इंडिया-यूएस डील पर बड़ा ब्रेकथ्रू! बाजार खोलने से लेकर डिजिटल ट्रेड तक बनी सहमति

इंडिया-यूएस डील पर बड़ा ब्रेकथ्रू! बाजार खोलने से लेकर डिजिटल ट्रेड तक बनी सहमति

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए चल रही बातचीत में एक बड़ी और सकारात्मक कामयाबी मिली है। दोनों देशों ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के मुख्य और जटिल मुद्दों की व्यापक समीक्षा की है। इस हाई-लेवल बैठक में दोनों महाशक्तियों के बीच बेहतर बाजार पहुंच (मार्केट एक्सेस), डिजिटल व्यापार को रफ्तार देने, मजबूत सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) तैयार करने और व्यापार के रास्ते में आने वाली गैर-शुल्क बाधाओं (Non-Tariff Barriers) को कम करने जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर सहमति बनी है। बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में इस प्रगति की पुष्टि की गई है।

गोयल और जेमीसन ग्रीर की बैठक में बनी बात

इस ऐतिहासिक व्यापारिक प्रगति की रूपरेखा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमीसन ग्रीर के बीच दो दिनों तक चली गहन मंत्रिस्तरीय बैठक में तैयार हुई। इस बैठक के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने पिछले कुछ महीनों में अपनी वार्ता टीमों द्वारा हासिल की गई प्रगति का बारीकी से आकलन किया। साथ ही, लंबे समय से लंबित पड़े संवेदनशील मुद्दों को सुलझाने और आगे बढ़ने के व्यावहारिक रास्तों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द मिलेगा अंतिम रूप

वाणिज्य मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरी बातचीत का मुख्य फोकस एक 'अंतरिम व्यापार समझौते' (Interim Trade Agreement) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देना रहा। इस अंतरिम समझौते को एक पूर्ण और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भारत और अमेरिका दोनों ने एक ऐसे समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है जो पूरी तरह संतुलित हो, व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक हो और दोनों देशों के उद्योगपतियों, किसानों, श्रमिकों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं के लिए भी बेहद लाभकारी साबित हो।

रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती

आधिकारिक बयान में इस बात का विशेष उल्लेख किया गया है कि इस चर्चा के दौरान सिर्फ पारंपरिक व्यापार ही नहीं, बल्कि भविष्य के रणनीतिक क्षेत्रों (Strategic Sectors) में भी आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। इसके तहत व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार करना (Ease of Doing Business) बेहद आसान हो जाएगा। इस कदम से भारत और अमेरिका की आर्थिक साझेदारी को एक नया और मजबूत आधार मिलने की उम्मीद जताई गई है।

$130 अरब पार पहुंचा व्यापार, अब रोजगार और निवेश की बारी

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते पहले से ही रिकॉर्ड स्तर पर चल रहे हैं। भारत सरकार और अमेरिकी आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 130 अरब डॉलर (Over $130 Billion) के आंकड़े को पार कर चुका है। ऐसे समय में इस प्रस्तावित नए व्यापार समझौते को दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस डील के पूरी तरह लागू होने के बाद दोनों देशों में बड़े पैमाने पर नया निवेश आएगा, निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।