पंजाब में दस दिनों से रेल की पटरी पर बैठे किसानों (अन्नदाता) ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया है। इससे पंजाब रूट पर जल्द ही रेलगाड़ी यातायात बहाल होने की उम्मीद है।

जानकारी के मुताबिक, हड़ताल के चलते पंजाब रूट पर रेलगाड़ियों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। 26 दिसंबर को टोटल 180 रेलगाड़ियों को या तो कैंसिल करना पड़ा या शॉर्ट टर्मिनेट/शॉर्ट ओरिजिन किया गया।
चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ मीटिंग के उपरांत अन्नदाताओं ने ब्यास-अमृतसर रेल खण्ड पर जंडियाला-मानावाला के बीच जालंधर-पठानकोट रेल खण्ड पर टांडा उड़मड़, अमृतसर खेमकरण रेलखण्ड पर तरनतारन फिरोजपुर बठिंडा रेल खण्ड पर फिरोजपुर यार्ड में, फिरोजपुर लुधियाना रेल खण्ड पर मोगा में, फाजिल्का कोटकपूरा रेलखण्ड पर एवं जालंधर छावनी रेलवे स्टेशन से प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है।
ज्ञात करा दें कि चन्नी सरकार से मांगें मनवाने के लिए 20 दिसंबर को किसान मजदूर संगठन समिति ने रेल रोको अभियान शुरू किया था। शुरु शुरु में किसान-मजदूर चार स्थानों पर रेल की पटरी पर बैठे थे। तत्पश्चात उन्होंने धरना तेज कर दिया और वे जालंधर कैंट समेत सात जगहों पर विरोध प्रदर्शन करने लगे।
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