अंकिता भंडारी मर्डर केस: इंसाफ की मांग लेकर इंडिया गेट पहुंचे माता-पिता, तड़के सुबह पुलिस ने लिया हिरासत में
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की गुहार लगाते हुए देश की राजधानी दिल्ली पहुंचे पीड़िता के माता-पिता को गुरुवार तड़के इंडिया गेट पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने संक्षिप्त समय के लिए हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों को सुबह करीब 4 बजे धरना स्थल से हटाया गया और लगभग 5 बजे रिहा कर दिया गया। अंकिता के परिजनों का विरोध सिक्किम के नवनियुक्त राज्यपाल के खिलाफ है। परिजनों की स्पष्ट मांग है कि जब तक पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच मुकम्मल नहीं हो जाती, तब तक इस संवैधानिक पद पर की गई नियुक्ति को तुरंत प्रभाव से रोका जाए।
हिरासत से छूटने के बाद समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में अंकिता की मां ने साफ लहजे में चेताया कि अगर प्रशासन उन्हें इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज नहीं कराने देगा, तो वे अपने घर लौटकर आमरण अनशन शुरू करेंगी। वहीं अंकिता के पिता ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि यह नियुक्ति निरस्त नहीं की गई, तो देशभर के लोग इंसाफ के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। गौरतलब है कि ऋषिकेश के वनंतरा रिसॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी, जिसमें रिसॉर्ट संचालक पुलकित आर्य समेत तीन दोषियों को अदालत उम्रकैद की सजा सुना चुकी है।
इस पूरे घटनाक्रम पर सियासी पारा भी चढ़ गया है। कांग्रेस पार्टी ने पीड़िता के माता-पिता के आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने युवतियों के साथ बदसलूकी की और उन्हें जबरन घसीटा। इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उनके संघर्ष को अपना समर्थन दिया था। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर राहुल गांधी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी के न्याय की आस में घर से सैकड़ों मील दूर इंडिया गेट पर बैठने को मजबूर हैं और पूरी कांग्रेस पार्टी उनके इस दुख व इंसाफ की लड़ाई में मजबूती से साथ खड़ी है।