिन अनु कुमारी ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी गलतियों का विश्लेषण किया और दोगुनी ऊर्जा के साथ अपने दूसरे प्रयास की तैयारी में जुट गईं। उनकी यह अटूट तपस्या तब रंग लाई जब यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2017 का फाइनल रिजल्ट घोषित हुआ और अनु कुमारी का नाम पूरे देश में ऑल इंडिया रैंक 2 पर चमचमा रहा था। वे उस साल की महिला टॉपर बनीं और उनकी इस सफलता ने पूरे देश के प्रतियोगी छात्रों को झकझोर कर रख दिया।
केरल कैडर में मिला प्रशासनिक पद, अब मिली 'केरल पर्यटन निदेशक' की अहम और नई जिम्मेदारी
यूपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता के बाद अनु कुमारी को केरल कैडर आवंटित किया गया था। केरल में अपनी पोस्टिंग के दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों में उप-जिलाधिकारी (Sub-Collector), विकास आयुक्त और अन्य प्रशासनिक पदों पर रहते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के मोर्चों पर ऐतिहासिक काम किया। उनकी इसी बेहतरीन कार्यकुशलता और जन-समस्याओं को तुरंत हल करने की क्षमता को देखते हुए केरल सरकार ने अब उन्हें राज्य के पर्यटन विभाग की कमान सौंपते हुए 'केरल पर्यटन निदेशक' के पद पर नियुक्त किया है। 'गॉड्स ओन कंट्री' (God's Own Country) के नाम से दुनिया भर में मशहूर केरल के पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की ब्रांड वैल्यू को बढ़ाना अब अनु कुमारी के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेगा।
वर्क-लाइफ बैलेंस और महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा उदाहरण बनीं आईएएस अनु कुमारी
आईएएस अनु कुमारी का यह सफर उन सभी महिलाओं और गृहणियों को एक स्पष्ट संदेश देता है जो शादी और बच्चों के बाद अपने करियर और सपनों को विराम दे देती हैं। अनु कुमारी ने यह साबित करके दिखाया कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच भी दुनिया के सबसे बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। एक मां के रूप में अपने बच्चे के प्रति जिम्मेदारी और एक अभ्यर्थी के रूप में अपने सपने के प्रति वफादारी का जो संतुलन उन्होंने बनाकर दिखाया, वह अतुलनीय है। आज वे देश भर के प्रशासनिक हलकों में न केवल एक कुशल अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं, बल्कि विभिन्न मंचों से युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार मार्गदर्शन भी प्रदान करती रहती हैं।
यूपीएससी की तैयारी कर रहे देश के युवाओं के लिए आईएएस अनु कुमारी का सफलता का महामंत्र
केरल में नई जिम्मेदारी संभालने के साथ ही आईएएस अनु कुमारी की सफलता की गाथा एक बार फिर सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड कर रही है। देश भर से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र उनके इस सफर से प्रेरणा ले रहे हैं। अनु कुमारी का मानना है कि यूपीएससी में सफलता के लिए किसी बड़े शहर के महंगे कोचिंग इंस्टीट्यूट का होना ही सब कुछ नहीं है। अगर आपके पास सही दिशा, एनसीईआरटी (NCERT) का मजबूत आधार, नियमित उत्तर लेखन (Answer Writing) का अभ्यास और खुद पर अटूट विश्वास है, तो आप देश के किसी भी छोटे से गांव में बैठकर भी सफलता का इतिहास लिख सकते हैं।