
Up Kiran, Digital Desk: दुनियाभर में एमपॉक्स का खतरा अभी भी बना हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई महीने में 47 देशों में कुल 3,924 कन्फर्म्ड मामले सामने आए हैं, जिनमें 30 लोगों की मौत भी हो गई है।
यह रिपोर्ट बताती है कि मंकीपॉक्स वायरस (MPXV) के सभी प्रकार कई देशों में फैल रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर एमपॉक्स के प्रकोप को जल्दी से नहीं रोका गया और इंसानों के बीच इसके संक्रमण को नहीं तोड़ा गया, तो यह समुदाय में लगातार फैलता रहेगा।
जुलाई में सेनेगल में पहली बार एमपॉक्स का मामला सामने आया। तुर्किये में भी पहली बार क्लैड Ib MPXV के कारण एमपॉक्स के मामले दर्ज किए गए। वहीं, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में क्लैड IIb MPXV के कारण एमपॉक्स के पहले मामले सामने आए हैं।
इसके अलावा, जुलाई में दक्षिण-पूर्व एशियाई और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्रों में मामलों में वृद्धि देखी गई, जबकि अफ्रीकी क्षेत्र, यूरोपीय क्षेत्र और अमेरिकी क्षेत्र में कमी आई। WHO के मुताबिक, पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र में जुलाई में कोई भी एमपॉक्स का मामला सामने नहीं आया।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अफ्रीका के 21 देशों में पिछले छह हफ्तों से एमपॉक्स का संक्रमण जारी है। केन्या में सामुदायिक संक्रमण जारी है और 2025 के दौरान कन्फर्म्ड मामलों में धीरे-धीरे वृद्धि देखी जा रही है। मामले मुख्य रूप से युवाओं में सामने आ रहे हैं, और एचआईवी से पीड़ित लोगों में एक को छोड़कर सभी मौतें हुई हैं।
इस बीच, चीन, जर्मनी, तुर्किये और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों ने जून से क्लैड Ib MPXV के कारण एमपॉक्स के अतिरिक्त मामलों की सूचना दी है। WHO की रिपोर्ट के अनुसार, ये मामले यात्रा से जुड़े हुए हैं और क्लैड Ib MPXV का सामुदायिक संक्रमण केवल मध्य और पूर्वी अफ्रीका के देशों में ही जारी है।
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