बिना गारंटी 10 लाख का लोन और 3 लाख की सीधी स्कॉलरशिप! केंद्र सरकार की इन 4 योजनाओं ने बदल दी छात्रों की किस्मत

बिना गारंटी 10 लाख का लोन और 3 लाख की सीधी स्कॉलरशिप! केंद्र सरकार की इन 4 योजनाओं ने बदल दी छात्रों की किस्मत

कॉलेज की भारी-भरकम ट्यूशन फीस, हॉस्टल का मासिक खर्च और महंगी किताबों की लागत अक्सर आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों के होनहार विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा की राह में रोड़ा बन जाती है। सही आर्थिक सहयोग न मिलने पर कई मेधावी युवाओं को अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने की नौबत आ जाती है। इस संकट को दूर करने के लिए भारत सरकार कई ऐसी जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जहां छात्रों को रियायती दर पर बिना किसी गारंटी के एजुकेशन लोन से लेकर हर महीने पढ़ाई के लिए सीधी आर्थिक सहायता और स्कॉलरशिप दी जा रही है। अगर आप या आपके परिवार का कोई बच्चा उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहा है, तो ये चार योजनाएं भविष्य संवारने में मील का पत्थर साबित हो सकती हैं।

सबसे पहले बात करें पीएम विद्या लक्ष्मी योजना की, जो आर्थिक तंगी झेल रहे मेधावी छात्रों के लिए वरदान मानी जाती है। इस योजना के अंतर्गत देश के शीर्ष और मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों को बिना किसी संपत्ति को बंधक रखे या गारंटर के एजुकेशन लोन उपलब्ध कराया जाता है। योजना के प्रावधानों के अनुसार, जिन परिवारों की वार्षिक आय 4.5 लाख रुपये तक है, उन्हें निर्धारित शर्तों के आधार पर पूरे ब्याज पर शत-प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। वहीं 8 लाख रुपये तक की सालाना पारिवारिक आमदनी वाले छात्रों को 10 लाख रुपये तक के एजुकेशन लोन पर 3 प्रतिशत की ब्याज छूट मिलती है। इसके अलावा 7.5 लाख रुपये तक के लोन पर 75 प्रतिशत क्रेडिट गारंटी की सुरक्षा भी सरकार वहन करती है।

कॉलेज स्तर पर दाखिला लेने वाले युवाओं के लिए दूसरी प्रमुख योजना प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना (PM-USP CSSS) है। इसके तहत बारहवीं कक्षा में अपने-अपने एजुकेशन बोर्ड के शीर्ष 20 प्रतिशत मेधावी विद्यार्थियों में स्थान बनाने वाले और 4.5 लाख रुपये तक की पारिवारिक आय वाले छात्रों को स्नातक के शुरुआती तीन वर्षों तक प्रत्येक वर्ष 12 हजार रुपये की नकद छात्रवृत्ति मिलती है। परास्नातक (पोस्ट ग्रेजुएशन) में पहुंचते ही यह आर्थिक मदद बढ़कर 20 हजार रुपये सालाना हो जाती है। पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड व प्रोफेशनल कोर्स करने वाले छात्रों को भी चौथे और पांचवें साल में 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष का सहयोग प्रदान किया जाता है।

तीसरा बड़ा संबल ओबीसी, ईबीसी और गैर-अधिसूचित घुमंतू जातियों (डीएनटी) के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए पीएम यशस्वी योजना के रूप में मौजूद है। सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को मजबूती देने के उद्देश्य से कक्षा 9वीं के पात्र छात्र-छात्राओं को प्रतिवर्ष 75 हजार रुपये और 11वीं के विद्यार्थियों को 1.25 लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप दी जाती है। इसी योजना के तहत कॉलेज स्तर पर भी उच्च शिक्षा के लिए विशेष वित्तीय लाभ निर्धारित हैं, जिनका चयन पात्रता और मेरिट के आधार पर होता है।

चौथा विकल्प उन छात्रों के लिए है जो स्नातक पूरा करने के बाद मास्टर डिग्री यानी पोस्ट ग्रेजुएशन करना चाहते हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नेशनल स्कॉलरशिप फॉर पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज के जरिए देश भर के करीब 10,000 मेधावी विद्यार्थियों को मेरिट के आधार पर वित्तीय सहायता दी जाती है। नियमित रूप से मास्टर डिग्री कर रहे 30 वर्ष से कम आयु के चयनित छात्रों को दो साल के दौरान कुल 3 लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति मिलती है। इन सभी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवेदक नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) या शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी पात्रता, आय प्रमाण पत्र और जरूरी दस्तावेजों की जांच कर सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।